प्रधानमंत्री मोदी ने लोक कल्याण मार्ग पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत
भारत-यूएई दोस्ती को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई मुद्दों पर चर्चा की
#pmnarendramodi #sheikhmohamedbinzayedalnahyan
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प्रधानमंत्री मोदी ने लोक कल्याण मार्ग पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत
भारत-यूएई दोस्ती को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई मुद्दों पर चर्चा की
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प्रधानमंत्री मोदी ने लोक कल्याण मार्ग पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत
भारत-यूएई दोस्ती को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई मुद्दों पर चर्चा की
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प्रधानमंत्री मोदी ने लोक कल्याण मार्ग पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत
भारत-यूएई दोस्ती को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई मुद्दों पर चर्चा की
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उत्तराखंड के रहने वाले देवकीनंदन शर्मा (मिलखानी) की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है।
महज 18 साल की उम्र में करंट की चपेट में आकर उन्होंने अपने दोनों हाथ खो दिए।
एक झटके में ज़िंदगी बदल गई… सपने, पढ़ाई, भविष्य—सब कुछ अधूरा सा लगने लगा।
हादसे के बाद हालात ऐसे बने कि उन्हें पशु चराने का काम करना पड़ा।
लेकिन देवकीनंदन ने हालात के आगे कभी हार नहीं मानी।
जब हाथ साथ नहीं थे, तब उन्होंने पैरों की उंगलियों से मिट्टी में लिखना सीखना शुरू किया।
जंगल में, पेड़ों की टहनियों से, घंटों अभ्यास करते रहे।
धीरे-धीरे पैरों से लिखने में महारत हासिल कर ली।
इसके बाद कागज और पेन से लिखना सीखा—और सिर्फ एक साल में पूरी तरह निपुण हो गए।
वे बचपन से ही एक प्रतिभाशाली छात्र थे और बड़ा अधिकारी बनना चाहते थे।
हादसे के बाद भी यह सपना नहीं छोड़ा।
उन्होंने अपने भाई को पहला लेटर पैरों से लिखकर भेजा, जिसमें साफ लिखा था—
👉 “मुझे फिर से पढ़ाई शुरू करनी है।”
देवकीनंदन ने 1986 में एसएससी की पढ़ाई पूरी की।
उसी दौरान भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति का कैंप उत्तराखंड के रानीखेत में लगा।
वे वहां पहुंचे, लेकिन कंधे से हाथ कटे होने की वजह से चयन नहीं हुआ।
उन्होंने संस्था के फाउंडर से कहा—
👉 “मैं किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहता। मैं अपने पैरों से लिख सकता हूं।”
जब उन्होंने सबके सामने पैरों से लिखकर दिखाया, तो लोग हैरान रह गए।
लोगों ने पैसे देने चाहे, लेकिन देवकीनंदन ने कहा—
👉 “मुझे पैसे नहीं, नौकरी चाहिए।”
इसके बाद वे कोटा आए।
1986 में छोटे काम से शुरुआत हुई।
स्टोर कीपिंग और अकाउंटिंग सीखी।
1987 में क्लर्क,
1990 में सुपरवाइजर,
और आज वे भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
देवकीनंदन आज भी
✔️ पैरों से पेन पकड़कर लिखते हैं
✔️ पैरों से कंप्यूटर चलाते हैं
✔️ फाइलें लगाते-निकालते हैं
✔️ स्टेपलर से कागज जोड़ते हैं
✔️ यहां तक कि अपने कपड़े भी खुद धोते हैं
वे कहते हैं—“38 साल हो गए, ऑफिस का सारा काम खुद करता हूं।
और जिनके हाथ या पैर नहीं हैं, उन्हें मैं विकलांग नहीं मानता।”
मंज़िल उन्हें ही मिलती है जिनके सपनों में जान होती है,
पंख से कुछ नहीं होता…
हौसलों से उड़ान होती है।
देवकीनंदन मिलखानी सिर्फ एक इंसान नहीं,
बल्कि हिम्मत, आत्मनिर्भरता और जज़्बे की जीती-जागती मिसाल हैं 🙏
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"अंतिम सांस तक लड़ा वो बागेश्वर का शेर..." 🕯️🙏
किश्तवाड़ के सिंहपोरा में हुए आतंकी हमले में हमारे उत्तराखंड के लाल, हवलदार गजेन्द्र सिंह गढ़िया सुपुत्र श्री धन सिंह गढ़िया जी ने सर्वोच्च बलिदान दिया है।
अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया, लेकिन उससे पहले अपनी जांबाजी से कई घरों के चिराग बुझने से बचा लिए। उन्होंने घायल साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला और खुद वीरगति को प्राप्त हुए।
ईश्वर वीर आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस वज्रपात को सहने की शक्ति दें। 🚩🇮🇳
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✨ उत्तराखंड के प्रमुख हनुमान जी के दिव्य धाम ✨
जहाँ हर जयकार से शक्ति का संचार होता है,
जहाँ हर पर्वत पर बजरंगबली की कृपा बरसती है 🚩🙏
🔱 कैंची धाम (नैनीताल) – नीम करोली बाबा की तपोभूमि, शांति और चमत्कारों का केंद्र
🔱 हनुमान गढ़ी (नैनीताल) – बाबा द्वारा स्थापित, सूर्यास्त के अद्भुत दृश्य और राम-भक्ति का प्रतीक
🔱 श्री हनुमान धाम (रामनगर) – इच्छा पूर्ति तीर्थ, 21 दिव्य रूपों में विराजमान बजरंगबली
🔱 11 मुखी हनुमान मंदिर (देहरादून) – रुद्र के 11वें स्वरूप, शक्ति और सुरक्षा का अद्वितीय धाम
🔱 काकरीघाट हनुमान मंदिर (कैंची धाम के पास) – नीम करोली बाबा से जुड़ा सिद्ध स्थल, साहस का आशीर्वाद
🔱 हनुमान मंदिर, माया कुंड (ऋषिकेश) – भक्ति, साधना और विशेष मंगलवार की महिमा वाला स्थान
🚩 जय बजरंगबली 🙏
जो सच्चे मन से स्मरण करे, हनुमान जी हर संकट हर लेते हैं 🌺
📿 देवभूमि उत्तराखंड – जहाँ बजरंगबली स्वयं भक्तों की रक्षा करते हैं 📿
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देवेंद्र फडणवीस ने कमाल कर दिया। वर्ल्ड इकोनॉमिक्स फोरम में महाराष्ट्र ने हासिल किया ₹14.5 लाख करोड़ का निवेश
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अब सूर्यकुमार की टोली टी-20 में न्यूजीलैंड से करेगी जोराजोरी
एकदिनी क्रिकेट में मिली पराजय का हिसाब चुकता करने उतरेगा भारत
खेलपथ संवाद
नागपुर। पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए जूझ रहे कप्तान सूर्यकुमार यादव न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार से यहां शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 श्रृंखला से फॉर्म में वापसी करने के लिए बेताब होंगे। इसमें भारत की नजर वनडे श्रृंखला में मिली हार का बदला चुकता करके अगले महीने घरेलू धरती पर होने वाले टी20 विश्व कप के लिए अपनी तैयारियों को पुख्ता अंजाम देने पर होगी।
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एकदिनी क्रिकेट में मिली पराजय का हिसाब चुकता करने उतरेगा भारत
खेलपथ संवाद
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