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🇮🇳 आज के दिन क्रांतिवीर खुदीराम बोस को फाँसी दी गई थी.
वे मात्र 18 वर्ष के थे. कोई देशद्रोही ही होगा जो आज अंतिम बार उन्हें श्रृद्धाजंलि देकर नहीं जाएगा
#wednesdaymotivation
हार की आहट लगते ही RJD ने वही पुरानी स्क्रिप्ट दोहराई—EVM पर शक, ट्रक रोककर हंगामा, और सोशल मीडिया पर माहौल गर्म करने की कोशिश।
लेकिन इस बार कहानी शुरुआत में ही ढह गई। जिन ट्रकों पर “डुप्लीकेट EVM” ले जाए जाने का आरोप लगाया गया, सिक्योरिटी टीम ने मौके पर बॉक्स खुलवाए तो अंदर कुछ भी नहीं निकला—सिर्फ खाली बॉक्स। इससे साफ दिख गया कि यह पूरा हंगामा सिर्फ भ्रम फैलाने और ध्यान भटकाने का एक राजनीतिक हथकंडा था।
चुनाव नज़दीक आते ही आरोपों की गर्मी बढ़ना आम है, लेकिन इतने बड़े स्तर पर गलत जानकारी फैलाना जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ है। जीत–हार लोकतंत्र का हिस्सा है, मगर लोगों को गुमराह करके सहानुभूति बटोरने की राजनीति अब बेपर्दा हो चुकी है।
जनता सब देख रही है—कौन सच में मुद्दों पर काम कर रहा है और कौन शोर और ड्रामे से चुनावी जमीन बचाने की कोशिश कर रहा है।
Disclaimer: यह पोस्ट उपलब्ध सोशल मीडिया सूचनाओं पर आधारित है।