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आइए आज साफ़-साफ़ अपनी राय सामने रखें
देश का अगला प्रधानमंत्री आप किसे देखना चाहते हैं?

1. नरेन्द्र मोदी

2. राहुल गांधी

3. योगी आदित्यनाथ

4. अखिलेश यादव

नीचे दिए गए विकल्पों में से अपना जवाब चुनें।
जवाब देने के बाद यह संदेश अपने दोस्तों, परिवार और परिचितों को भेजें, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस रायशुमारी में भाग ले सकें।

पोल का परिणाम सोमवार रात 8 बजे जारी किया जाएगा।
#nextpm #modi #rahulgandhi

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जरूर "कुटिया" ने छोटे कपड़े पहने होंगे..
क्योंकि इसकी सोच तो.. छोटी हो नहीं सकती.. 😜😜😜

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😭😭शादी के 17 दिन बाद ससुराल से भागी बेटी... पिता ने गोली मारकर की हत्या
भिंड में इज्जत के नाम पर पिता ने अपनी ही बेटी को मौत के घाट उतार दिया। बेटी शादी के बाद ससुराल से भाग गईं थी। बेटी को मंगलवार दोपहर खेत में गोली मार दी। मेहगांव थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस के अनुसार खेरिया थापक गांव निवासी मनीष उर्फ मुनेश धानुक ने अपनी बेटी निधी की शादी 11 दिसंबर को ग्वालियर के गुड़ागुड़ी नाका निवासी देव धानुक के साथ की थी। शादी के बाद 28 दिसंबर को निधी अपने पति के साथ महाराज बाड़े पर शॉपिंग के लिए गई और वहीं से प्रेमी के साथ चली गई। ससुराल वालों ने हुजरात कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। कुछ दिन बाद निधी मायके लौट आई तो उसे ससुराल ले जाया गया। लेकिन उसने
थाने पहुंचा आरोपी, बोला- मैंने बेटी को मार डाला
खेरिया थापक गांव के बाहर मंगलवार को बेटी निधी की कट्टे से हत्या करने के कुछ समय बाद आरोपी पिता मेहगांव थाने पहुंचा। यहां कट्टा हाथ में लिए वह पुलिस से बोला- 'मैंने अपनी बेटी को मार डाला।'
मृतक निधी, बेटी
आरोपी मनीष, पिता
यहां रहने से फिर से इंकार कर दिया। दो दिन पहले निधि दोबारा ससुराल से विना बताए चली गई, लेकिन मायके नहीं आई। मायके और ससुराल पक्ष के लोग उसे ढूंढ रहे थे। निधी मंगलवार दोपहर गांव के बाहर पिता मनीष को मिली तो
पत्नी बोली- पति ने इज्जत के कारण बेटी को मार डाला, मुझे भी धमकाया
मृतका की मां पूजा ने पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उसने बताया कि पति ने अपनी इज्जत और शर्म के कारण बेटी की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने मुझे भी जान से मारने की धमकी दी। भिंड एसएसपी संजीव पाठक ने बताया आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया गया है। अनिकेतवर्मा
उसे समझाया। इसी दौरान मनीष ने बेटी निधी की कट्टे से गोली मारकर हत्या कर दी। बेटी का शव खेत में ही पड़ा छोड़कर वह चला गया। मृतका का प्रेम-प्रसंग गांव के ही एक युवक से था। वह रिश्ते में उसका चाचा लगता था।😭

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अगर आप हर दिन ठीक 12 बजे,
एक ही जगह से,
पूरे साल सूरज की फोटो लेते रहें
और फिर उन सारी तस्वीरों को जोड़ दें—
तो आपको आसमान में ∞ (Infinity) जैसा पैटर्न दिखेगा।

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मुजफ्फरनगर की रहने वाली प्रगति की शादी 8 फरवरी को निर्धारित थी। घर में तैयारी चल रही थी, धूमधाम का माहौल था।
प्रगति थोड़े दिन पहले ही गुड़गांव से अपने गांव आई थी। क्योंकि प्रगति गुड़गांव में नौकरी करती थी, प्रगति के साथ रोहित नाम का लड़का भी वही गुड़गांव में ही नौकरी करता था।
रोहित और प्रगति दोनों का घर भी गांव में आमने-सामने था। जानकारी के मुताबिक दोनों एक दूसरे से प्रेम करते थे, और इनका रिश्ता पिछले 4 साल से चल रहा था।
प्रगति के शादी के तीन दिन पहले रोहित उसके घर जाता है, दोनों एक साथ एक कमरे में चले जाते हैं, थोड़ी देर बाद प्रगति के चीखने की आवाज आती है।
घर वाले तुरंत जाकर दरवाजा पीटने लगते हैं, अंदर से रोहित जैसे ही दरवाजा खोलता है, उसके हाथ में चाकू होता है। उस चाकू से वह अपनी गर्दन पर वार करता है और मौके पर वही मर जाता है।
प्रगति पहले से ही मर चुकी थी, क्योंकि रोहित ने चाकू से उसे मार डाला था।
जिस घर से डोली उठनी थी, उस घर से अब अर्थी उठेगी, लेकिन लड़के के परिवार वालों का आरोप है कि यह एक ऑनर किलिंग है। यानी की रोहित ने खुद को नहीं मारा बल्कि रोहित को मारा गया, और लड़की को भी मारा गया है।
हालांकि पुलिस अभी जांच कर रही है। पुलिस का पहला बयान यही है कि रोहित ने पहले प्रगति को मारा फिर उसने खुद को खत्म कर लिया।

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27 दिसंबर 2025 की वो शाम शकरपुर के एक परिवार के लिए कभी न खत्म होने वाला इंतजार बन गई। 16 साल की ईशा (अंकिता) ने अपने पिता से बड़े चाव से मोमोज खाने के लिए 100 रुपये मांगे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर की दहलीज पार करते हुए उसके कदम वापस नहीं लौटेंगे। 45 दिन बीत चुके हैं, लेकिन ईशा का सुराग अब भी दिल्ली की भीड़ और पुलिस की फाइलों में कहीं खोया हुआ है।

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दिल्ली के महरौली इलाके से सामने आई यह घटना भले ही दिल को झकझोर देने वाली हो, लेकिन इसके भीतर साहस, संवेदनशीलता और न्याय की एक मजबूत मिसाल भी छिपी है।
एक महिला की गरिमा के साथ हो रही गलत हरकत का विरोध करना मुकेश नामक युवक को भारी पड़ गया, लेकिन उन्होंने चुप रहना नहीं चुना। महज़ 119 सेकंड के भीतर चार हमलावरों ने उन पर बेरहमी से हमला कर दिया। इसके बावजूद मुकेश का यह कदम इस बात का प्रमाण है कि आज भी हमारे समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं, जो डर के आगे नहीं झुकते और सही के लिए खड़े होते हैं—चाहे खतरा कितना ही बड़ा क्यों न हो।
इस मामले में राहत और भरोसे की सबसे बड़ी वजह रही Delhi Police की तेज़ और सख़्त कार्रवाई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, गंभीर रूप से घायल मुकेश को तुरंत AIIMS Trauma Centre में भर्ती कराया गया। मामले की गंभीरता को समझते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया और कुछ ही घंटों के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
अब मुकेश की हालत खतरे से बाहर है और वे सुरक्षित हैं। यह घटना सिर्फ हिंसा की कहानी नहीं, बल्कि उस नागरिक साहस की मिसाल है जो एक आम आदमी ने दिखाया और उस कानूनी भरोसे की भी, जिसे पुलिस प्रशासन ने मज़बूती से कायम किया।
महिला सम्मान के पक्ष में खड़ा होना अपराध नहीं—
यह समाज की ज़रूरत है।
और इस मामले में इंसाफ़ की तेज़ रफ्तार कार्रवाई उम्मीद जगाती है।
#courage #justicedelivered #delhipolice

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कभी चप्पल खरीदने के पैसे नहीं थे और कई रातें स्टेशन पर गुजरीं, वही डॉ. ए वेलुमनी आज देश की बड़ी डायग्नोस्टिक कंपनियों में से एक के संस्थापक हैं। थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज के जरिए उन्होंने सस्ती जांच को आम लोगों तक पहुंचाया और फोकस, सादगी व जोखिम के दम पर ₹5000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बनाई।

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भारत ने U-19 विश्व कप के इतिहास में एक बार फिर अपना नाम दर्ज कर लिया 🇮🇳