Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की धर्मपत्नी राजमाता हेलेना के वंशज हल्दिया मौर्य लोग हल्दी की तरह गोरे रंग के कारण, हार्डिया, हल्दिया आदि कहे गए है। हेलेना के बेटे का नाम जस्टिन मौर्य था। जो एक विद्वान लेखक बना। जस्टिन मौर्य की संतानें मूल रूप से अधिक गोरी थी। लेकिन सभी मौर्य जाती और उपजातियों में अंतर्विवाह के कारण सब मौर्य घुल मिल गए।
जस्टिन बिन्दुसार से बड़े नहीं थे। वह हो ही नहीं सकता था। चन्द्रगुप्त की पहली पत्नी की मृत्यु बिन्दुसार को जन्म देते समय 320 ईसा पूर्व में हो गई थी। चंद्रगुप्त ने 15 साल बाद 305 ईसा पूर्व में हेलेन से शादी की और उनसे जस्टिन का जन्म हुआ। वह बिन्दुसार से कम से कम 20 वर्ष छोटा होना चाहिए।
हेलेना एक पतिव्रता और समझदार स्त्री थी। ऐसा कोई दृष्टांत नही मिलता की उसने मौर्य वंश के विरुद्ध किसी प्रकार का कोई राजनैतिक षड्यंत्र किया हो। वो दो महान सभ्यताओं को मिलाने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी थी। उसके समय मे कई यूनानी भारत आये और यहीं पर बस गए। ऐसा ही एक ग्रीक था हेलियोडोरस जो मध्यप्रदेश के विदिशा में बस गया था और उसने एक स्तम्भ का निर्माण करवाया था जिसे उसी के नाम से जाना जाता है। आप कभी विदिशा जाएं तो जरूर देखें।