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यह साक्षी मलिक के कोच हैं।
जब साक्षी ने गोल्ड मैडल जीता तब खुशी के मारे कोच सर ने साक्षी को गले से लगा लिया।
एक पिता की भांति उसे अपनी बच्चे की तरह कंधे पर उठा लिया।
आखिर हो भी क्यों न !!
देश के लिए गौरव पूर्ण इन क्षणों में वह कोच भावुक हो ही जायेगा जिसका सिखाया हुआ बच्चा उसका और देश का नाम पूरे विश्व मे रोशन कर दे।
क्या इस प्रकार एक पिता तुल्य कोच का अपने पुत्र या पुत्री सरीखी खिलाड़ी को गोद मे उठा लेना उन विजयी क्षणों में, कंधे में बिठा लेना या प्यार से माथा चूम लेना शोषण की श्रेणी में आता है?
मेरे हिसाब से तो यह शुद्ध प्रेम और भावुकता की निशानी है उस पिता तुल्य कोच की जिसके एक बच्चे ने देश और उसका नाम रोशन किया हो।
लेकिन कोई इसको यौन शोषण बता दे तो ?
कुछ ऐसे ही आरोप लगे हैं ब्रिज भूषण पर।
इस प्रकार की घटनाओं को ही यौन शोषण बताया जा रहा है।
1000 में से एक भी लड़कीं ने अब तक यह नही कहा कि ब्रिज भूषण द्वारा उन्हें कही किसी कमरे में बुलाया या अकेले में टच किया गया हो।
कमर पर हाथ रख दिया, कंधे पर हाथ रख दिया जैसे आरोप लगाए गए हैं।
जबकि इसी पटल पर कई फ़ोटो ऐसे तैर रहे है जिसमें महिला पहलवान जी ब्रिज भूषण से सट कर मुस्कुराते हुए फ़ोटो खिंचवा रही है।
मुझे तो इन कोच सर की चिंता है, इनके ऊपर भी कहीं यौन शोषण के आरोप न लगा दिए जाएं।कुछ भी हो सकता है, क्योंकि ये पीलमान जी लोग मैडल ल्याये हैं।
#wrestlersprotests #दिल्ली_पुलिस