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हा फक्त नाट्यप्रयोग नाही…
हा मराठी स्वाभिमानाचा, शौर्याचा आणि स्वराज्याच्या अभिमानाचा उत्सव आहे.
छत्रपती शिवाजी महाराजांची संघर्षमय, प्रेरणादायी आणि गौरवशाली गाथा
आता भव्य-दिव्य महानाट्याच्या रूपात लाईव्ह स्टेजवर!
इतिहास ऐकू नका…
इतिहास अनुभवा. अभिमान जगा. स्वराज्याची शान पाहा.
📍 शिरगाव बीच, पालघर
📅 १८ ते २२ फेब्रुवारी २०२६ | ⏰ सायं. ७:३०
🎟️ तिकीट BookMyShow वर आजच बुक करा!

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जब चिराग बुझने ही वाला था, तब इंसानियत की एक छोटी सी चिंगारी उठी और आज पूरा बॉलीवुड राजपाल भाई के लिए मशाल बनकर खड़ा हो गया है!
तिहाड़ जेल की उन खामोश दीवारों के पीछे जाने से पहले राजपाल यादव ने भरे गले से कहा था— "यहाँ कोई किसी का दोस्त नहीं होता।" उस वक़्त ये सिर्फ़ एक कलाकार का दर्द नहीं था, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए एक आईना था।
साल 2010 से चला आ रहा ₹5 करोड़ का वो पुराना चेक बाउंस केस उनकी जिंदगी का ऐसा नासूर बन गया था कि हँसाने वाले इस कलाकार ने हार मानकर खुद को कानून के हवाले कर दिया था। लेकिन कहते हैं न कि अँधेरा कितना भी घना हो, उम्मीद का एक दीया ही काफी होता है।
इस मुश्किल घड़ी में वो दीया बने सोनू सूद, जिन्होंने सबसे पहले राजपाल भाई का हाथ थामकर उनके मान-सम्मान की बात की और मदद की एक मज़बूत आवाज़ उठाई। सोनू सूद की उसी पुकार ने जैसे पूरे बॉलीवुड के जमीर को जगा दिया।
देखते ही देखते फिल्म इंडस्ट्री के 'सुल्तान' सलमान खान और 'सिंघम' अजय देवगन जैसे दिग्गज सितारे इस जंग में कूद पड़े। मैनेजर गोल्डी ने पुष्टि की है कि सलमान और अजय देवगन चट्टान की तरह पीछे खड़े हो गए और पुराने कर्ज व जमानत की उलझन को सुलझाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
मैनेजर के मुताबिक, अब इंतज़ार की घड़ियाँ खत्म होने को हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो हमारे चहेते राजपाल यादव कल यानी गुरुवार को जेल से रिहा हो सकते हैं। परिवार के लिए यह राहत की बात है क्योंकि फरवरी के अंत में उनके घर में कुछ ज़रूरी पारिवारिक कार्यक्रम भी होने वाले हैं।
यह कहानी हमें सिखाती है कि जब हम खुद को सबसे ज़्यादा अकेला समझते हैं, तभी ईश्वर अपनों के रूप में फरिश्ते भेजता है। 'छोटा पंडित' अब अकेला नहीं है, पूरा देश और पूरी इंडस्ट्री उनकी वापसी का बेसब्री से इंतज़ार कर रही है।
क्या आपको भी लगता है कि सोनू सूद की उस एक पहल ने आज बॉलीवुड की तस्वीर बदल दी है? सलमान और अजय देवगन जैसे बड़े सितारों के इस जज्बे पर आप क्या कहना चाहेंगे? कमेंट्स में अपनी राय ज़रूर साझा करें। ✨

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लोक संस्कृति के युवा ध्वजवाहक श्री अब्बू रावत जी, रणवीर चौहान जी, प्रशांत गंगोडिया जी एवं आयुष रावत जी से आज सहसा बाजार में सौभाग्यवश आत्मीय भेंट हुई। चाय के साथ स्नेहिल संवाद पुनः जीवंत हुआ।

#uttarakhand #garhwal #kumaon #rishikesh

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क्या यही है मोदी जी का "सबका साथ सबका विकास" का नया फॉर्मूला?

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UGC यानी उल्टी गिनती चालू
बीजेपी में मोदी और शाह की जोड़ी, जातिवाद के चश्मे से सबकुछ देख रही है, यह भ्रष्ट बुद्धि की पहचान है।
आप लोगों का तर्क क्या है?.

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गजब की नौंटकी हैं— feeling happy.

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सोशल मीडिया पर एक ऑटो ड्राइवर और उसकी नन्ही बेटी आयुषी का भावुक कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में बच्ची चलते ऑटो के पिछले हिस्से (लगेज स्पेस) में चैन से सोती हुई नजर आ रही है। ड्राइवर ने बताया कि उसकी पत्नी का देहांत हो चुका है और घर पर बच्ची की देखभाल करने वाला कोई और नहीं है।
मजबूरी के कारण पिता अपनी बेटी को सुरक्षित रखने के लिए दिनभर ऑटो में अपने साथ रखता है। वीडियो में एक यात्री ड्राइवर और बच्ची को नाश्ता कराते हुए भी दिखाई देता है। यह कहानी एक सिंगल पिता के संघर्ष और अपनी जिम्मेदारी निभाने के जज्बे को दर्शाती है। इंटरनेट पर लोग इस पिता की मेहनत और निस्वार्थ प्रेम की जमकर सराहना कर रहे हैं।

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बागेश्वर धाम में शिवरात्रि के अवसर पर
पंडित धीरेंद्र शास्त्री 300 गरीब,
अनाथ और जरूरतमंद बेटियों का
विवाह कराएंगे। 🙏
इस नेक काम की अवश्य सराहना होनी चाहिए।
#dhirendrashastri #bageshwardhamsarkar

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गुजरात के अहमदाबाद से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक मां ने अपनी 15 वर्षीय बेटी को मोबाइल की आदत से दूर रखने और पढ़ाई पर ध्यान लगाने के लिए कुछ समय के लिए अपने भाई के घर भेजा था। आरोप है कि वहां बच्ची के साथ गलत व्यवहार किया गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब किशोरी अपने घर लौटी तो उसने अपनी बड़ी बहन को आपबीती बताई। इसके बाद परिवार ने महिला हेल्पलाइन से संपर्क किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
महिला हेल्पलाइन अधिकारियों के मुताबिक, पीड़ित बच्ची की मां सिंगल पैरेंट हैं और उनकी दो बेटियां हैं। छोटी बेटी इसी साल बोर्ड परीक्षा देने वाली है। काउंसलर ने बताया कि मां ने बेटी की भलाई सोचकर यह फैसला लिया था। जब मां फोन पर बेटी का हाल पूछती थीं, तो उन्हें भरोसा दिलाया जाता था कि बच्ची ठीक है और पढ़ाई कर रही है।
काउंसलिंग के दौरान सामने आया कि बच्ची मानसिक रूप से बेहद डरी और परेशान हो चुकी थी। उसके बयान के अनुसार, घर में भरोसे का फायदा उठाकर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। डर और सदमे की वजह से वह न तो विरोध कर सकी और न ही तुरंत अपनी मां को कुछ बता पाई।
पूरा मामला सामने आने के बाद मां स्तब्ध रह गईं और उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया। हेल्पलाइन की टीम ने परिवार को मानसिक सहयोग दिया और पुलिस से संपर्क कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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