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भीमा नदी के तट पर बसा गाँव
भीमा कोरेगांव पुणे महाराष्ट्र की काहानी
1 जनवरी 1818 का ठंड दिन
दो सेनाएँ आमने समाने
500 महार सैनिक के सामने 28000 की फौज बाजीराव द्वितीय की l
पेशवाओं के पसुवत अत्याचारों का बदला चुकाने की फिराक में गुस्सें से तमतमायें 500 महार सैनिक के बीच घमासान युद्ध हुआ । ज़िसमे 500 महार सैनिकों ने 28000 की विशाल फौज पेशवाओं की गाजर मूली की तरह काट डाले ।
हमेशा के लिए पेशवा का राज समाप्त कर दी।

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*इस चित्र को ध्यान से देखिए, कुछ गायब नही है क्या इस चित्र में..??*

*जी हां.....* *नाम मात्र हिंदी और अंग्रेजी में है, उर्दू की विदाई शुरू हो गई है।*

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दोहरीघाट से इन्दारा रेललाइन का आमान परिवर्तन के बाद कल से शुरू हो रही पहली ट्रेन का शेड्यूल ( दोहरीकरण - मऊ)

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जहाँ हर तरफ एनिमल मूवी का हाइप बना हुआ है उस हाइप मे 12th फेल जैसी मास्टर पीस मूवी दब कर रह रहीं गई क्योंकि मूवी मे कोई गंदे सीन नहीं थे दो चार किसिंग सीन नहीं थे ग्लैमरस नहीं था लेकिन जो 12th फेल मूवी मे था शायद वो एनिमल मे नहीं था मनोज शर्मा की वास्तविक जीवनी पर आधारित इस फिल्म को आज के युवा वर्ग को तो 4-5 बार तो देखना ही चाहिए की कैसे 12th की परीक्षा मे चिटिंग ना होने से एक लड़का जो 12th मे फेल होता है और फिर कैसे मध्यप्रदेश के चंबल से एक लड़का डीएसपी बनने का सपना लिए निकलता है जिसे बस इतना मालूम होता है कि उसे डीएसपी बनने के लिए PCS की तैयारी करनी पड़ती है और फिर उसे जब पता चलता है कि डीएसपी से भी बड़ा कोई पद होता है जिसे पाने के लिए आईएएस की परीक्षा पास करनी होती है तो वह खाली हाथ अपने अड़ियल सोच के साथ निकल पड़ता मुखर्जी नगर की गलियों मे जहाँ वो अपने संघर्षों की पटकथा लिखता है लाईब्रेरी मे एक छोटी सी नौकरी और फिर उसके बाद चक्की की मशीन मे काम करते हुए अपने आखिरी और चौथे प्रयास मे हिन्दी माध्यम से आईपीएस बनता है जिसके संघर्षों मे उसकी प्रेमिका सुधा का साथ मूवी को अलग लेवल पर ले जाता है मूवी के एक सीन मे जब सुधा कहती है "तुम कहते थे न मनोज की अगर मैं आई लव यू बोल दूं तो तुम मेरे लिए दुनियाँ पलट दोगे तो मनोज जाओ अब पलट दो दुनियाँ" या फिर इंटरव्यू से पहले का वो सीन जब सुधा के पत्र को मनोज पढ़ता है जिसमें लिखा होता "मनोज तुम चाहे आईपीएस ऑफिसर बनो या चक्की मे काम करो मैं सारी जिंदगी तुम्हारे साथ बिताना चाहती हूँ विल यू मैरी मी मनोज" सुधा का किरदार देखने के बाद लगता है कि ऐसी पसंदीदा स्त्री हर पुरूष के जीवन मे होनी चाहिए जिसके लिए फिर कोई मनोज किसी सुधा के लिए पूरी दुनियाँ पलट दे खैर फिर रिज़ल्ट के आने से पहले की वो म्यूजिक बैकग्राउंड के साथ चल रहीं अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियाँ "टूटे हुए सपने की सुने कौन सिसकी अंतर को चीर ब्यथा पलकों पर ठिठकी आँसू ना बहाऊंगा सिर्फ मुस्कुराऊंगा कह देनाभाग्य से मैं कल लौट आऊंगा" या फिर वो सीन जब मनोज कॉल पर अपनी माँ को बता रहा होता है कि माँ मैं आईपीएस बन गया है और उस वक़्त मनोज के "पापा का कहना की जा रहा हूँ उस कर्मचारी को बताने की तुमने आईपीएस के बाप से दुश्मनी ली है.। बहुत दिनों बात एक मास्टरपीस आयी है।

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#indian2 आधिकारिक उपग्रह और डिजिटल भागीदार #kalaignartv & #netflix !

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