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घायल तो यहां हर एक परिंदा है,
लेकिन जो फिर से उड़ा वही तो जिंदा है..
दया अगर लिखने बैठू होते हैं अनुवादित राम
रावण को भी नमन किया ऐसे थे मर्यादित राम