25 w - Translate

#tops Core athletes Manush Shah & Diya Chitale finish second in the Mixed Doubles event of WTT Contender Tunis 2026! 🏓
Currently sitting at World Rank #6, their performance reinforces their position among the world’s elite. Indian Table Tennis is on the move!
Many congratulations to both🥳🔥
#tabletennis #wtt #teamindia IndianSports

image
25 w - Translate

Chandigarh the City Beautiful 😍 🌼

25 w - Translate

आज मेरठ जिले में लगी महाराजा #सूरजमल की उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी एवं भव्य प्रतिमा... आप सभी को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।
जय महाराजा सूरजमल 🙏

image

25 w - Translate

दिल्ली में हाई कोर्ट, स्कूल और अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी आखिरकार पुलिस के हाथ लग गया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी श्रीनिवास लुईस को कर्नाटक से गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने 1100 से ज्यादा फर्जी बम कॉल और ईमेल भेजे थे, जिनमें कई महत्वपूर्ण जगहों को उड़ाने की धमकी दी गई थी। कुछ समय पहले दिल्ली हाई कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिली थी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस अब आरोपी को दिल्ली लाकर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और किन-किन जगहों को निशाना बनाया था।

image
25 w - Translate

अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन ईरान वॉर और महंगाई के विरोध में 80 लाख लोग सड़कों पर

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका में शनिवार को राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ हुए ‘नो किंग्स रैली’ में 80 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 3,300 से ज्यादा जगहों पर ये प्रदर्शन आयोजित किए गए। आयोजकों ने बताया कि अक्टूबर में हुए पिछले नो किंग्स प्रदर्शनों की तुलना में इस बार करीब 10 लाख ज्यादा लोग शामिल हुए और लगभग 600 ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे ट्रम्प सरकार की कई नीतियों
से नाराज हैं। उनका गुस्सा खास तौर पर ईरान के साथ बढ़ते तनाव, सख्त इमिग्रेशन कार्रवाई और बढ़ती महंगाई को लेकर है। कई जगहों पर लोगों ने ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के खिलाफ पोस्टर दिखाए और उन्हें पद से हटाने की मांग की।

सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी ट्रम्प के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली है। पेरिस, लंदन और लिस्बन जैसे शहरों में भी लोगों ने सड़कों पर उतरकर ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन किया और उन्हें पद से हटाने की मांग की।

व्हाइट हाउस ने इन प्रदर्शनों को ‘थेरेपी सेशन’ बताते हुए कहा कि आम लोगों को इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। वहीं ट्रम्प का कहना है कि उनके फैसले देश को मजबूत बनाने के लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे ‘राजा’ नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।

image