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पर्यावरण संरक्षण हमारा प्राकृतिक धर्म है।

आज पर्यावरण दिवस है। ये दिन है पर्यावरण के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता, वचनबद्धता और किताबी-दिखावटी सैद्धांतिकता से ऊपर उठकर कर्मठता के स्तर पर परिधिमय प्राकृतिक आवरण को बचाये-बनाए रखने का। एक पर्यावरण हमारे आसपास होता है और एक वो भी होता है, जो हमारे देखने-छूने व अन्य इंद्रियों की क्षमताओं से परे होता है, हमें उसे भी बचाना है, तभी ये धरा-धरती जीवनदायिनी बनी रहेगी।

एक पर्यावरण हमारे अंदर भी होता है और वो होता है, भावनाओं, संवेदनाओं और सहनशीलता का पर्यावरण, जो हमसे विविधताओं को स्वीकार करवाता है औरों के साथ जीना सिखाता है। एकरंगी को बहुरंगी बनाता है। यही आंतरिक पर्यावरण मानव होने की कसौटी होता है। यही हमें सकारात्मकता से भरता है, यही हमारी सोच और हमारे विचार का क्षितिज बड़ा करता है। इसी के आधार पर हम देश, काल, समय की सीमा से परे जाना सीखते हैं और ऐसे काम करने के लिए प्रेरित होते हैं जिनका लाभ देश-दुनिया के समाज को युगों-युगों तक मिलता है। जब ये आंतरिक पर्यावरण संरक्षित होता है, तभी बाहरी पर्यावरण संरक्षित हो सकता है। इसके मूल में करुणा और प्रेम होता है।

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पर्यावरण संरक्षण हमारा प्राकृतिक धर्म है।

आज पर्यावरण दिवस है। ये दिन है पर्यावरण के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता, वचनबद्धता और किताबी-दिखावटी सैद्धांतिकता से ऊपर उठकर कर्मठता के स्तर पर परिधिमय प्राकृतिक आवरण को बचाये-बनाए रखने का। एक पर्यावरण हमारे आसपास होता है और एक वो भी होता है, जो हमारे देखने-छूने व अन्य इंद्रियों की क्षमताओं से परे होता है, हमें उसे भी बचाना है, तभी ये धरा-धरती जीवनदायिनी बनी रहेगी।

एक पर्यावरण हमारे अंदर भी होता है और वो होता है, भावनाओं, संवेदनाओं और सहनशीलता का पर्यावरण, जो हमसे विविधताओं को स्वीकार करवाता है औरों के साथ जीना सिखाता है। एकरंगी को बहुरंगी बनाता है। यही आंतरिक पर्यावरण मानव होने की कसौटी होता है। यही हमें सकारात्मकता से भरता है, यही हमारी सोच और हमारे विचार का क्षितिज बड़ा करता है। इसी के आधार पर हम देश, काल, समय की सीमा से परे जाना सीखते हैं और ऐसे काम करने के लिए प्रेरित होते हैं जिनका लाभ देश-दुनिया के समाज को युगों-युगों तक मिलता है। जब ये आंतरिक पर्यावरण संरक्षित होता है, तभी बाहरी पर्यावरण संरक्षित हो सकता है। इसके मूल में करुणा और प्रेम होता है।

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पर्यावरण संरक्षण हमारा प्राकृतिक धर्म है।

आज पर्यावरण दिवस है। ये दिन है पर्यावरण के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता, वचनबद्धता और किताबी-दिखावटी सैद्धांतिकता से ऊपर उठकर कर्मठता के स्तर पर परिधिमय प्राकृतिक आवरण को बचाये-बनाए रखने का। एक पर्यावरण हमारे आसपास होता है और एक वो भी होता है, जो हमारे देखने-छूने व अन्य इंद्रियों की क्षमताओं से परे होता है, हमें उसे भी बचाना है, तभी ये धरा-धरती जीवनदायिनी बनी रहेगी।

एक पर्यावरण हमारे अंदर भी होता है और वो होता है, भावनाओं, संवेदनाओं और सहनशीलता का पर्यावरण, जो हमसे विविधताओं को स्वीकार करवाता है औरों के साथ जीना सिखाता है। एकरंगी को बहुरंगी बनाता है। यही आंतरिक पर्यावरण मानव होने की कसौटी होता है। यही हमें सकारात्मकता से भरता है, यही हमारी सोच और हमारे विचार का क्षितिज बड़ा करता है। इसी के आधार पर हम देश, काल, समय की सीमा से परे जाना सीखते हैं और ऐसे काम करने के लिए प्रेरित होते हैं जिनका लाभ देश-दुनिया के समाज को युगों-युगों तक मिलता है। जब ये आंतरिक पर्यावरण संरक्षित होता है, तभी बाहरी पर्यावरण संरक्षित हो सकता है। इसके मूल में करुणा और प्रेम होता है।

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अयोध्या में दर्शन करने आए श्रद्धालु की 13 साल की बेटी के साथ होटल मालिक के साले ने छेड़छाड़ की।

पति-पत्नी अपने 3 बच्चों के साथ होटल में ठहरे थे। सोमवार रात 11.30 बजे खाना खाने के बाद सभी लोग गहरी नींद में सो गए।

रात करीब 1.30 बजे अचानक उनकी बेटी की चीख सुनाई दी। जब कमरे की लाइट जलाई, तो एक लड़का खड़ा था।

परिवार ने पूरे मामले का वीडियो बना लिया। अब जिला प्रशासन और CM योगी से कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। ये मामला सप्तसागर कॉलोनी स्थित श्रीराम पैलेस होटल का है।

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अयोध्या में दर्शन करने आए श्रद्धालु की 13 साल की बेटी के साथ होटल मालिक के साले ने छेड़छाड़ की।

पति-पत्नी अपने 3 बच्चों के साथ होटल में ठहरे थे। सोमवार रात 11.30 बजे खाना खाने के बाद सभी लोग गहरी नींद में सो गए।

रात करीब 1.30 बजे अचानक उनकी बेटी की चीख सुनाई दी। जब कमरे की लाइट जलाई, तो एक लड़का खड़ा था।

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अयोध्या में दर्शन करने आए श्रद्धालु की 13 साल की बेटी के साथ होटल मालिक के साले ने छेड़छाड़ की।

पति-पत्नी अपने 3 बच्चों के साथ होटल में ठहरे थे। सोमवार रात 11.30 बजे खाना खाने के बाद सभी लोग गहरी नींद में सो गए।

रात करीब 1.30 बजे अचानक उनकी बेटी की चीख सुनाई दी। जब कमरे की लाइट जलाई, तो एक लड़का खड़ा था।

परिवार ने पूरे मामले का वीडियो बना लिया। अब जिला प्रशासन और CM योगी से कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। ये मामला सप्तसागर कॉलोनी स्थित श्रीराम पैलेस होटल का है।

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