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सभी मर्द एक जैसे होते हैं🧐
कौन मर्द ?
जो बाप बनकर ताउम्र तुम्हारी हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी ख्वाहिशों को पूरी करता है,जिसे अपने फटे हुए जूते सिलवाने याद रहे ना रहे लेकिन अपनी बिटिया के लिए स्कूल ड्रेस खरीदना कभी नहीं भूलता है जो महज तुम्हारी छोटी सी इलेक्ट्रॉनिक गुड़िया और एक तुम्हारी पहली स्कूटी और साइकिल के लिए रोज 4 घंटे ओवरटाइम के नाम पर घर लेट आया करता है तुम उसी मर्द की बात कर रही हो ना?
सभी मर्द एक जैसे होते हैं।
कौन मर्द ?
वही मर्द ना ,जो भाई बनकर ताउम्र अपनी ख्वाहिशों को मार कर अपने सारे खिलौने तुम्हे दे दिया करता है, तुम्हें डांट ना पड़े इसलिए अपने बाप से मार भी खा लिया करता है, लाख लापरवाह रहे हो वो, लेकिन तुम्हारे एक तरफ उठने वाली हर एक नजर को वह फोड़ दिया करता है वही मर्द ना जो जिंदगी भर पागलों की तरह हंसता रहता है लेकिन तुम्हारी विदाई में फूट फूट कर रोया करता है वही मर्द ना जो जिंदगी के भाग दौड़ में सबसे दूर भाग कर तुम्हारे एक फोन कॉल का इंतजार करता है तुम उसे मर्द की बात कर रही हो ना?
सभी मर्द एक जैसे होते हैं।
कौन मर्द ?
वही मर्द ना जो पति बनकर अपने लड़कपन को एक ही झटके में खत्म कर देता है 80 की रफ्तार से चलाने वाला बाइक अचानक से 40 की रफ्तार में अपने जिम्मेदारियों को थाम लेता है मंगलसूत्र का पहचान वह मर मर्द ता उमर तुम्हारी छोटी छोटी ख्वाहिशों के लिए अपने हर बड़े बड़े अरमानों को मार दिया करता है तुम उसी मर्द की बात कर रही हो ना जो पति बनकर हर उम्र में एक दोस्त की तरह तुम्हारा साथ दिया करता है बोलो ना तुम उसी की बात कर रही हो ना?
सभी मर्द एक जैसे होते हैं
कौन मर्द ?
वही मर्द ना जो प्रेमी बनकर पूरी दुनिया को भूलाकर बस तुमसे मोहब्बत करता है तुम्हारे हर झूठे तुम्हारे हर कहानी की बातों को सच मानकर तुमसे बेइंतेहा इश्क करता है वह तुम्हारी झूठ में भी खुद के लिए सच खोज लिया करता है तुम्हारी एक मुस्कान के लिए अपना सब कुछ निछावर कर दिया करता है तुम उसी मर्द की बात कर रही हो ना जो प्रेमी बनकर अपनी प्रेमिका के लिए पूरी दुनिया से लड़ जाया करता है अरे बोलो ना, अरे चुप क्यों हो, बताओ ना की बात कर रही हो ना?
सभी मर्द एक जैसे होते हैं ।
कौन मर्द ??
वही मर्द ना जो दोस्ती के रिश्ते में एक दोस्त बनकर तुम्हें परिवार का हिस्सा मान लेता है जो तुम्हें पिज़्ज़ा खिलाने के लिए खुद के लिए बल्ला खरीदने का पैसा निकाल कर तुम्हें पिज्जा खिला देता है, वही मर्द ना जो मात्र दोस्ती का रिश्ता होने के बावजूद भी पूरी दुनिया से तुम्हारे लिए लड़ जाया करता है तुम्हें सब से बचाता है तुमसे हमेशा गाली खाता है लेकिन तुम्हारी आंखों में कभी आंसू नहीं आने देता वही मर्द ना जो तुमसे लड़ता है झगड़ते है तुम्हें रुलाता है और फिर तुम्हें हंसाने के लिए खुद जोकर बन जाया करता है बताओ ना तुम उसी मर्द की बात कर रही हो ना?
सभी मर्द एक जैसे ही होते है
कौन मर्द ??
वही मर्द जो एक बेटा बन कर हमेशा अपनी मां का ढाल बन कर खड़ा रहता है वही मर्द जिसकी हर तम्माना को पूरी करने के लिए मां रात भर जागती है और मां के बुढ़ापे में वही लड़का एक ढाल बन कर मां की सेवा करता है मां के लिए उसका बेटा ही सबसे बेहतर होता है मां के लिए उसका बेटा ही हीरो है , हां ये बात सही है कि शादी होने के बाद वही कुछ बेटे अपनी मां को घर से निकाल कर वृद्ध आश्रम में भेज देते है लेकिन उनके इस कुकर्म के लिए क्या सिर्फ मर्द ही जिमेद्दार होते है लेकिन इन सब से दूर हिंदुस्तान के आज भी हर घर में श्रवण कुमार जैसे बेटे रहते है जिनके लिए उनकी मां ही उनकी दुनिया है ,
बताओ ना क्या तुम उसी मर्द की बात कर रहीं हो जो अपनी मां के लिए जान भी देते है...जो तुम्हारी गम्भीर बीमारी में अपनी जमा पूंजी, घर, ज़मीन जायदाद में ख़र्च कर बैठते हैं 🌹😥
रामायण काल का विचित्र मंदिर, जो विज्ञान के नियमो से परे है .... इस मंदिर में नंदी की मूर्ति का आकार इतना बढ़ गया, की खम्बो को हटाना पड़ा ।
आंध्र_प्रदेश के कुरनूल में स्थित इस मंदिर का नाम है श्री_यंगती_उमा_महेश्वर_मंदिर। अपने आप में इस अनोखे मंदिर के बारे में कहा जा रहा है कि यहां नंदी के बढ़ते आकार की वजह से रास्ते में पड़ रहे कुछ खंबों को हटाना पड़ गया है। एक-एक करके यहां नंदी के आस-पास स्थित कई खंबों को हटाना पड़ा गया है।
इसे 15वीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य के संगम वंश के राजा हरिहर_बुक्का राय के द्वारा बनवाया गया है। यह मंदिर हैदराबाद से 308 किमी और विजयवाड़ा से 359 किमी दूर स्थित है। जो कि प्राचीन काल के पल्लव, चोला, चालुक्य और विजयनगर शासकों की परंपराओं को दर्शाता है।
यहां के बारे में स्थानीय लोग एक कथा के बारे में बताते हैं कि तब अगस्त्य ऋषि तपस्या कर रहे थे, तो कौवे उनको आकर परेशान कर रहे थे। नाराज ऋषि ने शाप दिया कि वे अब यहां कभी नहीं आ सकेंगे। चूंकि कौए को शनिदेव का वाहन माना जाता है, इसलिए यहां शनिदेव का वास भी नहीं होता।
यहां शिव-पार्वती अर्द्धनारीश्वर के रूप में विराजमान हैं और इस मूर्ति को अकेले एक पत्थर को तराशकर बनाया गया है।
इस मंदिर की एक खास बात और भी है कि यहां पुष्कर्णिनी नामक पवित्र जलस्रोत से हमेशा पानी बहता रहता है। कोई नहीं जानता कि साल 12 महीने इस पुष्कर्णिनी में पानी आता कहां से है। भक्तों का मानना है कि मंदिर में प्रवेश से पहले इस पवित्र जल में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं।
जय हो सनातन धर्म और संस्कृति की
आजकल की कुछ लड़कियां ....
कुछ लड़कियों की शादी की उचित उम्र, अपना कैरियर बनाने के चक्कर में निकल जाती है...
कुछ इतना ज्यादा पढ़-लिख लेती हैं कि उनके लायक लड़का, जल्दी मिलता नहीं...
कुछ लड़कियां अपनी खूबसूरती के घमंड में आए हुए रिश्तों को ठुकराती रहती हैं और शादी की उम्र निकल जाती है...
फिर होती हैं बेमेल शादियां
और इनको 10-12 साल बड़े युवा से शादी करनी पड़ जाती है...
इसके बाद...
फिर कुछ लड़कियां अपने अधेड़ उम्र के पति को उम्रदराज होने का अथवा नामर्दी का ताना आजीवन मारती रहती हैं...
कुछ सच्चे प्यार की तलाश में अपने पति और परिवार की इज्जत खाक में मिलाकर प्रेम-प्रसंग में पड़ जाती हैं...
कुछ अपने प्रेमी संग भाग जाती हैं...
कुछ तो प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या तक कर डालती हैं...
कुछ शातिर लड़कियां तो महिलावादी कानून की आड़ में पति और ससुराल वालों को झूठे मुकदमे में फंसा कर, तलाक देने के नाम पर मोटी रकम वसूलती हैं...
कुछ की मानसिकता होती है कि..गुजाराभत्ता लेकर स्वच्छंद और अय्याशी भरी ज़िंदगी बिना किसी की रोक टोक के गुजारने की खातिर अलग रहो और मस्त रहो..!!
ऐसी मानसिकता वाली लड़कियां ये भूल जाती हैं कि इनकी दशा बुढ़ापे में क्या होगी???
जब तक यौवन है, तब तक ही लोगों की भीड़ और हमदर्दी जुटा पाएंगी और बुढ़ापे में इनके सभी हितैषी भी किनारा कर लेंगे और ये खून के आंसू ही बहाएंगी..!