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माफ़ी पर इंफ्लुएंसर सुरलीन का करारा जवाब
#surleenkaur #influencer #socialmedia #dailypostpunjabi

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रात की निस्तब्धता में जब अपने गांव की गलियों से होकर निकला, तो ऐसा लगा मानो हर मोड़ पर बचपन की कोई स्मृति मेरा इंतज़ार कर रही हो।
आज देर रात पीनानी में बोडियों, चाचियों और परिजनों के घर-घर जाकर उनका कुशलक्षेम जाना। वही अपनापन, वही स्नेहभरे नेत्र, वही आत्मीय मुस्कानें जैसे समय ने कोई दूरी रचने का साहस ही न किया हो।
यह कोई साधारण भेंट नहीं थी; यह उन भावनाओं का पुनरागमन था, जो शब्दों से नहीं, आत्मा की शांति और मौन की गहराई से व्यक्त होती हैं। अपनों का प्रेम, बुज़ुर्गों का आशीर्वाद और गांव की मिट्टी की सौंधी गंध यही तो है जीवन की सबसे बड़ी थाती।

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रात की निस्तब्धता में जब अपने गांव की गलियों से होकर निकला, तो ऐसा लगा मानो हर मोड़ पर बचपन की कोई स्मृति मेरा इंतज़ार कर रही हो।
आज देर रात पीनानी में बोडियों, चाचियों और परिजनों के घर-घर जाकर उनका कुशलक्षेम जाना। वही अपनापन, वही स्नेहभरे नेत्र, वही आत्मीय मुस्कानें जैसे समय ने कोई दूरी रचने का साहस ही न किया हो।
यह कोई साधारण भेंट नहीं थी; यह उन भावनाओं का पुनरागमन था, जो शब्दों से नहीं, आत्मा की शांति और मौन की गहराई से व्यक्त होती हैं। अपनों का प्रेम, बुज़ुर्गों का आशीर्वाद और गांव की मिट्टी की सौंधी गंध यही तो है जीवन की सबसे बड़ी थाती।

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रात की निस्तब्धता में जब अपने गांव की गलियों से होकर निकला, तो ऐसा लगा मानो हर मोड़ पर बचपन की कोई स्मृति मेरा इंतज़ार कर रही हो।
आज देर रात पीनानी में बोडियों, चाचियों और परिजनों के घर-घर जाकर उनका कुशलक्षेम जाना। वही अपनापन, वही स्नेहभरे नेत्र, वही आत्मीय मुस्कानें जैसे समय ने कोई दूरी रचने का साहस ही न किया हो।
यह कोई साधारण भेंट नहीं थी; यह उन भावनाओं का पुनरागमन था, जो शब्दों से नहीं, आत्मा की शांति और मौन की गहराई से व्यक्त होती हैं। अपनों का प्रेम, बुज़ुर्गों का आशीर्वाद और गांव की मिट्टी की सौंधी गंध यही तो है जीवन की सबसे बड़ी थाती।

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दो पल की खुशी के लिए
न जाने क्या-क्या कर जाते हैं
एक पिता ही होते हैं,
बच्चे की खुशियों के लिए अंगारों पर चल जाते हैं।

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भारत की पहली महिला हिन्द केसरी पहलवान सोनिका कालीरमन मलिक जी (पुत्री मास्टर चंदगीराम पहलवान जी) को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

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जायौ नर एक जाटणी, बंके गांव बठोठ । लंका में ज्यूँ लांगड़ो, लड्यो आगरे लोठ ।।
महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद #लोठू_जाट निठारवाल जी की 221वी जयंती पर शत् शत् नमन🙏🇮🇳💪.

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