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अदालत ने 1984 में सिखों के नरसंहार के मास्टरमाइंड कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दोषी ठहराया है ।

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बहनजी और अखिलेश यादव मे जमीन आसमान का फर्क क्यों है ?

संत रविदास जी की जन्मभूमि वाराणसी में रविदास घाट पार्क प्रतिमा स्थापना जिलों का नाम स्कुल कॉलेज हॉस्पिटल बहनजी ने यूपी मे बनवाकर दिया ।

और अखिलेश यादव ने यह सब बदलकर अपने जातिवादी पैदाइश संस्कार का परिचय दिया है इसलिये फर्क तो हैं।

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बहनजी और अखिलेश यादव मे जमीन आसमान का फर्क क्यों है ?

संत रविदास जी की जन्मभूमि वाराणसी में रविदास घाट पार्क प्रतिमा स्थापना जिलों का नाम स्कुल कॉलेज हॉस्पिटल बहनजी ने यूपी मे बनवाकर दिया ।

और अखिलेश यादव ने यह सब बदलकर अपने जातिवादी पैदाइश संस्कार का परिचय दिया है इसलिये फर्क तो हैं।

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बहनजी और अखिलेश यादव मे जमीन आसमान का फर्क क्यों है ?

संत रविदास जी की जन्मभूमि वाराणसी में रविदास घाट पार्क प्रतिमा स्थापना जिलों का नाम स्कुल कॉलेज हॉस्पिटल बहनजी ने यूपी मे बनवाकर दिया ।

और अखिलेश यादव ने यह सब बदलकर अपने जातिवादी पैदाइश संस्कार का परिचय दिया है इसलिये फर्क तो हैं।

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महिलाओं पर हाथ उठाना मर्दानगी नहीं नपुंसकता है।
कलर पकड़ा था तो क्या हुआ क्या उसके बदले किसी का सर फोड दोगे????

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एक शो के बंद होने पर इतना आंसू बहाने वाले बुद्धिजीवी वर्ग के लोग नालन्दा, विक्रमशिला जैसे विश्विद्यालय जलाने पर क्यों नहीं आंसू बहाते। वे लोग तो जिसने जलाया उसका नाम लेने में भी डरते हैं।

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एक शो के बंद होने पर इतना आंसू बहाने वाले बुद्धिजीवी वर्ग के लोग नालन्दा, विक्रमशिला जैसे विश्विद्यालय जलाने पर क्यों नहीं आंसू बहाते। वे लोग तो जिसने जलाया उसका नाम लेने में भी डरते हैं।

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एक शो के बंद होने पर इतना आंसू बहाने वाले बुद्धिजीवी वर्ग के लोग नालन्दा, विक्रमशिला जैसे विश्विद्यालय जलाने पर क्यों नहीं आंसू बहाते। वे लोग तो जिसने जलाया उसका नाम लेने में भी डरते हैं।

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ये कैसा शासन है? जहाँ एक बेटी की इज़्ज़त लूट ली जाती है, उसकी साँसें छीन ली जाती हैं, और सरकार नपुंसक बनी तमाशा देखती है! क्या यही ‘बेटी बचाओ’ का नारा था? अगर आज नहीं बोले, तो कल किसी और की बेटी मिटा दी जाएगी।
स्नेहा को इंसाफ़ मिलेगा ??

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मनुस्मृति समाज के लिए कल भी जहर थी आज भी जहर है और भविष्य में भी जहर ही रहेगी । जब तक मनु वाली सोच की नस्लें रहेंगी देश में समानता कभी नहीं लाने देगे।

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