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"ध्यान मूलं गुरु मूर्ति पूजा मूलं गुरु पदम् ।
मंत्र मूलं गुरु वाक्यं मोक्ष मूलं गुरु कृपा ॥"
आज भारत की आद्य विद्यापीठ
श्री हरिहर आश्रम, कनखल, हरिद्वार में आश्रम की सकल दैव सत्ता - गुरु सत्ता एवं दिव्य सान्निध्य में प्रातःकाल से ही देश - विदेश से आए लाखों भक्तों एवं साधकों के द्वारा श्रीगुरु पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही श्रद्धा एवं विश्वासपूर्वक मनाया गया।
ज्ञात हो कि श्री हरिहर आश्रम कनखल, हरिद्वार सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थापित अखाड़ा परम्परा में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा की गुरुगद्दी एक प्रमुख आध्यात्मिक केन्द्र है। यह आद्य विद्यापीठ परम कृपालु गुरुसत्ता एवं गुरु परम्परा के साथ-साथ भगवत्पाद भाष्यकार आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य की पावन प्रेरणा और भगवान श्री दत्तात्रेय की आत्मिक उपस्थिति से अनुग्रहीत है।

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"ध्यान मूलं गुरु मूर्ति पूजा मूलं गुरु पदम् ।
मंत्र मूलं गुरु वाक्यं मोक्ष मूलं गुरु कृपा ॥"
आज भारत की आद्य विद्यापीठ
श्री हरिहर आश्रम, कनखल, हरिद्वार में आश्रम की सकल दैव सत्ता - गुरु सत्ता एवं दिव्य सान्निध्य में प्रातःकाल से ही देश - विदेश से आए लाखों भक्तों एवं साधकों के द्वारा श्रीगुरु पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही श्रद्धा एवं विश्वासपूर्वक मनाया गया।
ज्ञात हो कि श्री हरिहर आश्रम कनखल, हरिद्वार सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थापित अखाड़ा परम्परा में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा की गुरुगद्दी एक प्रमुख आध्यात्मिक केन्द्र है। यह आद्य विद्यापीठ परम कृपालु गुरुसत्ता एवं गुरु परम्परा के साथ-साथ भगवत्पाद भाष्यकार आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य की पावन प्रेरणा और भगवान श्री दत्तात्रेय की आत्मिक उपस्थिति से अनुग्रहीत है।

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"ध्यान मूलं गुरु मूर्ति पूजा मूलं गुरु पदम् ।
मंत्र मूलं गुरु वाक्यं मोक्ष मूलं गुरु कृपा ॥"
आज भारत की आद्य विद्यापीठ
श्री हरिहर आश्रम, कनखल, हरिद्वार में आश्रम की सकल दैव सत्ता - गुरु सत्ता एवं दिव्य सान्निध्य में प्रातःकाल से ही देश - विदेश से आए लाखों भक्तों एवं साधकों के द्वारा श्रीगुरु पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही श्रद्धा एवं विश्वासपूर्वक मनाया गया।
ज्ञात हो कि श्री हरिहर आश्रम कनखल, हरिद्वार सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थापित अखाड़ा परम्परा में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा की गुरुगद्दी एक प्रमुख आध्यात्मिक केन्द्र है। यह आद्य विद्यापीठ परम कृपालु गुरुसत्ता एवं गुरु परम्परा के साथ-साथ भगवत्पाद भाष्यकार आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य की पावन प्रेरणा और भगवान श्री दत्तात्रेय की आत्मिक उपस्थिति से अनुग्रहीत है।

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20+ Thought of the Day in Hindi ! जिसे आप अपने स्टेटस में डाल सकते हैं!
Best Thought of the Day in Hindi: इंसान को इंसान से दूर करने वाली पहली चीज़ है "जुबान" और दूसरी चीज़ है "पैसा"... कभी भी हार मत मानो, क्या पता कामयाबी आपकी एक और कोशिश का इंतजार कर रही हो..

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बिहार के कुसुमपुर में जन्मे महान गणितज्ञ आर्यभट्ट ने शून्य की खोज की थी। उन्होंने धरती के गोल होने और ग्रहों की गति की गणना हजार साल पहले ही कर दी थी। वो दौर जब दुनिया सो रही थी, भारत गिनती गढ़ रहा था।

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