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ICC महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की मुलाकात। देखिए कैसे राष्ट्र की बेटियों का सम्मान किया गया उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन और जीत के लिए।

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ICC महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की मुलाकात। देखिए कैसे राष्ट्र की बेटियों का सम्मान किया गया उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन और जीत के लिए।

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ICC महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की मुलाकात। देखिए कैसे राष्ट्र की बेटियों का सम्मान किया गया उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन और जीत के लिए।

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जंगलराज की पाठशाला

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ब्राजील मॉडल के 22 फर्जी वोट वाला राहुल गांधी का दावा फेल, हरियाणा की वोटर पिंकी-मुनीश ने खुद आकर बताया पूरा सच !

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नया भारत, नया संकल्प: मोदी जी के साथ आत्मनिर्भर और सशक्त! 🚀
नमस्ते दोस्तों! 🙏
आज जब हम भारत के गौरवशाली सफर को देखते हैं, तो एक नाम जो सबसे ऊपर आता है, वह हैं हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी। 💎 पिछले कुछ सालों में, मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने जिस तेजी से प्रगति की है, वह अभूतपूर्व है। 📈
चाहे वह आर्थिक विकास हो 💰, वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख हो 🌍, या गरीबों और वंचितों के लिए लाई गई कल्याणकारी योजनाएं हों, हर क्षेत्र में हमने एक नया सवेरा देखा है। ☀️
मोदी सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र के साथ काम किया है। जन धन योजना से लेकर उज्ज्वला योजना तक 🔥, आयुष्मान भारत से लेकर स्वच्छ भारत अभियान तक 🧼— हर योजना ने करोड़ों भारतीयों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। आज भारत डिजिटल क्रांति में अग्रणी है 📱, हमारी सेनाएं पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं 🛡️, और हमारा देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 💪

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मेडल नहीं मिला, लेकिन पूरे देश के दिल में जगह बना ली!
25 साल की प्रतीका रावल नाम भले नया हो, लेकिन प्रदर्शन ने पूरे टूर्नामेंट में भारत की जीत की दिशा बदल दी।
महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में प्रतीका ने 6 मैचों में 308 रन बनाए और कई मौकों पर मुश्किल में फंसी टीम को स्थिरता दी और मैच जिताने वाली पारियां खेलीं।
बांग्लादेश के खिलाफ मैच में चोट लगने के बाद वे टूर्नामेंट के आखिरी दो चरणों (सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल) से बाहर रहीं।
नियमों के अनुसार, केवल अंतिम 15 सदस्यीय स्क्वॉड को विजेता पदक मिलता है — इसलिए प्रतीका को मेडल नहीं मिला, लेकिन उनके प्रदर्शन और समर्पण को देखकर हर क्रिकेट प्रेमी का दिल जीत लिया उन्होंने।
प्रतीका कहती हैं —
“मुझे वर्ल्ड चैंपियन जैसा ही महसूस हो रहा है, क्योंकि टीम की जीत में मेरा भी हिस्सा है।”
यह कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, यह कहानी है उस विश्वास की कि सपने तभी पूरे होते हैं जब आप हार मानने से इनकार करते हैं।

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