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जिन स्कूलो में ऐसी
ड्रेस पहनना पड़े,
वहाँ अपनी "बच्चियों" को न पढ़ायें ......
आपका भारतीय संस्कृति पर बहुत बड़ा उपकार होगा...
केवल
महावीर जयन्ती,
दिवाली ,
रामनवमी ,
जन्माष्टमी ,
हनुमान जयंती या
होली मना लेने से ही संस्कृति नही बचती ।।
कोई दिक्कत नही मॉडर्न बनो लेकिन अपने घर मे सनातनी परम्पराओ का निर्वहन खुद भी सीखना और बच्चों को संस्कार भी सिखाना होते है।।
छोटे कपड़े और तंग कपड़े गलत है चाहे वो लड़के हो या लड़कियां...
ये हर पिता - माता,भाई- बहने,बेटा- बेटी और पति- पत्नी अच्छे से समझता है