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#पठान मूवी का बॉयकॉट और उसको फ्लॉप करवाने के लिए गुप्त मिटिंग करते हुए अंधभक्त... 👇👇 😂😂
एक दिन हनुमान जी को किष्किन्धा की बहुत याद आने लगी. प्रभु श्री राम की सेवा में रहते रहते वह किष्किन्धा को भूल चुके थे.
हनुमान जी ने प्रभु राम से निवेदन किया प्रभु मैं आपकी सेवा करते करते अपने परिवार को लगभग भूल चुका था.
मुझे प्रभु अपने बंधुओं से तथा आपकी सेवा करने वाली वानर सैना की बहुत याद आ रही है अतः कुछ दिनों का अवकाश चाहिए.
प्रभु राम ने कहा वत्स तुम मैरे पुत्र समान हो. तुम्हारे बिना मैरा मन नहीं लगेगा पर मैं इतना स्वार्थी भी नहीं मैरी निस्वार्थ सेवा करने वाले पुत्र समान की इच्छा पूर्ति भी ना कर सकूँ.
प्रभु श्री राम ने आशिर्वाद के साथ भाई बन्धुओं तथा प्रिय वानर सैना के लिए विभिन्न सामानो से सज्जित टोकरों को देते हुए कहा - वत्स यह तुच्छ भेंट आशिर्वाद सहित मैरी तरफ उनको समर्पित कर देना.
हनुमान जी भेंट लेकर किष्किन्धा पहुंचे थे की वानर सैना ने उन्हें घैर कर आहूं आहूं करके शोर मचाने लगे. वानर सैना में झपटा झपटी मच गई.
टोकरों में से विभिन्न पोशाके हीरे जवाहरात की मालाएँ पहनकर नाचने कूदने लगे.
कुछ दिन गुज़र जाने बाद हनुमान जी को प्रभु की याद सताने लगी. ऐसा होना ही था प्रभु राम के बिना हनुमान जी मन लगता भी कहाँ. उधर श्री राम भी हनुमान जी के बिना खोए खोए से रहने लगे.
वर्तमान समय की तरह कोई सोशल मीडिया तो था नहीं अत: टेलिग्राफी से आपसी मन की बात जान गए.
हनुमान जी बंधुओं से इजाजत लेकर अयोध्या लोटने वाले थे कि वानर सैना ने हनुमान जी को घेर कर खुद की भी साथ जाने की जिद करने लगे.
हनुमान जी प्रेम से वशीभूत इनकार भी ना कर सके.
वानर सैना को साथ लेकर हनुमान जी अयोध्या की पहुंचे थे कि क्या देखते हैं
महर्षि नारद वहाँ पहले से विराजमान है.
हनुमान जी नारदजी की फितरत जानते थे. समझ गए अब कुछ उल्टा पुल्टा होने वाला है.
हनुमान जी ने ऋषि वर को प्रणाम कर प्रभु राम के चरणों में अपने आसान पर विराजमान हो गए.
इधर वानर सैना ने श्रीराम के पैर छूकर ऋषि की तरफ नजर से देखा .अपने समान मुख वाले वीणा धारी को देखकर जोर जोर से चिल्लाने व हंसने लगे.
ऋषि नारद को इसमें अपमान लगा और श्राप दिया जाओ कलयुग में एक यशस्वी पैदा होगा जो आर्यावर्त का राजा होगा.
तुम भी मैरे जैसे संवाददाता बनकर उसके भक्त बनकर इधर की उधर खबर पहुंचाओगे. तुम सुपारी मीडिया तथा गोदी मीडिया के नाम से प्रसिद्ध होंगे.
यह कथा बिलकुल सच्ची है जो कोई इसमें शंका करेगा वह देशद्रोही तथा नरक का भागी होगा.
😁😁😁😁
निरक्षर भट्टाचार्य के अंगुठा से🎤