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श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 देहरादून (पंजी.) द्वारा रेसकोर्स में आयोजित भव्य रामलीला महोत्सव 2025 में भगवान श्रीराम के मंचन के साथ विशेष "पहाड़ पर्यटन दिवस " में भी प्रभु श्रीराम का मंचन देखने का सौभाग्य मिला।
रामलीला समिति के अध्यक्ष व कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर जी, पुरानी टिहरी की संस्कृति से लोगों का पुरानी और आज की पीढ़ी का साक्षात्कार करवा रहे हैं। मैं उनके प्रयास की सराहना करता हूं और लोगों से अनुरोध करता हूं कि अपना सभी प्रकार का सहयोग देकर इस रामलीला मंचन को और भव्य बनाएं। पुरानी तर्ज में अभिनित की जा रही यह रामलीला, हमारे रामलीला से जुड़ी यादों को ताजा करती है। पिछले वर्ष इस रामलीला के साथ 50 लाख से ज्यादा लोग जुड़े। अब अभिनव ने लक्ष्य रखा है 75 लाख, उत्साही है, काम को समझता है और लक्ष्य तय कर उसको पूरा करता है। मुझे उम्मीद है आने वाले दिनों में हमारी यह रामलीला राज्य के बाहर के लोगों के लिए भी आकर्षण होगी, चर्चा में तो अभी है ही है।
मैं रामलीला कमेटी के पात्रों, रामलीला की निदेशक और टीम अभिनव को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। रामलीला भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा सांस्कृतिक मंच है। श्री राजा रामचंद्र जी और माता सीता, ऐसे मानव तनधारी देव हैं जिन्हें जितना त्रेता में अयोध्या में पूजा जाता था, त्रेता गया, द्वापर गया, कलयुग भी आगे बढ़ रहा है। मगर राजा रामचंद्र अपनी मर्यादाओं के साथ उसी ऐतिहासिक ऊंचाई पर खड़े हैं जहां तक हमारी कल्पना जा सकती है। प्रभु राम सबका कल्याण करें। इसलिये इकबाल ने श्री राजा राम को इमामे ए हिंद कहा था। आप सबको रामनवमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
जय सीताराम राम !
📍 रेसकोर्स, जिला देहरादून
#ramleela #dehradun #tehri
Abhinav Thapar #ramleeladehradun
श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 देहरादून (पंजी.) द्वारा रेसकोर्स में आयोजित भव्य रामलीला महोत्सव 2025 में भगवान श्रीराम के मंचन के साथ विशेष "पहाड़ पर्यटन दिवस " में भी प्रभु श्रीराम का मंचन देखने का सौभाग्य मिला।
रामलीला समिति के अध्यक्ष व कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर जी, पुरानी टिहरी की संस्कृति से लोगों का पुरानी और आज की पीढ़ी का साक्षात्कार करवा रहे हैं। मैं उनके प्रयास की सराहना करता हूं और लोगों से अनुरोध करता हूं कि अपना सभी प्रकार का सहयोग देकर इस रामलीला मंचन को और भव्य बनाएं। पुरानी तर्ज में अभिनित की जा रही यह रामलीला, हमारे रामलीला से जुड़ी यादों को ताजा करती है। पिछले वर्ष इस रामलीला के साथ 50 लाख से ज्यादा लोग जुड़े। अब अभिनव ने लक्ष्य रखा है 75 लाख, उत्साही है, काम को समझता है और लक्ष्य तय कर उसको पूरा करता है। मुझे उम्मीद है आने वाले दिनों में हमारी यह रामलीला राज्य के बाहर के लोगों के लिए भी आकर्षण होगी, चर्चा में तो अभी है ही है।
मैं रामलीला कमेटी के पात्रों, रामलीला की निदेशक और टीम अभिनव को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। रामलीला भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा सांस्कृतिक मंच है। श्री राजा रामचंद्र जी और माता सीता, ऐसे मानव तनधारी देव हैं जिन्हें जितना त्रेता में अयोध्या में पूजा जाता था, त्रेता गया, द्वापर गया, कलयुग भी आगे बढ़ रहा है। मगर राजा रामचंद्र अपनी मर्यादाओं के साथ उसी ऐतिहासिक ऊंचाई पर खड़े हैं जहां तक हमारी कल्पना जा सकती है। प्रभु राम सबका कल्याण करें। इसलिये इकबाल ने श्री राजा राम को इमामे ए हिंद कहा था। आप सबको रामनवमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
जय सीताराम राम !
📍 रेसकोर्स, जिला देहरादून
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Abhinav Thapar #ramleeladehradun
श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 देहरादून (पंजी.) द्वारा रेसकोर्स में आयोजित भव्य रामलीला महोत्सव 2025 में भगवान श्रीराम के मंचन के साथ विशेष "पहाड़ पर्यटन दिवस " में भी प्रभु श्रीराम का मंचन देखने का सौभाग्य मिला।
रामलीला समिति के अध्यक्ष व कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर जी, पुरानी टिहरी की संस्कृति से लोगों का पुरानी और आज की पीढ़ी का साक्षात्कार करवा रहे हैं। मैं उनके प्रयास की सराहना करता हूं और लोगों से अनुरोध करता हूं कि अपना सभी प्रकार का सहयोग देकर इस रामलीला मंचन को और भव्य बनाएं। पुरानी तर्ज में अभिनित की जा रही यह रामलीला, हमारे रामलीला से जुड़ी यादों को ताजा करती है। पिछले वर्ष इस रामलीला के साथ 50 लाख से ज्यादा लोग जुड़े। अब अभिनव ने लक्ष्य रखा है 75 लाख, उत्साही है, काम को समझता है और लक्ष्य तय कर उसको पूरा करता है। मुझे उम्मीद है आने वाले दिनों में हमारी यह रामलीला राज्य के बाहर के लोगों के लिए भी आकर्षण होगी, चर्चा में तो अभी है ही है।
मैं रामलीला कमेटी के पात्रों, रामलीला की निदेशक और टीम अभिनव को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। रामलीला भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा सांस्कृतिक मंच है। श्री राजा रामचंद्र जी और माता सीता, ऐसे मानव तनधारी देव हैं जिन्हें जितना त्रेता में अयोध्या में पूजा जाता था, त्रेता गया, द्वापर गया, कलयुग भी आगे बढ़ रहा है। मगर राजा रामचंद्र अपनी मर्यादाओं के साथ उसी ऐतिहासिक ऊंचाई पर खड़े हैं जहां तक हमारी कल्पना जा सकती है। प्रभु राम सबका कल्याण करें। इसलिये इकबाल ने श्री राजा राम को इमामे ए हिंद कहा था। आप सबको रामनवमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
जय सीताराम राम !
📍 रेसकोर्स, जिला देहरादून
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