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💥अहंकार💥
एक स्कूल ने अपने युवा छात्रों के लिए एक मज़ेदार यात्रा का आयोजन किया ।
✌️रास्ते में वे सभी एक सुरंग से गुज़रे जिसके नीचे से पहले अक़्सर वो बस ड्राइवर गुज़रता था।
✌️सुरंग के किनारे पर लिखा था पांच मीटर की ऊँचाई।
✌️बस की ऊंचाई भी लगभग पांच मीटर थी , इसलिए ड्राइवर नहीं रुका औऱ दनदनाते हुए बस को लेकर घुस गया ।
✌️लेकिन इस बार बस सुरंग की छत से रगड़ खाकर बीच में ही फंस गई, इससे बच्चे औऱ शिक्षक ज़्यादा भयभीत हो गए।
बस ड्राइवर कहने लगा.... "हर साल मैं बिना किसी समस्या के सुरंग से गुज़रता हूं, लेकिन अब क्या हुआ?
✌️एक आदमी ने जवाब दिया ....सड़क पक्की हो गई है , इसलिए सड़क का स्तर थोड़ा बढ़ गया है।
देखते देखते वहाँ एक भीड़ इक्कठी हो गई..।
✌️एक आदमी ने बस को अपनी कार से बांधने की कोशिश की, लेकिन रस्सी हर बार रगड़ी तो टूट गई, कुछ ने बस खींचने के लिए एक मज़बूत क्रेन लाने का सुझाव दिया और कुछ ने खुदाई और तोड़ने का सुझाव दिया।
✌️इन विभिन्न सुझावों के बीच में एक बच्चा बस से उतरा और बोला "टायरों से थोड़ी हवा निकाल देते हैं तो वह सुरंग की छत से नीचे आना शुरू कर देगी और हम सुरक्षित रूप से यहाँ से गुज़र जाएंगे।
बच्चे की शानदार सलाह से हर कोई चकित था और तुरंत बस के टायर से हवा का दबाव कम कर दिया ।
✌️इस तरह बस सुरंग की छत के स्तर से गुज़र गई और सभी सुरक्षित बाहर आ गए।
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✌️दोस्तों.....हम सभी घमंड, अहंकार, घृणा, स्वार्थ और लालच से अपने लोगो के सामने फूले हुए होते हैं। अगर हम अपने अंदर से इन बातों की हवा निकाल दें तो दुनिया की इस सुरंग से हमारा गुज़रना बेहद आसान हो जाएगा