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Ajj mann udas hai bahut pyara insaan bahut wadda kalakaar sade ch nhi reha. Lokan nu haase den wala insaan ajj chup ho gya.
Tusi hmesha zinda rahoge sade mana ch.
RIP BHALLA SAAB SLUTE 😪😪

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जन सेवा, नारायण सेवा…
प्रत्येक शुक्रवार की भांति कल भी शिवाजी नगर जनसंपर्क कार्यालय, महमूरगंज में #जनसुनवाई का आयोजन संपन्न हुआ। जनसुनवाई प्रातः 90 बजे से अपराह्न 12:30 बजे तक निरंतर चलती रही, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने सहभागिता कर अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं क्षेत्रीय समस्याओं को साझा किया।
जनहित को सर्वोपरि रखते हुए, सभी समस्याओं को सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके शीघ्र एवं प्रभावी समाधान हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
#sevasankalp #जनसेवा #सेवा_ही_संकल्प #bjp4people #bjp4up

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इस भाई को क्या हुआ सबको पता है इसकी सजा भी बढ़ा दी गई है चलो इसे बचाने के लिए सोशल मीडिया पर एक बड़ी लहर मचाते हैं।

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स्वर्गीय श्री राजेश गहलोट जी (पूर्व विधायक) के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु श्रद्धांजलि सभा।
दिनांक : - रविवार 24 अगस्त 2025
समय : - अपराह्न 3 से 5 बजे तक
स्थान : - द्वारका श्री रामलीला सोसाइटी ग्राउंड सेक्टर-10 द्वारका, मैक्स होस्पिटल के पीछे

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जिया जिया हो बिहार के लाला❤️❤️ गमछा 🔥💪🏽🎉

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#भारत की वो #एकलौती ऐसी घटना जब , अंग्रेज़ों ने एक साथ 52 क्रांतिकारियों को इमली के पेड़ पर लटका दिया था, पर वामपंथियों ने इतिहास की इतनी बड़ी घटना को आज तक गुमनामी के अंधेरों में ढके रखा।

#उत्तरप्रदेश के फतेहपुर जिले में स्थित बावनी इमली एक प्रसिद्ध इमली का पेड़ है, जो भारत में एक शहीद स्मारक भी है। इसी इमली के पेड़ पर 28 अप्रैल 1858 को गौतम क्षत्रिय, जोधा सिंह अटैया और उनके इक्यावन साथी फांसी पर झूले थे। यह स्मारक उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिन्दकी उपखण्ड में खजुआ कस्बे के निकट बिन्दकी तहसील मुख्यालय से तीन किलोमीटर पश्चिम में मुगल रोड पर स्थित है।

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जय हिन्द जय भारत ❤️

भारत-चीन १९६२ युद्ध की झलक :-
जब भारतीय सेना ने चीन से एक अपना राज्य गँवा दिया था तब साड़ियाँ पहने - भारतीय होम गार्ड की लड़कियों ने राइफल्स उठाई और शक्तिशाली पीएलए का सामना करने का फ़ैसला किया !!

साड़ियों में ये लड़कियाँ हाथ में बंदूक़ लेकर भारत चीन का गौरवशाली इतिहास लिखने चल पड़ी।
यह कहानी आधे से ज़्यादा भारतीयों को पता ही नहीं है

तेज़पुर में भारतीय होम गार्ड कि इन लड़कियों ने बंदूक़ें उठाई और चीन की सेना का सामना करने का निर्णय लिया और युद्ध विराम तक लड़ी !!
इन महिलाओं ने दिखाया अगर देश में युद्ध की स्थिति हो तो महिलाएँ भी पुरूषों से कम नहीं हैं !!
किंतु हमारे देश के वामपंथी इतिहासकारों ने इस पराक्रम को हमारे पाठ्यक्रम में कोई स्थान नहीं दिया !!
सैल्यूट है भारत की नारी शक्ति को
नारी शक्ति जिंदाबाद ❤️

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