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नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी से शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर उन्हें राजस्थान में डबल इंजन सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। वार्षिक कार्य योजना के तहत वित्तीय अनुदान जल्द जारी करने तथा नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन जयपुर में किए जाने का अनुरोध किया।

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नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी से शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर उन्हें राजस्थान में डबल इंजन सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। वार्षिक कार्य योजना के तहत वित्तीय अनुदान जल्द जारी करने तथा नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन जयपुर में किए जाने का अनुरोध किया।

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नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी से शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर उन्हें राजस्थान में डबल इंजन सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। वार्षिक कार्य योजना के तहत वित्तीय अनुदान जल्द जारी करने तथा नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन जयपुर में किए जाने का अनुरोध किया।

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जब शिव के मंदिर को तोड़कर मीट की दुकान बनाना चाहती थी सरकार फिर जो हुआ देखकर कांप उठे थे मुस्लिम….

पाकिस्तान में हिंदू और हिंदू मंदिरों पर हो रहे अत्याचारों की खबरें तो आपने सुनी ही होंगी। पड़ोसी देश पाकिस्तान में लगातार हिंदुओं का शोषण किया जाता है। हिंदू मंदिरों को धवस्त करने में तो वो दो पल से भी कम का समय लगाते हैं, लेकिन पाकिस्तान के कराची से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने वहां के मुस्लिमों को अब हिंदू देवी देवताओं पर विश्वास करने के लिए मजबूर कर दिया है।

अब वहां के कई मुस्लिम लोग भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए नजर आते हैं। लेकिन आखिर क्यों इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग भाले बाबा को मानने लगे आईए जानते हैं।
मंदिर तोड़कर बनाना चाहते थे मीट की दुकान….

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भारत की 1000 बड़ी कंपनियों के कॉरपोरेट बोर्ड में 93% तथाकथित ऊंची जाति वालों का कब्ज़ा है।

ये किस तरह से अपनी बिरादरी वालों को प्रोमोट करते होंगे ये बताने की जरूरत नहीं।

इस ओवर रिप्रेजेंटेशन की बीमारी का एक ही इलाज है। :- प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण।

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लिज्जत पापड़ की स्थापना 1959 में मुंबई के गिरगांव में सात महिलाओं द्वारा की गई थी। इनमें प्रमुख नाम जसवंतीबेन जमनादास पोपट का है, जिन्होंने अपनी छह सहेलियों- पार्वतीबेन रामदास ठोडानी, उमजबेन नरनदास कुंडालिया, भानूबेन एन. टप्पा, लागुबेन अमृतलाल गोकाणी, जयाबेन वी. विठलानी, और दिवालिबेन लुकका के साथ मिलकर इस सहकारी संस्था की नींव रखी। शुरुआत में, इन महिलाओं ने समाजसेवी अमृतलाल कसमसी पारेख से 80 रुपये उधार लेकर अपने घर के आंगन में पापड़ बनाना शुरू किया।

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भारत की पहली और विश्व की तीसरी शहरी रोपवे का ट्रायल रन वाराणसी में शुरू हो गया है।
रोपवे शुरू होने से 45 मिनट की दूरी अब 15 मिनट में तय होगी। यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक है।

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Another Drum… Another Man lost his life!!