image

image

image
1 y - Translate

ਕਮਿਸ਼ਨਰੇਟ ਪੁਲਿਸ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਥਾਣਾ ਸਲੇਮ ਟਾਬਰੀ ਵੱਲੋਂ ਵੱਡੀ ਸਫਲਤਾ ਹਾਸਲ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਨਸ਼ਾ ਵੇਚਣ ਵਾਲੇ ਸਮਗਲਰਾਂ ਖਿਲਾਫ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ 02 ਦੋਸ਼ੀਆ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਜਿਹਨਾਂ ਪਾਸੋਂ ਕੁੱਲ 70 ਗ੍ਰਾਮ ਹੈਰੋਇਨ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੀ ਗਈ।
Commissionerate Police Ludhiana's PS Salem Tabri achieved great success in taking action against drug smugglers and arrested 02 accused. A total of 70 gram of heroin was recovered from there possession.

image
1 y - Translate

दीपिका चिखलिया, अरुण गोविल और सुनील लहरी, ये तीनों कलाकार भारतीय टेलीविजन के ऐतिहासिक धारावाहिक 'रामायण' (1987) में प्रमुख भूमिकाओं के लिए प्रसिद्ध हैं। इस धारावाहिक ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई और भारतीय टेलीविजन इतिहास में अमिट छाप छोड़ी।​

दीपिका चिखलिया
दीपिका चिखलिया का जन्म 29 अप्रैल 1965 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने 1983 में फिल्म 'सुन मेरी लैला' से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन उन्हें असली पहचान 'रामायण' में सीता की भूमिका से मिली। इस भूमिका ने उन्हें अपार लोकप्रियता दिलाई। इसके बाद, उन्होंने कई फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में अभिनय किया। 1991 में, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से बड़ौदा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और सांसद बनीं। वर्तमान में, वह निर्माता के रूप में भी सक्रिय हैं और 2023 में 'धरतीपुत्र नंदिनी' नामक टीवी शो का निर्माण किया। ​

image
1 y - Translate

संजय जोग (Sanjay Jog) एक प्रमुख भारतीय अभिनेता थे, जिन्होंने मराठी, हिंदी और गुजराती फिल्मों में अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनका जन्म 24 सितंबर 1955 को नागपुर, महाराष्ट्र में हुआ था। संजय जोग ने अपने करियर की शुरुआत 1975 में मराठी फिल्म 'सपला' से की थी, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। इसके बाद, उन्होंने 'जिद' (198 जैसी फिल्मों में अभिनय किया, जो हिट रही और उनकी पहचान बनी।​

संजय जोग को सबसे अधिक पहचान रामानंद सागर के ऐतिहासिक धारावाहिक 'रामायण' में भगवान राम के भाई 'भरत' की भूमिका से मिली। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई और वह दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो गए। उन्होंने 'लव कुश' (1988-1989) में भी अभिनय किया।​

संजय जोग ने मराठी, हिंदी और गुजराती फिल्मों में लगभग 30 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उनकी प्रमुख हिंदी फिल्मों में 'अपना घर' (1989), 'जिगरवाला' (1991), 'नसीबवाला' (1992) और 'बेटा हो तो ऐसा' (1994) शामिल हैं। उन्होंने 'माया बाजार' (1984) जैसी गुजराती फिल्मों में भी अभिनय किया।​

संजय जोग का निधन 27 नवंबर 1995 को मुंबई में लीवर फेल होने के कारण हुआ। उनकी उम्र उस समय केवल 40 वर्ष थी। उनकी पत्नी नीता जोग और दो बच्चे थे, जिनमें से एक रंजीत जोग हैं।​

संजय जोग का अभिनय आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है, और उनकी भूमिकाएं भारतीय टेलीविजन और सिनेमा के इतिहास में अमिट छाप छोड़ गई हैं।

image
1 y - Translate

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी की कृपा से निर्माणाधीन रामनगर स्थित "उड़िया घाट" का स्थलीय निरीक्षण किया। कार्य की प्रगति और उसमें प्रयुक्त सामग्रियों की गुणवत्ता का सूक्ष्मता से परीक्षण किया। अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा घटिया सामग्री का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कार्य समयबद्ध, उच्च गुणवत्ता युक्त और जनहित को केंद्र में रखकर पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
घाट की निरंतर बढ़ती उपयोगिता और नागरिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए घाट के विस्तार को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, जिससे यह स्थल भविष्य में और अधिक उपयोगी एवं सुविधाजनक बन सके।
जनसेवा ही हमारा संकल्प है, और काशी का सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता।
घाट निर्माण के लिए धन स्वीकृत करने के लिए माननीय पर्यटन मंत्री श्री Jaiveer singh जी के प्रति हृदय से आभार...
#उड़िया_घाट
#जनसंपर्क
#स्थलीय_निरीक्षण
#गुणवत्ता_युक्त_विकास

image
1 y - Translate

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी की कृपा से निर्माणाधीन रामनगर स्थित "उड़िया घाट" का स्थलीय निरीक्षण किया। कार्य की प्रगति और उसमें प्रयुक्त सामग्रियों की गुणवत्ता का सूक्ष्मता से परीक्षण किया। अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा घटिया सामग्री का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कार्य समयबद्ध, उच्च गुणवत्ता युक्त और जनहित को केंद्र में रखकर पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
घाट की निरंतर बढ़ती उपयोगिता और नागरिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए घाट के विस्तार को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, जिससे यह स्थल भविष्य में और अधिक उपयोगी एवं सुविधाजनक बन सके।
जनसेवा ही हमारा संकल्प है, और काशी का सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता।
घाट निर्माण के लिए धन स्वीकृत करने के लिए माननीय पर्यटन मंत्री श्री Jaiveer singh जी के प्रति हृदय से आभार...
#उड़िया_घाट
#जनसंपर्क
#स्थलीय_निरीक्षण
#गुणवत्ता_युक्त_विकास

image
1 y - Translate

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी की कृपा से निर्माणाधीन रामनगर स्थित "उड़िया घाट" का स्थलीय निरीक्षण किया। कार्य की प्रगति और उसमें प्रयुक्त सामग्रियों की गुणवत्ता का सूक्ष्मता से परीक्षण किया। अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा घटिया सामग्री का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कार्य समयबद्ध, उच्च गुणवत्ता युक्त और जनहित को केंद्र में रखकर पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
घाट की निरंतर बढ़ती उपयोगिता और नागरिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए घाट के विस्तार को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, जिससे यह स्थल भविष्य में और अधिक उपयोगी एवं सुविधाजनक बन सके।
जनसेवा ही हमारा संकल्प है, और काशी का सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता।
घाट निर्माण के लिए धन स्वीकृत करने के लिए माननीय पर्यटन मंत्री श्री Jaiveer singh जी के प्रति हृदय से आभार...
#उड़िया_घाट
#जनसंपर्क
#स्थलीय_निरीक्षण
#गुणवत्ता_युक्त_विकास

image
1 y - Translate

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी की कृपा से निर्माणाधीन रामनगर स्थित "उड़िया घाट" का स्थलीय निरीक्षण किया। कार्य की प्रगति और उसमें प्रयुक्त सामग्रियों की गुणवत्ता का सूक्ष्मता से परीक्षण किया। अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा घटिया सामग्री का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कार्य समयबद्ध, उच्च गुणवत्ता युक्त और जनहित को केंद्र में रखकर पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
घाट की निरंतर बढ़ती उपयोगिता और नागरिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए घाट के विस्तार को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, जिससे यह स्थल भविष्य में और अधिक उपयोगी एवं सुविधाजनक बन सके।
जनसेवा ही हमारा संकल्प है, और काशी का सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता।
घाट निर्माण के लिए धन स्वीकृत करने के लिए माननीय पर्यटन मंत्री श्री Jaiveer singh जी के प्रति हृदय से आभार...
#उड़िया_घाट
#जनसंपर्क
#स्थलीय_निरीक्षण
#गुणवत्ता_युक्त_विकास

image
image
image