Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
कच्चे तेल पर ईरान का स्पेशल ऑफर क्या है?
#crudeoil #iran #middleeastcrisis #blackandwhiteonaajtak #attvreel | @anjanaomkashyap_aok
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिज़ाज एकदम अलग-अलग नजर आ रहा है. राजधानी दिल्ली में मार्च की शुरुआत में ही भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है. आज (11 मार्च) दिल्ली का तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. मार्च के पहले हफ्ते में गर्मी ने करीब 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
राजधानी के बेस स्टेशन सफदरजंग वेधशाला में 7 मार्च 2026 को अधिकतम तापमान 35.7°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 7.3°C ज्यादा है. यह तापमान पिछले 50 सालों में मार्च के पहले सप्ताह का सबसे अधिक तापमान बन गया है. इससे पहले मार्च के पहले सप्ताह में सबसे ज्यादा तापमान 34.8°C दर्ज किया गया था, जो 1999 में रिकॉर्ड हुआ था. पिछले तीन दिनों से दिल्ली में लगातार अधिकतम तापमान 35°C से ऊपर दर्ज हो रहा है. आज भी तापमान 37°C तक पहुंच सकता है.
वहीं दूसरी तरफ पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है. स्काईमेट के अनुसार, आज जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. कुछ इलाकों में 11 मार्च को मध्यम से भारी बारिश और बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है.इसके बाद 13 से 15 मार्च के बीच भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है.
🚩🚩शीतला अष्टमी, जिसे बसौड़ा भी कहते हैं, चैत्र मास में होली के आठवें दिन मनाया जाता है। भगवती शीतला माता को उत्तर भारत में रोगों को दूर करने वाली माँ कहा जाता है।
मान्यता है कि इस पूजा से शरीर के रोग दूर होते हैं, इस वर्ष शीतला अष्टमी 11 मार्च 2026 को है।
इस दिन श्वेत पाषाण रूपी माता शीतला की बासी भोजन का भोग लगा कर पूजा की जाती है।
🚩🚩शुभ मुहूर्त: 11 मार्च को 06:36 AM से 06:27 PM तक।
🚩🚩भोग: मिठाई, मालपुआ, दाल-भात व फल अर्पित करें।
जय शीतला माता🙏🌺
शीतला अष्टमी (बासोड़ा) की हार्दिक शुभकामनाएँ शीतला अष्टमी (बासौड़ा) पर माता शीतला को एक दिन पहले बना बासी भोजन (ठंडा भोग) अर्पित किया जाता है। मुख्य भोग में दही-चावल, मीठे चावल (केसरिया भात), पुए (गुलगुले), बिना नमक की पूड़ी, बेसन के लड्डू, पकौड़ी, राबड़ी और बाजरे की रोटी शामिल हैं। यह ठंडा भोजन माता को प्रसन्न करने के लिए समर्पित किया जाता है।
शीतला अष्टमी के प्रमुख भोगः
बासी भोजन (बासौड़ा): अष्टमी को ताजा खाना नहीं
बनाया जाता, एक दिन पहले (सप्तमी को) बना भोजन ही खाया जाता है।
बासी भोजन (बासौड़ा): अष्टमी को ताजा खाना नहीं
बनाया जाता, एक दिन पहले (सप्तमी को) बना भोजन ही खाया जाता है।
दही-चावल और मीठे चावल शीतला अष्टमी के प्रमुख भोग है
या चीनी/गुड़ डालकर मीठे चावल (केसरिया भात) का भोग लगाते हैं।
पुए और गुलगुलेः गुड़ या चीनी मिलाकर आटे के पुए या गुलगुले बनाए जाते हैं।
बिना नमक की पूड़ीः घी या तेल में तली हुई बिना नमक की पूड़ी विशेष रूप से चढ़ाई जाती है।
दाल का हलवाः मूंग दाल का हलवा भी माता को भोग में समर्पित किया जाता है।
ठंडी रोटी और पकौड़ी: दही या गुड़ के साथ बासी रोटी और बेसन की पकौड़ी का भोग लगाया जाता है।
बहुत जगह राबड़ी और बासी बाजराः बाजरे की रोटी या राबड़ी भी ठंडी करके भोग में शामिल करते हैं।