Découvrir des postesExplorez un contenu captivant et des perspectives diverses sur notre page Découvrir. Découvrez de nouvelles idées et engagez des conversations significatives
इंडिया गठबंधन ने आंध्र प्रदेश में जन्मे बी सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना कर चंद्रबाबू नायडू को मुश्किल में डाल दिया है।
अब अगर चंद्रबाबू नायडू समर्थन नहीं करते हैं तो उनका भविष्य में राजनीतिक नुक़सान होगा। और अगर समर्थन करते हैं तो भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी।
भाजपा को भी समझ लेना चाहिए कि इंडिया गठबंधन भी बहुत अच्छे से खेला करना जानता है।
इंडिया गठबंधन ने आंध्र प्रदेश में जन्मे बी सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना कर चंद्रबाबू नायडू को मुश्किल में डाल दिया है।
अब अगर चंद्रबाबू नायडू समर्थन नहीं करते हैं तो उनका भविष्य में राजनीतिक नुक़सान होगा। और अगर समर्थन करते हैं तो भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी।
भाजपा को भी समझ लेना चाहिए कि इंडिया गठबंधन भी बहुत अच्छे से खेला करना जानता है।
इंडिया गठबंधन ने आंध्र प्रदेश में जन्मे बी सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना कर चंद्रबाबू नायडू को मुश्किल में डाल दिया है।
अब अगर चंद्रबाबू नायडू समर्थन नहीं करते हैं तो उनका भविष्य में राजनीतिक नुक़सान होगा। और अगर समर्थन करते हैं तो भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी।
भाजपा को भी समझ लेना चाहिए कि इंडिया गठबंधन भी बहुत अच्छे से खेला करना जानता है।

इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस सुदर्शन रेड्डी जी का आज दिल्ली एअरपोर्ट पर स्वागत किया।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति रहते हुए उनके फैसले नज़ीर की तरह हैं, उनका व्यक्तित्व शानदार है, दलों का दायरा तोड़कर सभी सांसदों को एैसी शख़्सियत को ज़रूर चुनना चाहिये।
इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस सुदर्शन रेड्डी जी का आज दिल्ली एअरपोर्ट पर स्वागत किया।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति रहते हुए उनके फैसले नज़ीर की तरह हैं, उनका व्यक्तित्व शानदार है, दलों का दायरा तोड़कर सभी सांसदों को एैसी शख़्सियत को ज़रूर चुनना चाहिये।
इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस सुदर्शन रेड्डी जी का आज दिल्ली एअरपोर्ट पर स्वागत किया।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति रहते हुए उनके फैसले नज़ीर की तरह हैं, उनका व्यक्तित्व शानदार है, दलों का दायरा तोड़कर सभी सांसदों को एैसी शख़्सियत को ज़रूर चुनना चाहिये।
