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क्या आपने बैलगाड़ी में विकास देखा है ?
यह 2025 के उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के उस
रामराज्य की तस्वीर है जहां एक गर्भवती महिला
को न तो एंबुलेंस आसानी से मिलती है और न
अस्पताल तक पहुंच।

तस्वीर से 23 साल की रेशमा के दर्द का एहसास
कीजिए lअगर आप सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए
वोट नहीं देंगे,तो अच्छी तरह से जान लीजिए कि यही
आपका भविष्य है।

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TSI आबाद अली ने पेश की ईमानदारी की मिसाल , गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस के दरोगा
को मोहन नगर चौराहे पर अज्ञात ट्रॉली बैग मिला जिसमें 80 हजार नगद और 8 लाख के सोने के जेवर थे।

घटना दीपावली के दिन की है,
अरुण कुमार वर्मा सुनार है ,जो उड़ीसा से हापुड़ अपने परिवार के साथ दीपावली मनाने आए थे,
लेकिन उनका ट्रॉली बैग किसी तरह
मोहन नगर पर छूट गया।

लेकिन TSI आबाद अली ने बैग से प्राप्त एयरप्लेन टिकट के PNR number से एयरपोर्ट के अधिकारियों से जानकारी करके अरुण जी से संपर्क करके उनका बैग सकुशल उन्हें सुपुर्द कर दिया।

अरुण कुमार वर्मा ने सोशल मीडिया पर गाजियाबाद पुलिस की तारीफ की है।

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सोचने वाली बात यह है कि अब कंप्यूटर भी इंसानों से बोल रहे हैं कि साबित करो कि तुम रोबोट नहीं हो🤔

क्या हम ऐसी दुनिया में सही दिशा में जा रहे हैं रोबोट के साथ या कुछ गलत हो रहा आने वाले भविष्य के साथ 🙏

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आज ये खबर बहुत ही वायरल हो इसमें एक शादी सुधा आदमी

किसी दूसरी औरत के साथ OYO में गया था उसके बाद बस कही से

उसके बीबी को खबर लग गई और बीबी ने सभी अपने रिश्तेदारों और जानने वालों को लेके oyo होटल पहुंच गई

पति उसका कैमरे में था कैसे। भी कर दरवाजा खुलवाया गया उसके बाद पत्नी ने उसी चप्पल से बहुत पिटाई की अपने पति का

बहुत ही बवाल देखने को मिला खबर अमरोहा की है

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आज ये खबर बहुत ही वायरल हो इसमें एक शादी सुधा आदमी

किसी दूसरी औरत के साथ OYO में गया था उसके बाद बस कही से

उसके बीबी को खबर लग गई और बीबी ने सभी अपने रिश्तेदारों और जानने वालों को लेके oyo होटल पहुंच गई

पति उसका कैमरे में था कैसे। भी कर दरवाजा खुलवाया गया उसके बाद पत्नी ने उसी चप्पल से बहुत पिटाई की अपने पति का

बहुत ही बवाल देखने को मिला खबर अमरोहा की है

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आज ये खबर बहुत ही वायरल हो इसमें एक शादी सुधा आदमी

किसी दूसरी औरत के साथ OYO में गया था उसके बाद बस कही से

उसके बीबी को खबर लग गई और बीबी ने सभी अपने रिश्तेदारों और जानने वालों को लेके oyo होटल पहुंच गई

पति उसका कैमरे में था कैसे। भी कर दरवाजा खुलवाया गया उसके बाद पत्नी ने उसी चप्पल से बहुत पिटाई की अपने पति का

बहुत ही बवाल देखने को मिला खबर अमरोहा की है

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आज सोशल मीडिया पर महिंदर कौर वायरल है

महिंदर कौर पंजाब की किसान महिला है जिन्होंने बीजेपी सांसद कंगना रनौत को दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगने पर मजबूर कर दिया

कंगना ने दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल महिला किसानों को 100 100 रुपए में आंदोलन में शामिल होने वाली महिलाएं बताया था

उसी आंदोलन में शामिल महिंदर कौर ने कंगना के ऊपर मानहानि का दावा ठोक दिया जिस पर भठिंडा कोर्ट में पेश होकर कंगना को दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी

लेकिन महिंदर कौर ने साफ कह दिया माफ नहीं करुंगी कंगना को उसके किए की सजा दिला कर रहूंगी

महिंदर कौर के लिए क्या कहना चाहेंगे आप?

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आज सोशल मीडिया पर महिंदर कौर वायरल है

महिंदर कौर पंजाब की किसान महिला है जिन्होंने बीजेपी सांसद कंगना रनौत को दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगने पर मजबूर कर दिया

कंगना ने दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल महिला किसानों को 100 100 रुपए में आंदोलन में शामिल होने वाली महिलाएं बताया था

उसी आंदोलन में शामिल महिंदर कौर ने कंगना के ऊपर मानहानि का दावा ठोक दिया जिस पर भठिंडा कोर्ट में पेश होकर कंगना को दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी

लेकिन महिंदर कौर ने साफ कह दिया माफ नहीं करुंगी कंगना को उसके किए की सजा दिला कर रहूंगी

महिंदर कौर के लिए क्या कहना चाहेंगे आप?

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आज सोशल मीडिया पर महिंदर कौर वायरल है

महिंदर कौर पंजाब की किसान महिला है जिन्होंने बीजेपी सांसद कंगना रनौत को दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगने पर मजबूर कर दिया

कंगना ने दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल महिला किसानों को 100 100 रुपए में आंदोलन में शामिल होने वाली महिलाएं बताया था

उसी आंदोलन में शामिल महिंदर कौर ने कंगना के ऊपर मानहानि का दावा ठोक दिया जिस पर भठिंडा कोर्ट में पेश होकर कंगना को दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी

लेकिन महिंदर कौर ने साफ कह दिया माफ नहीं करुंगी कंगना को उसके किए की सजा दिला कर रहूंगी

महिंदर कौर के लिए क्या कहना चाहेंगे आप?

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सफलता की दौड़ में इतना तेज़ भागा, कि कहीं पिछड़ न जाऊँ, बस इसी डर में, अपना सुकून गिरवी रख दिया।

​माँ-बाप की चिंता की बेटा, कुछ बड़ा बनना है

​ये शब्द सीने पर पत्थर से रखे और हौसलों को तोड़ते रहे। कभी लगता था ये सब मेरे ही लिए है, पर अब समझ आया हर मुस्कान के नीचे छुपी है वो थकान, जिसे किसी ने कभी देखा ही नहीं।

​भविष्य की चिंता में रातें काट दी, शरीर तो कब का हार गया, फिर भी खुद को जीत का झूठा दिलासा देता रहा।

​रास्ते में जब-जब रुका, लोगों के ताने और समाज की आँखें मुझ पर तंज कसने लगीं, लड़के हो, मज़बूत बनो!

​ये सुन-सुनकर दर्द को भीतर ही मार डाला।

​घर वाले खुश रहें, उनकी ख्वाहिशें अधूरी न रहें इन्हीं सोचों में अपनी ज़रूरतें अनदेखी कर दीं।

​अब जब आईने में देखता हूँ, तो बस एक थका हुआ साया मिलता है, जिसने किसी की उम्मीदों को तो पूरा कर दिया, मगर खुद को सच में खो दिया।

​कभी जीतने निकला था, पर लौटकर देखा तो पाया... रास्ते में खुद को ही हार आया।

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