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"जहीर खान मुसलमान नहीं है।"

"वो इतना कमजोर है कि वो अपनी हिन्दू बीवी को मुसलमान नहीं बना सका।"

जहीर खान ने मनाया गुड़ी पड़वा तो भड़के मुस्लिम कट्टरपंथी।

कमेंट में जहीर खान को दी गंदी-गंदी गालियां।

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"जहीर खान मुसलमान नहीं है।"

"वो इतना कमजोर है कि वो अपनी हिन्दू बीवी को मुसलमान नहीं बना सका।"

जहीर खान ने मनाया गुड़ी पड़वा तो भड़के मुस्लिम कट्टरपंथी।

कमेंट में जहीर खान को दी गंदी-गंदी गालियां।

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झारखंड से सामने आया लैंड जिहाद का मामला...

भारतीय सेना की जमीन पर कट्टरपंथियों ने किया कब्जा...

टोली हेसाग मैदान में बनाई कट्टरपंथियों ने अवैध दीवार... !

तारीख 13 अप्रैल 1919, बैसाखी का त्योहार,

जब अंग्रेजी हुकूमत के गोलियों की तड़तड़ाहट से जलियांवाला बाग गूंज उठा,

भारत के इतिहास का सबसे क्रूरतम नरसंहार, लाशों से पट गया था जलियांवाला बाग का मैदान,

उस दिन बैसाखी थी। जलियाँवाला बाग में एक सभा रखी गई थी जिसमें कुछ नेता भाषण देने वाले थे। शहर में उस समय कर्फ्यू लगा हुआ था फिर भी बहुत से लोग बैसाखी का मेला देखने अपने परिवार के साथ बाहर निकले हुए थे। इस दौरान जब वहां रौलेट एक्ट के खिलाफ हो रही सभा पर नजर गई तो कई लोग वहाँ शामिल हो गये। जलियाँवाला बाग में उस समय काफी रोड़ियां पड़ी हुई थीं जिन पर नेता खड़े होकर भाषण दे रहे थे तभी ब्रिगेडियर जनरल डायर वहाँ पहुँचा और यह सब देखा तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। जनरल डायर के साथ 90 ब्रिटिश सैनिक थे। नेताओं ने राइफलें लेकर वहाँ पहुँचे सैनिकों को देखा तो लोगों से शांत बैठे रहने को कहा लेकिन जनरल डायर वहाँ कुछ और ही सोच कर आया था उसने सैनिकों से कहा कि चारों ओर घेरा बना लो और उसके बाद उसने फायरिंग के निर्देश दे दिये। सैनिकों ने मात्र 10 मिनट के अंदर 1650 राउंड गोलियाँ चलाईं। इसमें गोलीबारी में 1000 से ज्यादा लोग मारे गए व 2000 से ज्यादा लोग घायल हुए।

गोलियां चलते ही वहाँ अफरातफरी की स्थिति हो गयी और लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। इस दौरान हुई भगदड़ में भी कई लोग मारे गये। जलियांवाला बाग उस समय मकानों के पीछे पड़ा एक खाली मैदान था और वहाँ तक जाने या बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक संकरा रास्ता था और चारों ओर मकान थे। भागने का कोई रास्ता नहीं था इसलिए फायरिंग के समय कुछ लोग जान बचाने के लिए मैदान में मौजूद कुएं में कूद गए। लेकिन अधिकतर लोगों के ऐसा करने से कुआं देखते ही देखते लाशों से भर गया। उस समय चूंकि शहर में क‌र्फ्यू लगा हुआ था इसलिए घायलों को इलाज के लिए कहीं ले जाया नहीं जा सका। लोगों ने वहीं तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

21 साल बाद सरदार उधम सिंह ने लिया जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला :

जलियांवाला बाग में हुए नरसंहार के दौरान वहां 20-21 साल का एक नौजवान भी मौजूद था। नाम था ऊधम सिंह। अनाथालय में पले-बढ़े ऊधम सिंह ने अंग्रेज अफसर जनरल डायर की करतूत अपनी आंखों से देखी तो उनके सीने में बदले की ज्वाला धधकने लगी। पंजाब के साथ ही पूरा देश भी इस घटना के कारण गुस्से में था। उधर, ऊधम सिंह ने ठान लिया कि इतने लोगों की मौत के जिम्मेदार जनरल डायर को अपने हाथों से मारेंगे। इसके बाद देश की आजादी की लड़ाई लड़ रहे क्रांतिकारियों के साथ हो लिए।

ऊधम सिंह पहले गदर पार्टी में शामिल हुए। फिर आजाद पार्टी नाम से अपनी पार्टी बनाई और अपने लक्ष्य की ओर धीरे-धीरे बढ़ने लगे। इसी बीच शहीद भगत सिंह से उनकी मुलाकात हुई। उधर, जनरल डायर को मारने की इच्छा मन में और बलवती होती जा रही थी। इसलिए संसाधन जुटाने शुरू किए।

वेश बदलकर नैरोबी, अफ्रीका, ब्राजील आदि होते हुए साल 1934 में ऊधम सिंह लंदन पहुंच गए। वहां एक कार और एक रिवाल्वर खरीदी।

यह 13 मार्च 1940 की बात है। जलियांवाला बाग हत्याकांड के 21 साल पूरे हो चुके थे। लंदन स्थित रॉयल सेंट्रल एशियन सोसाइटी के कॉक्सटन हॉल में एक आयोजन था। इसमें माइकल डायर को भी भाषण देना था। एक किताब में रिवाल्वर छिपाकर ऊधम सिंह वहां पहुंच गए। अपने भाषण में माइकल डायर ने एक बार फिर जलियांवाला बाग हत्याकांड का जिक्र किया और उसने कहा कि मौका मिले तो वह दोबारा जलियांवाला बाग नरसंहार को दोहराएगा। इतना सुनते ही ऊधम सिंह ने अपने रिवाल्वर की गोलियां उस पर बरसा दीं। 21 साल पुरानी कसम पूरी कर ऊधम सिंह मुस्कराते हुए वहीं खड़े रहे। बड़ी हिम्मत कर अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार किया और 31 जुलाई 1940 को लंदन में फांसी पर चढ़ा दिया।

1997 में महारानी एलिज़ाबेथ ने इस स्मारक पर मृतकों को श्रद्धांजलि दी थी और 2013 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरॉन भी इस स्मारक पर आए थे। विजिटर्स बुक में उन्होंने लिखा कि "ब्रिटिश इतिहास की यह एक शर्मनाक घटना थी।" आज भी इस घटना में मारे गये लोगों के प्रति देश में दुःख और हमदर्दी है।

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क्या "डियो लगाने से, लड़किया भागी चली आती हैं तुम्हारे पास ?

क्या "एनर्जी ड्रिंक्स पीने से बच्चे मजबूत होते हैं ?

क्या "शाहरूख गुटखा खाता है, तभी वह हीरो है ?

क्या "रिफाइंड तेल खाना हार्ट के लिए अच्छा है ?

क्या आलिया और करीना लक्स से नहा कर चमकने लगती है ?

क्या 'फेयर एन्ड हैंडसम' क्रीम से कोई साँवला व्यक्ति गोरा हो सकता है या सामान्य व्यक्ति हृतिक रोशन जैसा दिख सकता है?

क्या 'मसल ब्लेज' टेबलेट्स खाने से मसल्स बन जाते हैं, मसल्स चमकने लगते हैं?

विज्ञापन क्या सिर्फ बाबा रामदेव और पतंजलि ने ही दिए? और कोई नहीं देता?

क्या कारण है कि अब कॉलगेट भी खुद को 'हर्बल' लिखने लगा है?

क्या कारण है कि एलोपैथिक कंपनियाँ तुलसी का इस्तेमाल कर रही हैं कफ - सिरप में?

अगर योग और आयुर्वेद भ्रामक है, तो फिर गारंटी कौन देता है?

कौन सी कंपनी भ्रामक विज्ञापन नहीं देती? एक कंपनी का नाम बताइए जो अपने प्रोडक्ट के बारे में झूठ नहीं बोलती। विज्ञापन का पूरा कोरोबार झूठ और अतिरेक पर टिका है।।

बात सिर्फ इतनी है कि.. एक हिंदू बाबा ने बिजनेस कैसे कर लिया, पच नहीं रहा है वामपंथियों को !!
🙄🤨🫤☹️

#babaramdev
#patanjaliayurved
#patanjali #ramdevbaba
#aatmanirbharbharat

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PM मोदी की रैली में उमड़ा जनसैलाब।

3 लाख से ज्यादा लोग बाड़मेर में PM मोदी को सुनने पहुंचे।

#हरियाणा के #यमुनानगर में #ईद के दिन मन्दिर में शराब औऱ मांस लेकर घुसे वाहिद,ताहिर,अकरम को ग्रामीणों ने पकड़ा।

लेकिन उल्टा हरियाणा पुलिस ने ग्रामीणों पर ही FIR दर्ज कर लिया मुस्लिमो के दबाव मे
ये क्या हो रहा है हरियाणा मे

ब्रेकिंग: उत्तराखंड के रूड़की में एक प्ले स्कूल के नाबालिग छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करने के बाद अभिभावकों और बजरंग दल का भारी आक्रोश।

प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों और बजरंग दल के महानायकों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है

औवैसी ने कहा “ग़ाज़ी” बनो, मतलब गैर हिंदुओ को मार कर इस्लाम का राज स्थापित करो।
इस पर मैं आज दूसरा बिंदास बोल करूँगा।