Entdecken BeiträgeEntdecken Sie fesselnde Inhalte und vielfältige Perspektiven auf unserer Discover-Seite. Entdecken Sie neue Ideen und führen Sie bedeutungsvolle Gespräche
**रिश्ते**
गुड़ जैसी मिठास रिश्तों में लेकर आना है, बहुत कठिन है पर सबका साथ निभाना है! चंद लोगों की बातों में आ रिश्ते नही गंवाना है, अपनी सूझबूझ से हमें रिश्ते को सजाना है!
इस भागमभाग दुनिया में रोज समय किसके पास है, चंद लोगों में सिमट गई दुनिया ही अब उनके लिए खास है! रिश्तेदार तो किसी संकट या समारोह मे मिल पाते है, उसमे भी कुछ रिश्ते अहं की बली चढ़ जाते हैं!
बहकावे और चंद पुरानी कड़वी यादों को दिल में बसा लेते हैं, कुछ लोग अपनी संकुचित मानसिकता के खातिर रिश्तों को गंवा देते हैं! आओ नाम के लिए नही दिल से रिश्ते निभाते है, अपनो की अच्छी बात याद रख बाकी सब भूल जाते हैं!
"पल पल मिट रहा शरीर एक दिन मिट्ठी में मिल जाना है, तुम्हारा पैसा, तुम्हारा घर धरती पर यूहीं रह जाना है! क्यों किसी की बुराई कर अपनी जुबाँ को बुरा बनाये, चलाने दो उसे दुनिया मतलब से हम प्यार से चलाये !"
शब्द और मौन *
** शब्द हमें दुनिया से जोड़ते है और मौन हमें खुद से जोड़ता है ! माना कि शब्द हमें अज्ञान के रेगिस्तान को पार करवाने में मदद करते हैं परन्तु आत्मानुभव की प्रथम सीढी है मौन !*
* भीतर का मौन वाणी के नियंत्रण के लिये बहुत जरूरी है ! जैसे ही वाणी अनुशासित होती है हमारा मुँह प्रतिकूल शब्द फेंकना बंद कर देते हैं !*
* शब्द भी भीतर से उछाल मारते हैं और बाहर आकर निंदा के रूप में बिखर जाते हैं! ऐसे शब्दों के रुख को अपनी ओर मोड़ देंगे तो हमें आत्म विश्लेषण का अवसर मिल जाऐगा !*
*शब्दों की भीड़ एवं विचारों के जमघट ने इंसानों के आत्मा की छवि को धूमिल कर दिया है ! अपनी आत्म छवि निखारने हेतु चिंतन करना कि "मेरा मूल रूप शांत है" ! छिछोरे मन और शब्दों की भीड़ ने उसे अशांत बना दिया ! जीवन में मौन को स्थान देनेके लिये हमें "ॐ शांति" शब्द का प्रयोग बार-बार करना चाहिये !*
*यदि किसी ने कड़वे वचन बोल दियो तो मन में कहो "ॐ शांति" !*
* तनाव है नींद नहीं आ रही तो बोलो "ॐ शांति" !*
*"ॐ शांति" शब्द हमे स्वयं से मिलाता है, इससे मन गहरा होता है
और शब्दों की कल्याणकारी ऊँचाई भी बढ़ती हैं !