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डरावना !
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शाहिद के बेटे समीर ने चार साल की हिंदू दिव्यांग बेटी का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया
समीर ने मंदिर से छोटी लड़की का अपहरण कर लिया, उसे गन्ने के खेतों में ले गया, बलात्कार किया और उसे मरा हुआ समझकर वहीं छोड़ दिया
जेहादी समीर आदतन अपराधी है, उसने दिसंबर 2021 में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया था लेकिन 2 साल के भीतर जेल से बाहर आ गया।
बम बनाने वाले की मदरसा की जाँच के लिए बिहार का दौरा….
बिहार के सारण (छपरा) के मोतीराजपुर गाँव में अवैध ढंग से चल रहे मदरसा दारूल उलूम बरकतिया रिजविया गुलशन ए बग़दाद में बम बनाते समय धमाका हो गया जिसमें मुज़फ़्फ़रपुर से वहाँ ला कर रखे गए एक बच्चे को गम्भीर चोटें आयीं हैं उसका ऑपरेशन हुआ है वो पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती है वहाँ बालक व उसके पिता से भेंट की
बम बना रहे अथवा बच्चों को बम बनाना सिखा रहे(तथ्य पुलिस जाँच के अधीन) मौलाना इमामउद्दिन की मौत हो गयी,मदरसे में 15 बच्चे थे बाक़ी 14 बच्चे ग़ायब कर दिए गए हैं,अधिकतर बच्चे कटिहार के रहने वाले हैं ।
दो मौलाना और थे जो कि फ़रार हैं मदरसे का सदर भी फ़रार है,मदरसा अवैध है सरकार के पास उसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
हमको वहाँ क्रूड बम बनाने में इस्तेमाल करने के लिए रखे हुए एक पोलीथीन में बंद बंदूक़ वाले छर्रे व नुकीली सुइयाँ मिलीं हैं,पुलिस को ज़ब्ती बनाने के लिए निर्देशित किया है।
पुलिस ने बच्चे को आरोपी बना लिया है जो कि प्रथम दृष्टया अतिशयोक्तिपूर्ण प्रतीत होता है क्यूँकि बच्चे तो मदरसे में दीनी तालीम के लिए दाखिल थे ऐसे में मदरसे वाले मौलवी यदि बच्चों से बम बनवाए तो विधि के अनुसार मदरसा संचालकों पर कार्यवाही होनी चाहिए।
कुछ धार्मिक झंडे व साहित्य भी मिला है कट्टरपंथी गतिविधियों के अलावा चूँकि यहाँ चुनाव भी चल रहा है इसलिए बच्चों का इस्तेमाल कर बनाए गए बम का उपयोग चुनाव को प्रभावित करने के लिए किए जाने की सम्भावना पर भी जाँच करने के निर्देश दिए हैं।
बच्चे के समुचित इलाज व पुनर्वास व मुआवज़े के निर्देश भी दिए गए हैं।
नरेंद्र मोदी को तानाशाह कहने वाले लोगों को 18 मई 2020 कि यह घटना याद है कि भूल गए ?
आंध्र प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल में एक दलित डॉक्टर सुधाकर राव डॉक्टर के पद पर तैनात थे
उस वक्त कॉविड अपने चरम पर था
आंध्र प्रदेश सरकार ने जो PPE किट उन्हें दिए थे वह एकदम घटिया क्वालिटी के थे
उन्होंने इस घटिया क्वालिटी के PPE किट को लेकर स्वास्थ्य विभाग की मीटिंग में सवाल उठाया तो तुरंत ही उन्हें सरकारी अस्पताल से किसी खूंखार अपराधी की तरह उठाया गया उनके कपड़े उतार कर नंगा किया गया और सड़क पर उन्हें पुलिस से पिटवाया गया
उनके हाथ हथकड़ी से पीछे बांध दिए गए उनकी परेड निकाली गई और तीन दिन हवालात में रखने के बाद उन्हें जबरदस्ती पागल खाने भेज दिया गया
जो व्यक्ति कुछ घंटे पहले लोगों का इलाज कर रहा था उसे पागल घोषित करके पागल खाने भेज दिया फिर इतना ही नहीं डॉक्टर सुधाकर राव को सस्पेंड कर दिया गया
कल डॉक्टर सुधाकर राव को न्याय मिला कोर्ट ने न सिर्फ उनकी नौकरी बहाल की बल्कि राज्य सरकार को उन्हें हर्जाना देने को कहा और उन सभी जवाबदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा जो उन्हें बुरी तरह से पीटे थे
कोई भी विपक्ष का नेता इस घटना पर नहीं बोल रहा लेकिन इन दोगलों के लिए तानाशाह तो मोदी है