1 ذ - ترجم

दीपक बाबू क्या बोलते हो और कुछ भेजूँ या इतने में क़बूल कर लोगे इस्लाम
चलो कुछ और भी भेज देते है तुम्हारे refrence के लिए। वैसे तो इमरान प्रतापगढ़ी ने इतना किया है की तुम्हे महीनों लग जाएगा देखते देखते।

image
1 ذ - ترجم

दीपक बाबू क्या बोलते हो और कुछ भेजूँ या इतने में क़बूल कर लोगे इस्लाम
चलो कुछ और भी भेज देते है तुम्हारे refrence के लिए। वैसे तो इमरान प्रतापगढ़ी ने इतना किया है की तुम्हे महीनों लग जाएगा देखते देखते।

image
1 ذ - ترجم

दीपक बाबू क्या बोलते हो और कुछ भेजूँ या इतने में क़बूल कर लोगे इस्लाम
चलो कुछ और भी भेज देते है तुम्हारे refrence के लिए। वैसे तो इमरान प्रतापगढ़ी ने इतना किया है की तुम्हे महीनों लग जाएगा देखते देखते।

imageimage

image

image

imageimage
1 ذ - ترجم

मित्र दीपक ये बताओ किस मस्जिद में आकार इस्लाम क़बूल करोगे।
हर बार मुँह की खाने के बाद भी इस तरह की हरकत कर बैठते हो।
चलो तुम्हारी इस्लाम क़बूल करने की चाहत को पूरा करते है।
वैसे कुछ लोग कुछ काम दिखावे के लिए करते है और कुछ लोग सब से छुपा के जनता की सेवा में सब कुछ समर्पित कर देते है।
इन विकलांग बच्चियों की शादी करने में लाखों का खर्च होता है…
इतने खर्चे में तुम जैसे लोग दिखावे के लिए सालों भर खाना खिला कर दिखावा कर सकते है।

image
1 ذ - ترجم

मित्र दीपक ये बताओ किस मस्जिद में आकार इस्लाम क़बूल करोगे।
हर बार मुँह की खाने के बाद भी इस तरह की हरकत कर बैठते हो।
चलो तुम्हारी इस्लाम क़बूल करने की चाहत को पूरा करते है।
वैसे कुछ लोग कुछ काम दिखावे के लिए करते है और कुछ लोग सब से छुपा के जनता की सेवा में सब कुछ समर्पित कर देते है।
इन विकलांग बच्चियों की शादी करने में लाखों का खर्च होता है…
इतने खर्चे में तुम जैसे लोग दिखावे के लिए सालों भर खाना खिला कर दिखावा कर सकते है।

image
1 ذ - ترجم

मित्र दीपक ये बताओ किस मस्जिद में आकार इस्लाम क़बूल करोगे।
हर बार मुँह की खाने के बाद भी इस तरह की हरकत कर बैठते हो।
चलो तुम्हारी इस्लाम क़बूल करने की चाहत को पूरा करते है।
वैसे कुछ लोग कुछ काम दिखावे के लिए करते है और कुछ लोग सब से छुपा के जनता की सेवा में सब कुछ समर्पित कर देते है।
इन विकलांग बच्चियों की शादी करने में लाखों का खर्च होता है…
इतने खर्चे में तुम जैसे लोग दिखावे के लिए सालों भर खाना खिला कर दिखावा कर सकते है।

imageimage

image