Keşfedin Mesajları

Keşfet sayfamızdaki büyüleyici içeriği ve farklı bakış açılarını keşfedin. Yeni fikirleri ortaya çıkarın ve anlamlı konuşmalara katılın

2 yıl - çevirmek

द गाज़ी अटैक। 2017 में आज ही के दिन रिलीज़ हुई थी ये फिल्म। एक बेहतरीन फिल्म जिसे देखा जाना चाहिए। हालांकि ये बात भी माननी चाहिए कि फिल्म को और अच्छे से बनाया जा सकता था। फिल्म को डायरेक्ट किया था संकल्प रेड्डी ने। फिल्म में राना दगुबत्ती, के.के.मेनन, मिलिंद गुनाजी, तापसी पन्नू, अतुल कुलकर्णी, नस्सार, राहुल सिंह, थिरूवीर व कई दूसरे नामी कलाकार थे। किसी ने देखी है ये फिल्म? #theghaziattack #pnsghazi

image
2 yıl - çevirmek

आजतक के गांधी जी
अपनी दो सेविकाओं के साथ

image
2 yıl - çevirmek

पाटण की रानी #रुदाबाई जिसने सुल्तान बेघारा के सीने को फाड़ कर 👉#दिल निकाल लिया था, और कर्णावती शहर के बीच में टांग दिया था, और धड से #सर अलग करके पाटन राज्य के बीचोबीच टांग दिया था।
गुजरात से कर्णावती के राजा थे, #राणा_वीर_सिंह_वाघेला( #सोलंकी ), इस राज्य ने कई तुर्क हमले झेले थे, पर कामयाबी किसी को नहीं मिली, सुल्तान बेघारा ने सन् 1497 पाटण राज्य पर हमला किया राणा वीर सिंह वाघेला के पराक्रम के सामने सुल्तान बेघारा की 40000 से अधिक संख्या की फ़ौज
२ घंटे से ज्यादा टिक नहीं पाई, सुल्तान बेघारा जान बचाकर भागा।
असल मे कहते है सुलतान बेघारा की नजर रानी रुदाबाई पे थी, रानी बहुत सुंदर थी, वो रानी को युद्ध मे जीतकर अपने हरम में रखना चाहता था। सुलतान ने कुछ वक्त बाद फिर हमला किया।
राज्य का एक साहूकार इस बार सुलतान बेघारा से जा मिला, और राज्य की सारी गुप्त सूचनाएं सुलतान को दे दी, इस बार युद्ध मे राणा वीर सिंह वाघेला को सुलतान ने छल से हरा दिया जिससे राणा वीर सिंह उस युद्ध मे वीरगति को प्राप्त हुए।
सुलतान बेघारा रानी रुदाबाई को अपनी वासना का शिकार बनाने हेतु राणा जी के महल की ओर 10000 से अधिक लश्कर लेकर पंहुचा, रानी रूदा बाई के पास शाह ने अपने दूत के जरिये निकाह प्रस्ताव रखा,
रानी रुदाबाई ने महल के ऊपर छावणी बनाई थी जिसमे 2500 धर्धारी वीरांगनाये थी, जो रानी रूदा बाई का इशारा पाते ही लश्कर पर हमला करने को तैयार थी, सुलतान बेघारा को महल द्वार के अन्दर आने का न्यौता दिया गया।
सुल्तान बेघारा वासना मे अंधा होकर वैसा ही किया जैसे ही वो दुर्ग के अंदर आया राणी ने समय न गंवाते हुए सुल्तान बेघारा के सीने में खंजर उतार दिया और उधर छावनी से तीरों की वर्षा होने लगी जिससे शाह का लश्कर बचकर वापस नहीं जा पाया।
सुलतान बेघारा का सीना फाड़ कर रानी रुदाबाई ने कलेजा निकाल कर कर्णावती शहर के बीचोबीच लटकवा दिया।
और..उसके सर को धड से अलग करके पाटण राज्य के बीच टंगवा दिया साथ ही यह चेतावनी भी दी की कोई भी आक्रांता भारतवर्ष पर या हिन्दू नारी पर बुरी नज़र डालेगा तो उसका यही हाल होगा।
इस युद्ध के बाद रानी रुदाबाई ने राजपाठ सुरक्षित हाथों में सौंपकर कर जल समाधि ले ली, ताकि कोई भी तुर्क आक्रांता उन्हें अपवित्र न कर पाए।
ये देश नमन करता है रानी रुदाबाई को, गुजरात के लोग तो जानते होंगे इनके बारे में। ऐसे ही कोई क्षत्रिय और क्षत्राणी नहीं होता, हमारे पूर्वज और वीरांगानाऐं ऐसा कर्म कर क्षत्रिय वंश का मान रखा है और धर्म बचाया है।

image

image

image

image

image

image

image