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9वीं फेल नेता राज्य का सीएम बने तो सब बधाई देते... लेकिन जाहनवी पंवार सिर्फ 21 साल की उम्र में देश की सबसे युवा PHD स्कॉलर बन रचा इतिहास... अफ़सोस लड़की होने की वजह से बधाई नहीं दी।
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) पंडित मोतीलाल नेहरू को नमक सत्त्याग्रह में भाग लेने के कारण 2 साल जेल की सजा झेलनी पड़ी। देश के लिए लखनऊ जेल अस्पताल में 6 फरवरी 1931 को उनकी मृत्यु हो गई।
2) कांग्रेस अध्यक्ष रहते जब पंडित मोतीलाल नेहरू ने 1928 में पहली बार संविधान बनाया (नेहरू रिपोर्ट) तब अंग्रेजी हुकूमत ने राजधानी बनाने के लिए भूमि की कमी बताई, तब मोतीलाल जी ने नहरी रियासत का अपना हिस्सा (लुटियंस दिल्ली) देश के लिए दान दे दिया।
3) पति देश के लिए शहीद हो चुके थे। बेटा जेल में था, तब मां स्वरूप रानी नेहरू ने इलाहाबाद में कांग्रेस के आंदोलन की कमान संभाली। प्रदर्शन के दौरान सिर पर पुलिस ने लाठी मारी, जिससे उनकी भी अस्पताल ले जाने पर मृत्यु हो गई।
4) पंडित जवाहरलाल नेहरू को 9 वर्ष से अधिक जेल में काटने पड़े। पंडित जवाहरलाल जेल में बंद थे मगर उन्हें अस्पताल में मां को मिलने नहीं जाने दिया गया।
5) जवाहरलालजी की पत्नी कमला नेहरू जी स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई लड़ते लाठी चार्ज का शिकार हुईं। उन्हें तबियत खराब होने के बावजूद गिरफ्तार किया गया और टीबी के मरीजों के साथ एक साल तक जेल में बंद रखा गया, जिससे उन्हें भी टीबी हो गया। तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उनकी रिहाई हुई मगर पति को इलाज में मदद के लिए नहीं छोड़ा गया। बेटी-दामाद उन्हें इलाज के लिए विदेश ले गये। जब डॉक्टरों ने कहा वो कुछ दिनों की मेहमान हैं तब छोड़ा गया और उन्होंने पंडित नेहरू के हाथों में दम तोड़ दिया।
6) बेटी इंदिरा गांधी को पहली बार 13 साल की उम्र में बाल सेना क्रांतिकारियों-सत्याग्राहियों की मदद करने के कारण गिरफ्तार किया गया। भारत छोड़ो आंदोलन के कारण उन्हें दो साल की सजा हुई। इस शादी के बाद छह महीने तक नवदंपत्ति फिरोज और इंदिरा दोनों जेल में रहे। पंडित नेहरू भी जेल में थे।
7) दामाद फिरोज गांधी को भी भारत छोडो आंदोलन में भाग लेने के कारण 2 साल जेल में रहना पडा।
8) जवाहरलाल जी की छोटी बहन कृष्णा हाठीसिंह भी देश की आजादी के लिए 2 साल जेल में रहीं।
9) जवाहरलाल जी की दूसरी बहन विजयालक्ष्मी पंडित भी आजादी के आंदोलन में 3 साल जेल में रहीं।
1 विजयालक्ष्मी पंडित के पति रणजीत सीताराम पंडित को भी 3 साल जेल में रहे। जो जेल में ही 1944 को देश के लिए शहीद हो गये।
11) मोतीलाल जी के मामा पंडित पृथी नाथ जी भी कानपुर में आंदोलन में जेल गये।
12) मोतीलाल जी के भतीजे ब्रिजकुमार नेहरू और उनकी पत्नी रामेश्वरी नेहरू भी भारत छोडो' आंदोलन में गिरफ्तार हुए और जेल गये।
13) जवाहर लाल जी के साढ़ू और साले भी आजादी की लड़ाई में साथी बने और गिरफ्तार हुए। लाठी लगने से घायल हुए जिनकी भी मौत हो गई।
14) नेहरू जी की बेटी आजादी के बाद इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री रहते हुए देश की एकता अखंडता से समझौता न करने के कारण शहीद हो गईं। उन्हें नेहरू जी ने न कभी सांसद बनाया और न मंत्री।
15) नेहरू जी के नाती प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी देश की एकता अखंडता और शांति के लिए शहीद हो गये। जिन्हें इंदिरा जी ने न मंत्री बनाया और न कोई राजकीय पद दिया।
तभी तो #संघियों #भाजपाइयों को गांधी-नेहरू के इस परिवार से नफरत है। यही कारण है कि इस बारे में वो कोई बात नहीं करते। संघी विचारधारा अंग्रेजों के सेवकों-मुखबिरों की है।