Découvrir des postesExplorez un contenu captivant et des perspectives diverses sur notre page Découvrir. Découvrez de nouvelles idées et engagez des conversations significatives
हमारे अन्नदाता, हमारे भाग्य विधाता! 🌾
आर्थिक सहायता, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड, फूड प्रोसेसिंग और कृषि अवसंरचना के साथ नई रफ्तार और नई उम्मीद से आगे बढ़ रहे हैं बिहार के किसान! 🚜
#nda4bihar
सड़क निर्माण से लेकर रेल नेटवर्क के विस्तार तक… 🛣️🚆
बिहार में आधुनिक कनेक्टिविटी का जाल बिछ रहा है। प्रदेश तेज रफ्तार से देश के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है।
और ये सब संभव हुआ है, एनडीए सरकार की मेहनत और विजन से! #nda4bihar
𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚’𝐬 𝐟𝐢𝐫𝐬𝐭 𝐞𝐯𝐞𝐫 𝐀𝐈 𝐯𝐢𝐝𝐞𝐨 𝐜𝐡𝐚𝐥𝐥𝐞𝐧𝐠𝐞 𝐢𝐬 𝐡𝐞𝐫𝐞! 🎥
Make a 60-second banger that brings PM Shri Narendra Modi’s vision of #viksitbharat to life. 🎬
राजवीर जवंदा के बारे में सुनकर रो पड़ी मनकीरत औलख
मनकीरत औलख चलने में भी सक्षम नहीं है, देखें तस्वीरें
#rajvirjawanda #punjabisinger #fortishospital #mankirtaulakh
राजवीर जवंदा के बारे में सुनकर रो पड़ी मनकीरत औलख
मनकीरत औलख चलने में भी सक्षम नहीं है, देखें तस्वीरें
#rajvirjawanda #punjabisinger #fortishospital #mankirtaulakh
राजवीर जवंदा के बारे में सुनकर रो पड़ी मनकीरत औलख
मनकीरत औलख चलने में भी सक्षम नहीं है, देखें तस्वीरें
#rajvirjawanda #punjabisinger #fortishospital #mankirtaulakh

लियर मध्यप्रदेश पूर्व अभिभाषक संघ के अध्यक्ष अनिल मिश्र जी आप सब इनको पहचानते ही है संविधान की आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ रहे है संविधान विरोधियों में खलबली मचाए है पिछले कुछ महीनों से इनके पीछे तथा कथित दलित पिछड़े अम्बेडकरवादी पड़े हुए हैं, इनकी हत्या करने, जूते मारने, मां बहन का रेप करने की धमकियां दे रहे है पुलिस के सामने मिडिया के सामने चौराहे में हर जगह सिर्फ धमकी दे रहे हैं। पर बंदा रुका नहीं झुका नहीं है सीना ताने खड़ा है
इन्होंने भीम राव अम्बेडकर की आलोचना कर दी, क्योंकि इस देश की आजादी में अम्बेडकर का कोई योगदान नहीं है उन्होंने कभी अंग्रेजो का विरोध नहीं किया आदि आदि।
संविधान में प्रदत्त जाति आधारित कानून और सुविधाओं को लेकर कुछ लोग देश को अपनी बपौती समझ रहे हैं और ब्राह्मणों को विदेशी बता रहे हैं, इस देश में लोकतंत्र है लोकतंत्र में वोटबैंक महत्वपूर्ण है इसीलिए जिनकी संख्या ज्यादा है उनका इस देश में एकतरफा राज है उनके लिए सब आवाज उठाने वाले हैं लेकिन जो वास्तविक रूप से पिछड़े हैं 70 सालों से वंचित हैं उन्हें मुख्य धारा से पीछे धकेला जा रहा है।
सरकारी खैरात बंद न हो जाए इसलिए ब्राह्मणों को गाली देना, उन्हें शोषण कर्ता बताना अनवरत जारी है।
इस देश में ईश निंदा हो सकती है, भगवान को गाली दी जा सकती है लेकिन अंबेडकर की आलोचना नहीं हो सकती है।
फिलहाल आज अनिल मिश्रा जी को सभी हिंदुओं, मैरिट धारियों, मुफ्तखोरी विरोधियों के समर्थन की आवश्यकता है,
सभी सनातनी भाई बहन आपके साथ हैं और तन मन धन से आपकी मदद करेंगे ।🙏🇮🇳🇮🇳
#अनिल_मिश्रा_ग्वालियर