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दुर्गा के रूप में माता के नौ स्वरूपों के होने का अलग-अलग उद्देश्य और कथाएं हैं। माँ स्कंदमाता, जिन्हें नवरात्रि के पाँचवें दिन पूजा जाता है, न सिर्फ माँ दुर्गा का एक योद्धा स्वरूप हैं, बल्कि एक ममतामयी माता का भी स्वरूप हैं। अपने इस स्वरूप में वो भगवान् कार्तिकेय के बाल रूप को अपने गोद में लिए बैठी हैं। भगवान् कार्तिकेय को स्कन्द नाम से भी जाना जाता है। माता को यह नाम इसलिए मिला क्योंकि ये कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं। माँ का यह स्वरूप सन्देश देता है कि हर स्त्री के भीतर पालन करने वाली और युद्ध करने वाली दोनों शक्तियाँ हैं। माँ सिखाती हैं कि करुणा कमजोर नहीं, बल्कि सबसे बड़ी शक्ति है। माँ सिखाती हैं कि ज्ञान और शक्ति दोनों आवश्यक हैं, केवल प्रेम से नहीं, कभी-कभी संघर्ष भी ज़रूरी होता है। माँ के इस स्वरूप की उपासना से साधक को मातृवत् स्नेह, शांति और आध्यात्मिक प्रगति की प्राप्ति होती है
सलमान ने अपने पिछले रिश्तों के बारे में खुलकर बात की और कहा, "जब एक पार्टनर दूसरे पार्टनर से ज़्यादा तरक्की करता है, तभी मतभेद शुरू होते हैं; तभी असुरक्षा की भावना घर करने लगती है, इसलिए दोनों को साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। दोनों को एक-दूसरे की पीठ पीछे से हटना चाहिए। मुझे ऐसा लगता है।" जब आमिर ने सलमान से उनके पिछले रिश्तों के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया, "यार जमा नहीं तो जमा नहीं। अगर किसी को दोष देना है, तो मैं ही दोषी हूँ।" हालाँकि, उन्होंने एक दिन बच्चा पैदा करने की इच्छा भी जताई और कहा, "बच्चे, मैं जल्द ही एक दिन ज़रूर करूँगा। बस बात यह है कि आखिरकार बच्चे तो होंगे ही, देखते हैं।" #salmankhan #bollywood #news #amirkhan
हरियाणा के सफीदों में दूल्हे ने दहेज के 11 लाख लौटाए: मंडप में ही दुल्हन के ताऊ के हाथ में पकड़ाए; घरेलू सामान भी नहीं लिया
दुल्हन के पिता ने जब दहेज की रकम पकड़ाई तो दूल्हे के परिवार ने उन्हें माथे पर लगाया। फिर दूल्हे के हाथों वापस दुल्हन के ताऊ को दे दिए। इसके बाद उन्होंने एक रुपया और नारियल शगुन के रूप में लेकर शादी की रस्में पूरी कीं। उनका कहना है कि हमारे लिए दुल्हन ही दहेज है। लड़की वालों ने उनकी काफी मान मनुहार की लेकिन ज्योतिष कौशिक नहीं माने और उन्होंने मात्र 1 रुपया व नारियल शगुन के रूप में ग्रहण किया।
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वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले, परमवीर चक्र से सम्मानित सूबेदार जोगिंदर सिंह की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि!
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