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कल तक यहां हजारों पर्यटक घूम रहे थे!

लाल चौक पर चारों तरफ चहल पहल था, सभी दुकानें खुली थी, व्यापार और पर्यटन चल रहा था।

लेकिन आज कश्मीर का लाल चौक सूना पड़ा है, सारी दुकानें बंद पड़ी है।

व्यापार और पर्यटन ठप पड़ा है, चारों तरफ डर का माहौल है।

इसका जिम्मेदार केवल इस्लामिक आतंकवाद है और कुछ नहीं।

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With a heavy heart, paid last respects to the deceased of the Pahalgam terror attack. Bharat will not bend to terror. The culprits of this dastardly terror attack will not be spared.

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With a heavy heart, paid last respects to the deceased of the Pahalgam terror attack. Bharat will not bend to terror. The culprits of this dastardly terror attack will not be spared.

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With a heavy heart, paid last respects to the deceased of the Pahalgam terror attack. Bharat will not bend to terror. The culprits of this dastardly terror attack will not be spared.

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With a heavy heart, paid last respects to the deceased of the Pahalgam terror attack. Bharat will not bend to terror. The culprits of this dastardly terror attack will not be spared.

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नेपाल ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है और भारत के साथ एकजुटता जताई है। नेपाल सरकार ने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में वह भारत के साथ खड़ी है।
#pahalgamattack #nepalindiasolidarity #terrorisminkashmir #indianepalrelations #jammuandkashmir #pahalgamterrorattack #indiafightsterror #breakingnews #asianetnewshindi

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सवाल बड़े हैं और अनेक आशंकाओं - संदेह की वजह भी :
"हजारों की संख्या में पर्यटकों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा बल / फ़ोर्स की तैनाती नहीं थी .. सुरक्षा बल / फ़ोर्स घटना - स्थल से छः किलोमीटर दूर तैनात था/थी .. अधिक ऊंचाई पर होने के बावजूद पर्यटकों - आतंकियों के लिए पहुंचना मुश्किल नहीं , मगर ऊँचाई वाली - दुर्गम जगहों पर पहुँचने - काम करने के लिए प्रशिक्षित सुरक्षा बल / फ़ोर्स के लिए पहुँचाना मुश्किल ??? "
इन सवालों का जवाब कौन देगा .. फ़ोर्स की तैनाती नहीं होने की वजह कौन बताएगा ?? और सबसे अहम बात क्या मीडिया ऐसे सवाल मोदी - शाह से पूछने का साहस कभी जुटा पाएगा ?

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गुजरात की एक मां की कहानी हर किसी का दिल जीत रही है, जो अपने छोटे बच्चे को बाइक पर बिठाकर जोमैटो डिलीवरी करती है। होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वाली इस मां को शादी के बाद नौकरी ढूंढने में मुश्किलें आईं। वह ऐसी नौकरी चाहती थी, जहां वह अपने बच्चे को साथ रख सके, लेकिन बार-बार मना होने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार, उन्होंने जोमैटो डिलीवरी एजेंट बनने का फैसला किया।

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जयपुर की 17 साल की आरती प्रजापति ने अपनी बीमार दादी लज्जा देवी से मिलने के लिए एक दिन में 256 किलोमीटर साइकिल चलाकर सबको हैरान कर दिया। टाइगर्स राइडर ग्रुप की सबसे कम उम्र की साइक्लिस्ट आरती ने यह साहसिक कदम न केवल अपने परिवार के प्रति प्यार दिखाने के लिए उठाया, बल्कि साइक्लिंग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए भी। इस यात्रा में उन्होंने थकान, लंबे रास्तों और शारीरिक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन दादी के लिए उनका जज्बा कभी कम नहीं हुआ।

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खुशबू पाटनी, बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन और पूर्व आर्मी मेजर, ने एक ऐसा कारनामा किया है जो हर किसी का दिल जीत रहा है। हाल ही में खुशबू ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे एक लावारिस बच्ची की जान बचाती नजर आ रही हैं। यह बच्ची उनके घर के पीछे खंडहर में कीचड़ में सनी, बिलख-बिलख कर रो रही थी। खुशबू ने अपनी मां और हाउस हेल्प के साथ मिलकर दीवार फांदकर बच्ची को सुरक्षित निकाला। वीडियो में बच्ची को प्यार से सहलाते हुए खुशबू का मानवीय पक्ष देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।

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