Découvrir des postes

Explorez un contenu captivant et des perspectives diverses sur notre page Découvrir. Découvrez de nouvelles idées et engagez des conversations significatives

42 w - Traduire

अपने बच्चों को दी जाने वाली 12 सबसे बेहतरीन विरासतें..
1. बुद्धिमत्ता (Wisdom)
बुद्धिमत्ता स्कूलों में नहीं सिखाई जाती, यह जीवन के अनुभवों से प्राप्त होती है। माता-पिता ही सबसे अच्छे शिक्षक होते हैं। अपने बच्चों को मार्गदर्शन दें, अपने अनुभव साझा करें ताकि वे गलतियों से सीखने की बजाय समझदारी से आगे बढ़ें।
2. सामाजिक कौशल (Social Skills)
जीवन रिश्तों का खेल है। बच्चों को आत्म-संयम, भाईचारे, विपरीत लिंग से व्यवहार, सही संगति चुनना, मित्रता बनाना और निभाना, संवाद करना आदि सिखाएं। ये कौशल उन्हें जीवनभर काम आएंगे।
3. परिवार के प्रति स्वस्थ दृष्टिकोण (Healthy View of Family)
अगर आप अपने बच्चों के मन में शादी या परिवार के प्रति नकारात्मक सोच भरते हैं, तो उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। चाहे आप एक जोड़ा हों या अकेले माता-पिता, बच्चों को परिवार के महत्व की समझ दें।
4. अच्छी यादें (Good Memories)
बचपन की यादें या तो जीवन को संबल देती हैं या कष्ट देती हैं। अपने बच्चों को ऐसा बचपन दें जिसे याद करके उन्हें खुशी मिले। उन्हें यह अनुभव कराएं कि इस दुनिया में अच्छे लोग हैं — जैसे उनके माता-पिता।
5. मानसिक स्वास्थ्य (Sound Mental Health)
बच्चों को भावनात्मक चोट, गाली, उपेक्षा, तुलना और तिरस्कार से दूर रखें। उन्हें प्यार, सम्मान और सुरक्षा दें ताकि वे मानसिक रूप से स्वस्थ बड़े हों।
6. अच्छा नाम (A Good Name)
ऐसी प्रतिष्ठा बनाएं जिस पर आपके बच्चे गर्व करें। वे गर्व से आपका नाम लें और अगली पीढ़ी को भी उसी नाम से जोड़ें।
7. पहचान (Identity)
बच्चों को उनके वंश, पूर्वजों और पारिवारिक इतिहास के बारे में बताएं। उन्हें यह समझ दें कि वे किस परंपरा और विरासत से जुड़े हैं।
8. आर्थिक संपत्ति (Financial Wealth)
बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए धन की आवश्यकता होगी। उन्हें संपत्ति, धन, शेयर या पारिवारिक व्यवसाय दें, साथ ही उन्हें धन प्रबंधन भी सिखाएं।
9. आस्था की विरासत (Legacy of Faith)
बच्चों को ईश्वर के बारे में बताएं, उनके साथ प्रार्थना करें ताकि वे जीवन के कठिन समय में आत्मिक संबल पा सकें। उन्हें यह भी समझाएं कि माता-पिता सीमित हैं लेकिन ईश्वर असीम हैं।
10. आत्मविश्वास (Confidence)
बच्चों में आत्म-विश्वास भरें, उन्हें उनके उद्देश्य और सामर्थ्य का बोध कराएं। उन्हें सिखाएं कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी डटकर खड़े रहें।
11. मूल्य और परंपराएं (Values and Tradition)
बच्चों को सच्चाई, मेहनत, ईमानदारी, पारिवारिक एकता जैसे मूल्यों और परंपराओं की शिक्षा दें ताकि वे इन्हें जीवनभर अपनाएं और आगे बढ़ाएं।
12. सहारा और नेटवर्क (Support System)
बच्चों को ऐसे मार्गदर्शक, अध्यात्मिक गुरु, शिक्षकों, पुस्तकों, समुदायों और क्लबों से परिचित कराएं जो उनके जीवन को समृद्ध करें। कुछ आशीर्वाद ऐसे लोगों से मिलते हैं जो हम नहीं होते।
याद रखें: हम सभी अपने पूर्वजों की विरासत हैं। अगर हम अच्छे इंसान हैं तो हमारे माता-पिता ने अच्छे बीज बोए होंगे। अब हमारी बारी है कि हम अगली पीढ़ी को सशक्त बनाएं।
ईश्वर हम सभी को इस जिम्मेदारी को निभाने की शक्ति दें।

image
42 w - Traduire

बाबू को समझाया था.. सारे अब्दुल एक ही हैं
बाबू नहीं मानी और एक आँख फुड़वा ली निकाह के मात्र दो महीने के अंदर अब्दुल ने बाबू का कूट कूट के कुकुरमुत्ते बना दिया...........

image
42 w - Traduire

बाबू को समझाया था.. सारे अब्दुल एक ही हैं
बाबू नहीं मानी और एक आँख फुड़वा ली निकाह के मात्र दो महीने के अंदर अब्दुल ने बाबू का कूट कूट के कुकुरमुत्ते बना दिया...........

image
42 w - Traduire

बाबू को समझाया था.. सारे अब्दुल एक ही हैं
बाबू नहीं मानी और एक आँख फुड़वा ली निकाह के मात्र दो महीने के अंदर अब्दुल ने बाबू का कूट कूट के कुकुरमुत्ते बना दिया...........

imageimage
42 w - Traduire

मुस्कान शेख़: कॉमनवेल्थ पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 4 स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के मझेरा गांव की 18 वर्षीय मुस्कान शेख़ ने न्यूजीलैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण पदक जीते, जिससे उन्होंने भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन
मुस्कान ने 64 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लिया और अपनी श्रेणी में चारों स्वर्ण पदक हासिल किए। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय पावरलिफ्टिंग समुदाय में एक नई ऊर्जा का संचार किया है और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।

परिवार का समर्थन और प्रशिक्षण
मुस्कान के पिता, दारा मोहम्मद, पोल्ट्री फार्म चलाते हैं और उन्होंने अपनी बेटी के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परिवार के समर्थन और मुस्कान की कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप, उन्होंने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

पूर्व की उपलब्धियाँ
इससे पहले, अगस्त में आयोजित ऑल इंडिया पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मुस्कान ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था, जो उनकी निरंतर सफलता का प्रमाण है।

स्वागत और सम्मान
मुस्कान शेख़ 2 दिसंबर को भारत लौटेंगी, जहां उनके स्वागत की तैयारियाँ जोरों पर हैं। स्थानीय समुदाय और खेल प्रेमी उनकी इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए उत्सुक हैं।

मुस्कान शेख़ की यह सफलता न केवल उनके परिवार और समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उनकी कहानी साबित करती है कि समर्पण, मेहनत और परिवार के समर्थन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

image
42 w - Traduire

हंसते रहा करो ….😂
उदास रहने से कौन सी
ज़िन्दगी की परेशानियाँ
सही हो जाएगी !!

image
42 w - Traduire

सिर्फ़ एक इंसान ही आपको
आगे लेकर जाएगा ,और वो है
आप ख़ुद।

image
42 w - Traduire
यदि आप ब्रह्म मुहूर्त की प्रातकालीन बेला में जाग गए हैं तो सुबह की पहली हाजरी भोले नाथ जी के चरणों में लगाएं और उनका आशीर्वाद लें।जय हो भोलेनाथ 🙏
42 w - Traduire

सुंदर फूलों के बीच🌹💥🌹🧚‍♂️🌿

image
42 w - Traduire

दोपहर में मॉल में खरीदारी

image