Ontdekken posts

Ontdek boeiende inhoud en diverse perspectieven op onze Ontdek-pagina. Ontdek nieuwe ideeën en voer zinvolle gesprekken

image
41 w - Vertalen

सौ चाँद निकले तो सूरज निकले हजार
गुरु बिन अंधेरा है जब प्रकाश है।
सिख धर्म के द्वितीय प्रकाश श्री गुरु अंगद देव जी के प्राकट्य दिवस की सभी सिख समुदाय को बहुत-बहुत बधाई। आइये, सेवा, साधना और सहिष्णुता के प्रतीक गुरु साहिब के संदेश को अपने जीवन में सदैव ईश्वर की आज्ञा और इच्छा में रहने के लिए अपनायें।

image
41 w - Vertalen

#china successfully launched the #shenzhou20 crewed #spaceship on Thursday.
From 0 to 26 taikonauts to space, 🇨🇳China's #space journey continues.
#factsmatter #gtgraphic Valiant Panda

image
41 w - Vertalen

पौड़ी गढ़वाल के खिर्सू क्षेत्र का कठबद्दी मेला एक अनूठा और महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन है जो न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि सामुदायिक एकता और स्थानीय परंपराओं को भी जीवंत रखता है।
कठबद्दी मेले का महत्व:
* ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: इस मेले की जड़ें सदियों पुरानी हैं। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, 1808 में कैप्टन रेफर ने श्रीनगर (गढ़वाल) में अलकनंदा नदी के पार इस मेले को होते हुए देखा था। उस समय, "बद्दी" या "बेड़ा" जाति का एक व्यक्ति लकड़ी के मंच पर बैठकर पहाड़ी की चोटी से नदी के किनारे तक बंधी रस्सी के सहारे नीचे आता था। यह परंपरा जोखिम भरी थी और इसमें जान का खतरा भी होता था। मान्यता है कि जिन गांवों को महादेव का संरक्षण प्राप्त था, वहीं यह मेला आयोजित होता था।
* वर्तमान स्वरूप: अब इस खतरनाक प्रथा में मनुष्य की जगह लकड़ी के ढांचे का उपयोग किया जाता है, जिसे "कठबद्दी" कहा जाता है। हालांकि, यह परंपरा आज भी स्थानीय लोगों के लिए बहुत महत्व रखती है।
* सामुदायिक एकता का प्रतीक: मेले का मुख्य आकर्षण लगभग 100 मीटर लंबी घास की रस्सी बनाना और उसे पूरे गांव में घुमाना है। यह रस्सी एकता, विरासत और आध्यात्मिक विश्वास का प्रतीक मानी जाती है। ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे इस रस्सी को तालबद्ध मंत्रोच्चारण के साथ खिर्सू के घुमावदार रास्तों से खींचते हैं।
* आशीर्वाद और समृद्धि की कामना: लोककथाओं के अनुसार, मेले में शामिल होकर और कठबद्दी रस्सी का एक टुकड़ा प्राप्त करने वालों को आने वाले वर्ष के लिए समृद्धि और सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है। यही कारण है कि इस मेले में सैकड़ों श्रद्धालु और जिज्ञासु पर्यटक भाग लेते हैं।
* स्थानीय संस्कृति का प्रदर्शन: कठबद्दी मेला सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन भी है। मेले में पारंपरिक नृत्य, संगीत और लोक कलाओं का प्रदर्शन किया जाता है।

image
41 w - Vertalen

News Published in Today Dainik Jagran Newspaper (Ludhiana Edition) 28 April 2025

image
41 w - Vertalen

गेहूं

image
41 w - Vertalen

राजकीय इण्टर कॉलेज थराली के 6 छात्र छात्राओं की इस उपलब्धि के संपूर्ण उत्तराखंड और पहाड़ की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं 🎉🎉 बहुत बहुत शुभकामने

image
41 w - Vertalen

Mithiya yaadein 🌟💭🎉

image

image
41 w - Vertalen

Ten Unknown Facts About #bmw
1. Founding and History: BMW, Bayerische Motoren Werke AG, was founded in 1916 in Munich, Germany, initially producing aircraft engines. The company transitioned to motor

image