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#birthanniversary
पॉपुलर टीवी सीरियल बालिका वधु में 'दादी सा' का रोल निभाने वाली सुरेखा सीकरी के अभिनय ने इस कैरेक्टर को घर-घर, युवा हो या बुजुर्ग, सभी के बीच पहचान दिला दी। लेकिन यह चेहरा छोटे और बड़े परदे पर उससे पहले भी काफ़ी लोकप्रिय था। क्योंकि 3 बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी सुरेखा सीकरी भारतीय सिनेमा के उम्दा कलाकारों में से एक थीं।
लेकिन यह बात वाकई बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों में कदम रखने से पहले उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में 15 सालों तक काम किया था। 19 अप्रैल, 1945 को दिल्ली में जन्मी सुरेखा ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और थिएटर में रुझान होने के कारण 1965 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन ले लिया। साथ ही वह एनएसडी रेपर्टरी में काम करने लगीं। इस दौरान उन्होंने 'संध्या छाया', 'तुगलक' और 'आधे-अधूरे' जैसे कई बेहतरीन नाटकों में काम किया जो बहुत हिट हुए थे। इन्हीं दिनों वह ओम पुरी, रघुवीर यादव, मनोहर सिंह जैसे बेहतरीन कलाकारों के साथ भी काम कर चुकी थीं।
इसके बाद कुछ निजी कारणों से सुरेखा ने दिल्ली छोड़ दी और मुंबई शिफ्ट जा बसीं। 'किस्सा कुर्सी का' फ़िल्म से उन्हें बॉलीवुड में अपना पहला ब्रेक मिला। जिसके बाद उन्होंने तमस, परिणीति, नज़र, लिटिल बुड्ढा, सरदारी बेगम, सरफरोज, दिल्लगी, कॉटन मैरी, जुबैदा, देहम, काली सलवार जैसी फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ी.. और बालिका वधु ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
उन्हें तमस (1988), मम्मो (1998) और बधाई हो (2018) के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 2021 में भारतीय सिनेमा की इस अदाकार ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन आज भी वह अपने उत्कृष्ट कामों और सरल व्यक्तित्व के लिए याद की जाती हैं।