استكشف المحتوى الجذاب ووجهات النظر المتنوعة على صفحة Discover الخاصة بنا. اكتشف أفكارًا جديدة وشارك في محادثات هادفة
#भेड़िये
#तपस्या क्या है ? क्या विवाह , लिव इन और निकाह एक ही वस्तु हैं ?
क्या केवल जंगल हिमालय में जाकर कठोर ठंड सहना ही तपस्या है ?
पुरुष केवल एक क्षण में निवृत हो जाता है और स्त्री की फिर नौ महीने का गर्भ धारण करना पड़ता है अर्थात् कष्ट सहकर तपस्या करनी पड़ती है ।
क्या आपको और हमें यह दोनों घटनाएं जिनका आरम्भ लगभग एक साथ होता है , कहीं से भी समान लगती हैं ? क्या कोई समानता है दोनों घटनाओं में ?
केवल एक दिन में 86400 सेकेंड होते हैं । अब इस नौ महीने से गुणा कर लीजिए । तब जाकर तुलना हो पायेगा ।
तकनीकी रूप से एक पुरूष, नौ महीने में सैकड़ों स्त्रियों को गर्भवती कर सकता है पर नौ महीने में स्त्री केवल एक बार गर्भ धारण कर सकती है ।
सैकड़ों स्त्रियों को गर्भ धारण कराने के पश्चात भी क्या किसी भी पुरुष के जीवन पर कोई संकंट आता है ? क्या कोई कष्ट तपस्या उसे करनी पड़ती है ? नहीं न !
पर स्त्री के लिए नौ महीने न केवल अपने प्राणों की रक्षा करनी होती है बल्कि गर्भ के प्राणों की भी ।
अतः पुरुष और स्त्री की सतही समानता वाली बात करने वाले ढोंगी हैं । पुरुष की अपनी विशेषताएं हैं और स्त्री की अपनी विशेषताएं । दोनों विशेषताएं अनन्त हैं अतः तुलना की कोई आवश्यकता नहीं है ।
आज मैं जन्तु जगत के सबसे बदनाम जीव भेड़िये के बारे में कुछ बतलाता हूं ..
चित्र में वर्णित भेड़िया , ९०% से अधिक की संख्या में अपने जीवन में केवल एक साथी चुनते हैं और उस संबंध को निभाते हैं ।
भेड़ियों द्वारा सामान्यतः एक साथी चुनने का सबसे बड़ा लाभ क्या होता है ? उसका लाभ होता है बच्चा पैदा करने के पश्चात भेड़िए के बच्चे के देखभाल की ज़िम्मेदारी उसके पिता की भी हो जाती है । आपने हमने स्वयम् देखा है कि कुत्ते में या अन्य अनेक अधिकांश जानवरों में केवल माता का काम बच्चों का पालन होता है । वह चाहे दो चार दिन का हो अथवा दस बीस सप्ताह का ।
भेड़ियों द्वारा एक ही संबंध में रहने का क्या लाभ होता है ?
1. प्रजनन सफलता
एक स्थिर जोड़ी बनाना सुनिश्चित करता है कि दोनों माता-पिता अपने संतान के जीवित रहने में योगदान दें। मादा पिल्लों को दूध पिलाने और देखभाल करने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है, जबकि नर शिकार करने, क्षेत्र की रक्षा करने और परिवार के लिए भोजन प्रदान करने में मदद करता है।
2. पैक स्थिरता
एक पतिव्रता जोड़ी पैक का नेतृत्व करती है, समूह में व्यवस्था बनाए रखती है और प्रतिस्पर्धा को कम करती है। इससे संघर्ष कम होता है और पैक सदस्यों के बीच सहयोग सुनिश्चित होता है।
3. सशक्त सहयोग
बंधी हुई जोड़ी शिकार, पिल्लों की देखभाल और अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए साथ काम करती है। उनके समन्वित प्रयासों से पैक की समग्र सफलता और जीवित रहने की दर बढ़ जाती है।
4. संसाधन अनुकूलन
पैक में एकल प्रजनन जोड़ी होने से, भेड़िये अपने क्षेत्र के भीतर जनसंख्या वृद्धि से बचते हैं, जिससे भोजन और स्थान जैसे संसाधनों पर दबाव पड़ सकता है।
5. अनुवांशिक विविधता
पतिव्रता जोड़े अक्सर असंबंधित साथियों की खोज करते हैं, जिससे अंतःप्रजनन कम होता है और पैक में अनुवांशिक स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
यह सामाजिक प्रणाली भेड़ियों को उनके अक्सर कठोर और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में उभरने की अनुमति देती है।
तुलसी दास जी ने जब राम चरित मानस की रचना की,तब उनसे किसी ने पूंछा कि बाबा! आप ने इसका नाम रामायण क्यों नहीं रखा? क्योकि इसका नाम रामायण ही है.बस आगे पीछे नाम लगा देते है, वाल्मीकि रामायण,आध्यात्मिक रामायण.आपने राम चरित मानस ही क्यों नाम रखा?
बाबा ने कहा - क्योकि रामायण और राम चरित मानस में एक बहुत बड़ा अंतर है.रामायण का अर्थ है राम का मंदिर, राम का घर,जब हम मंदिर जाते है तो
एक समय पर जाना होता है, मंदिर जाने के लिए नहाना पडता है,जब मंदिर जाते है तो खाली हाथ नहीं जाते कुछ फूल,फल साथ लेकर जाना होता है.मंदिर जाने कि शर्त होती है,मंदिर साफ सुथरा होकर जाया जाता है.
और मानस अर्थात सरोवर, सरोवर में ऐसी कोई शर्त नहीं होती,समय की पाबंधी नहीं होती,जाती का भेद नहीं होता कि केवल हिंदू ही सरोवर में स्नान कर सकता है,कोई भी हो ,कैसा भी हो? और व्यक्ति जब मैला होता है, गन्दा होता है तभी सरोवर में स्नान करने जाता है.माँ की गोद में कभी भी कैसे भी बैठा जा सकता है.
रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है।
इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे।
1. रक्षा के लिए
मामभिरक्षक रघुकुल नायक |
घृत वर चाप रुचिर कर सायक ||
2. विपत्ति दूर करने के लिए
राजिव नयन धरे धनु सायक |
भक्त विपत्ति भंजन सुखदायक ||
3. सहायता के लिए
मोरे हित हरि सम नहि कोऊ |
एहि अवसर सहाय सोई होऊ ||
4. सब काम बनाने के लिए
वंदौ बाल रुप सोई रामू |
सब सिधि सुलभ जपत जोहि नामू ||
5. वश मे करने के लिए
सुमिर पवन सुत पावन नामू |
अपने वश कर राखे रामू |
|
6. संकट से बचने के लिए
दीन दयालु विरद संभारी |
हरहु नाथ मम संकट भारी ||
7. विघ्न विनाश के लिए
सकल विघ्न व्यापहि नहि तेही |
राम सुकृपा बिलोकहि जेहि ||
तथ्य को छिपाया गया सत्य आया सामने🔥🔥
गंभीर चेहरे, हॉल में सन्नाटा... मंत्रिमंडल के साथ PM मोदी ने पहली बार देखी `द साबरमती रिपोर्ट`
पीएम मोदी ने 'द साबरमती रिपोर्ट' फिल्म देखने के बाद तस्वीरें शेयर की हैं। इस तस्वीर में पीएम मोदी के बगल में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, जीतन राम मांझी, मनसुख मांडविया, मनोहर लाल खट्टर, राजीव रंजन सिंह बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। पीएम मोदी ने X पर लिखा- "'द साबरमती रिपोर्ट की स्क्रीनिंग में साथी एनडीए सांसदों के साथ शामिल हुआ। मैं फिल्म के निर्माताओं की उनके प्रयास के लिए सराहना करता हूं।"
अमित शाह ने बोला कि सालों से गोधरा कांड के असलियत को छुपाया गया, सच्चाई सामने आई
मजे की बात जिस तरह से फिल्म कमाई कर रही उसी तरह धका धक कई राज्य tax free कर दिए
आप लोगों से अनुरोध है फिल्म जरूर देखे जिससे सच्चाई जान सकेंगे और शिकंजे में खड़े लोगों के बारे में सच्चाई भी समझेंगे