वृक्ष दूसरों के लिए फल देते हैं और नदियाँ परोपकार के लिए बहती हैं। मनुष्य का जीवन भी दूसरों के कल्याण के लिए होना चाहिए।🙏💯👍🌹
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बेशर्म एक बच्ची को मार रहा है और छोटा बच्चा रो रहा है 😭😭 😭😭😭😭😭
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झुंझुनूं जिले के एक गांव में अपने प्रिय टीचर का ट्रांसफर रुकवाने के लिए स्टूडेंट्स पिछले 6 दिन से स्कूल के बाहर धरने पर बैठे हैं। धरने पर बैठे बच्चों में कई भावनात्मक रूप से टूटते नजर आए। रोते-रोते एक छात्रा की तबीयत भी खराब हो गई। शिक्षक खुद भी बच्चों के आगे हाथ जोड़कर धरना खत्म करने की अपील करते रहे। लेकिन छात्रों ने साफ कहा कि वह अपने प्रिय टीचर की वापसी तक स्कूल की दहलीज भी पार नहीं करेंगे।
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हजारीबाग: रांची–लोहरदगा मुख्य सड़क पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना के बाद केरेडारी थाना क्षेत्र के बसरिया गांव में गुरुवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जिस युवक को मृत समझकर परिजन उसके शव का इंतजार कर रहे थे, उसी का फोन घर आ गया।
फोन उठाते ही मां फुलवा देवी स्तब्ध रह गईं। उधर से आवाज आई—“मैं सुनील बोल रहा हूं, मां… मैं मरा नहीं हूं। यह सुनते ही घर में मौजूद लोग सन्न रह गए।
दरअसल मकर संक्रांति पर्व को लेकर रांची से लोहरदगा तिलकुट बेचकर लौट रही एक पिकअप वैन को गुमला रोड पर पीछे से तेज रफ्तार हाइवा ने जोरदार टक्कर मार दी थी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वैन के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद इंटरनेट मीडिया पर चार लोगों की मौत की खबर वायरल हो गई, जिसमें केरेडारी के बसरिया गांव के संजय भुइयां और सुनील भुइयां की मौके पर मौत की बात कही गई।
इसी सूचना के आधार पर बसरिया गांव में परिजन सुनील के शव के आने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच सुनील भुइयां का फोन आने से परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
सुनील ने बताया कि उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिस कारण वह दुर्घटना से पहले ही पिकअप वैन से उतरकर अपने कमरे में चला गया था। हादसे में उसका भाई अनिल भुइयां गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया है।
वहीं, बसरिया गांव के ही संजय भुइयां (22), पिता राजू भुइयां की हादसे में मौत हो गई। देर रात उसका शव पैतृक गांव लाया गया, जहां शुक्रवार सुबह ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। संजय की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
घटना के बाद सुनील और घायल अनिल से मिलने के लिए परिजन शुक्रवार सुबह रांची रवाना हो गए। यह हादसा न केवल एक परिवार, बल्कि पूरे गांव के लिए गहरे सदमे का कारण बन गया।
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क्या कोई मां इतनी पत्थर दिल हो सकती है कि, अपनी ही बेटी की चीखें सुनकर भी उसका दिल न पसीजे? छिंदवाड़ा के परसगांव में एक ऐसा ही मामला सामने आया है दिल को दहला दिया. घरेलू तनाव और मासूम के रोने से परेशान होकर एक मां ने ढाई साल की बेटी का रुमाल से गला घोंट दिया.
जानकारी अनुसार जिले के चांद थाना क्षेत्र के ग्राम परसगांव में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. गांव के रामदास चौरिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि, उनकी ढाई साल की बेटी की अचानक मौत हो गई है. पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मामला संदिग्ध लगा.