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बेंगलुरु से सामने आई एक दिल छू लेने वाली प्रेम कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. एक युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड के 26वें जन्मदिन पर ऐसा अनोखा और भावुक सरप्राइज दिया कि इंटरनेट पर लोग उसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं. युवक का नाम अवीक है, जिसने अपनी गर्लफ्रेंड सिमरन के जन्मदिन पर उनके लिए 26 किलोमीटर की लंबी दौड़ पूरी की. यह खास इसलिए भी था क्योंकि सिमरन खुद अपने 26वें जन्मदिन पर 26 किलोमीटर दौड़ना चाहती थीं लेकिन बीमार होने की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाईं. ऐसे में अवीक ने उनकी इस अधूरी इच्छा को पूरा करने का फैसला किया.
BMC चुनाव के नतीजों में भाजपा लगातार बढ़त बनाए हुए है. मुंबई की जनता ने फडणवीस-शिंदे की जोड़ी पर भरोसा जताते हुए पहली बार भाजपा को सत्ता की चाबी सौंपी है. यह चुनाव ठाकरे परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुआ है और 25 साल का वर्चस्व आज खत्म होता नज़र आ रहा है! कुल 227 वार्ड्स पर हुए मतदान के नतीजों में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत है, जिसमें दोपहर 2:21 बजे तक बीजेपी 92 वार्डों में आगे, एसएस (यूबीटी) 60 सीटों पर आगे और शिवसेना (शिंदे) 26 वार्डों में आगे है.
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मणिकर्णिका घाट, काशी के सबसे पवित्र एवं शास्त्रीय रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण घाटों में से एक है, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों लोग परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार हेतु आते हैं।
पिछले कुछ समय से अन्तिम संस्कार के लिए यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।
मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास परियोजना को दाह-संस्कार से संबंधित व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं जैसे - चिता प्लेटफॉर्म, लकड़ी भंडारण/विक्रय क्षेत्र, पूर्व-क्रिया क्षेत्र, मुंडन क्षेत्र, आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था, शौचालय, पेयजल सुविधा आदि को बेहतर बनाने के उद्देश्य से परिकल्पित किया गया है।
यह परियोजना रुपा फाउंडेशन द्वारा अपनी सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व) प्रतिबद्धताओं के अंतर्गत वित्तपोषित एवं क्रियान्वित की जा रही है। यह परियोजना पिछले एक वर्ष से क्रियान्वयन की अवस्था में है।
वर्तमान विवाद घाट की सीढ़ियों पर आरंभ किए गए पुनर्निर्माण कार्य के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ है। जिसमें घाट की सीढ़ियों से सटे ‘मढ़ी’ की दीवारों पर स्थापित कुछ आकृतियाँ, शिल्पकृतियाँ एवं मूर्तियाँ, सीढ़ियों तथा मढ़ी के ऊपरी भाग के ध्वस्तीकरण के दौरान अपनी जगह से हटकर नीचे गिर गईं।
इस प्रक्रिया में प्रभावित हुई सभी मूर्तियों एवं शिल्पकृतियों को सुरक्षित रूप से एकत्र कर संरक्षण में रखा गया है, ताकि परियोजना के अंतर्गत उन्हें यथाशीघ्र पुनः स्थापित किया जा सके।
मणिकर्णिका घाट पर स्थित मसानेनाथ मंदिर, महाकाल मंदिर, तारकेश्वर महादेव मंदिर तथा अन्य सभी मंदिरों को यथावत संरक्षित एवं सुरक्षित रखा जाएगा।
सोशल मीडिया पर चल रहा विवाद गलत रूप से यह दर्शाने का प्रयास कर रहा है कि मंदिरों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि केवल दाह-संस्कार से संबंधित सुविधाओं का उन्नयन किया जा रहा है।
सभी मंदिर पूर्णतः सुरक्षित हैं और उन्हें ज्यों का त्यों संरक्षित रखा जा रहा है।
घाट की सीढ़ियों एवं मढ़ी पर स्थित सभी मूर्तियाँ, शिल्प एवं आकृतियाँ परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान अपने मूल स्वरूप में पुनः स्थापित की जाएँगी..!!