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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज शनिवार को पहली बार जमीन पर उतरने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की कॉकरोच और परजीवी टिप्पणी के बाद बनी सीजेपी आज दिल्ली के जंतर मंतर पर अपना पहला प्रदर्शन करेगी। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके भी इसमें शामिल होंगे। देश की कई जानी-मानी हस्तियां भी इस प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं। वहीं दूसरी ओर इस प्रदर्शन पर बाजार की भी नजरें टिकी हुई हैं। चूंकि इस प्रदर्शन में युवाओं की संख्या ज्यादा होगी। ऐसे में जानकारों के मुताबिक यह प्रदर्शन बाजार को भी प्रभावित कर सकता है।

अभिजीत दीपके की ओर से शुरू किया गया यह डिजिटल प्रदर्शन अब केवल एक ऑनलाइन मजाक या मीम नहीं रह गया है। परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ सीजेपी अपने पहले ऑन-ग्राउंड विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी वास्तविक ताकत का परीक्षण करेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था, नीति-निर्माण और विदेशी व घरेलू निवेशकों के दृष्टिकोण से भी इस प्रदर्शन के कई मायने हैं।

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इस हफ्ते की शुरुआत में शुक्र कर्क राशि में गोचर करेंगे। जहां पहले से ही देवगुरु बृहस्पति विराजमान हैं। ऐसे में शुक्र और गुरु की युति होने से गजलक्ष्मी योग का निर्माण होगा। इसके प्रभाव से कर्क और तुला राशि के जीवन में रोमांस और सुकून बढ़ेगा। आइए विस्तार से जानें मेष से मीन तक सभी राशियों की लव लाइफ इस हफ्ते कैसी रहेगी।

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केरल में पेराम्ब्रा सीट से हाल ही में विधानसभा चुनाव में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की पहली महिला विधायक जीतीं। यह हैं फातिमा तहिलिया। फातिमा तहिलिया चुनाव जीतने के बाद खूब चर्चा में आईं। हालांकि एक बार फिर वह खबरों में हैं। इस बार मुस्लिम धर्मगुरुओं की आलोचना के चलते फातिमा सुर्खियां बन गई हैं। यह आलोचना इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने पिछले हफ़्ते एक स्थानीय रेस्टोरेंट के उद्घाटन के दौरान 'निलाविलक्कु' (पारंपरिक तेल का दीपक) जलाया था।

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जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके या आंदोलन के अन्य सदस्यों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले गिरफ्तार किया जाता है, तो वे 42 दिनों की भूख हड़ताल शुरू करेंगे। वांगचुक ने यह भी पुष्टि की कि वे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लद्दाख से यात्रा करेंगे।
सोशल मीडिया हैंडस X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि कल, 6 जून को, मैं आप सभी से मिलने के लिए लद्दाख से दिल्ली आ रहा हूं और जंतर-मंतर पर आपसे मिलूंगा। हालांकि, अगर किसी भी कारण से कल मुझे या कॉकरोच जनता पार्टी के किसी सदस्य को गिरफ्तार कर लिया जाता है, तो मुझे वह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा जो मैं नहीं उठाना चाहता।
#sonamwangchuk #cockroachjanataparty #cjp

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मोबाइल तो चली गई, लेकिन खुद बाल-बाल बच गई..ऐसे मदहोश होकर सड़क पर नहीं चलना चाहिए!

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कुछ दिन पहले देहरादून में कुछ होर्डिंग्स देखे जिन पर विश्वविद्यालय अपने छात्रों के नाम और उनके वेतन पैकेज बड़े गर्व से लिख रही हैं — बड़ी तकनीकी कंपनियों में नियुक्ति के साथ।
इरादा समझ आता है। यह प्रचार है। लेकिन यह गलत है और इस पर बात होनी चाहिए।
**विश्वविद्यालयों को यह क्यों बंद करना चाहिए*
- **निजता का उल्लंघन** — वेतन एक व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी है। बिना सहमति के इसे सार्वजनिक करना बिल्कुल गलत है।
- **सुरक्षा का खतरा** — सार्वजनिक रूप से बड़ा वेतन दिखाना युवाओं को निशाना बना सकता है। यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है।
- **व्यावसायिक नुकसान** — अधिकांश नियुक्ति अनुबंधों में गोपनीयता की शर्त होती है। यह प्रकटीकरण छात्रों को उनकी कंपनी की नीतियों के विरुद्ध खड़ा कर सकता है।
- **मानसिक दबाव** — अभी पढ़ रहे छात्रों के लिए अपने साथी का वेतन होर्डिंग पर देखना अनावश्यक तनाव और तुलना पैदा करता है।
- **भविष्य पर असर** — वेतन सार्वजनिक होने से भविष्य में बातचीत और करियर पर भी असर पड़ सकता है।
विश्वविद्यालयों को नियुक्ति का उत्सव मनाने का पूरा हक है — कंपनियों के नाम बताएं, क्षेत्र बताएं, संख्या बताएं — लेकिन **किसी छात्र का वेतन आपका बताने के लिए नहीं है।**
यह उत्सव नहीं, बल्कि एक छात्र की सफलता का संस्थागत प्रचार के लिए उपयोग है।
सभी विश्वविद्यालय प्रबंधन से निवेदन है — कृपया इस प्रथा पर पुनर्विचार करें। अपने छात्रों का उत्सव मनाएं, उन्हें उजागर न करें।

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कुछ दिन पहले देहरादून में कुछ होर्डिंग्स देखे जिन पर विश्वविद्यालय अपने छात्रों के नाम और उनके वेतन पैकेज बड़े गर्व से लिख रही हैं — बड़ी तकनीकी कंपनियों में नियुक्ति के साथ।
इरादा समझ आता है। यह प्रचार है। लेकिन यह गलत है और इस पर बात होनी चाहिए।
**विश्वविद्यालयों को यह क्यों बंद करना चाहिए*
- **निजता का उल्लंघन** — वेतन एक व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी है। बिना सहमति के इसे सार्वजनिक करना बिल्कुल गलत है।
- **सुरक्षा का खतरा** — सार्वजनिक रूप से बड़ा वेतन दिखाना युवाओं को निशाना बना सकता है। यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है।
- **व्यावसायिक नुकसान** — अधिकांश नियुक्ति अनुबंधों में गोपनीयता की शर्त होती है। यह प्रकटीकरण छात्रों को उनकी कंपनी की नीतियों के विरुद्ध खड़ा कर सकता है।
- **मानसिक दबाव** — अभी पढ़ रहे छात्रों के लिए अपने साथी का वेतन होर्डिंग पर देखना अनावश्यक तनाव और तुलना पैदा करता है।
- **भविष्य पर असर** — वेतन सार्वजनिक होने से भविष्य में बातचीत और करियर पर भी असर पड़ सकता है।
विश्वविद्यालयों को नियुक्ति का उत्सव मनाने का पूरा हक है — कंपनियों के नाम बताएं, क्षेत्र बताएं, संख्या बताएं — लेकिन **किसी छात्र का वेतन आपका बताने के लिए नहीं है।**
यह उत्सव नहीं, बल्कि एक छात्र की सफलता का संस्थागत प्रचार के लिए उपयोग है।
सभी विश्वविद्यालय प्रबंधन से निवेदन है — कृपया इस प्रथा पर पुनर्विचार करें। अपने छात्रों का उत्सव मनाएं, उन्हें उजागर न करें।

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कुछ दिन पहले देहरादून में कुछ होर्डिंग्स देखे जिन पर विश्वविद्यालय अपने छात्रों के नाम और उनके वेतन पैकेज बड़े गर्व से लिख रही हैं — बड़ी तकनीकी कंपनियों में नियुक्ति के साथ।
इरादा समझ आता है। यह प्रचार है। लेकिन यह गलत है और इस पर बात होनी चाहिए।
**विश्वविद्यालयों को यह क्यों बंद करना चाहिए*
- **निजता का उल्लंघन** — वेतन एक व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी है। बिना सहमति के इसे सार्वजनिक करना बिल्कुल गलत है।
- **सुरक्षा का खतरा** — सार्वजनिक रूप से बड़ा वेतन दिखाना युवाओं को निशाना बना सकता है। यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है।
- **व्यावसायिक नुकसान** — अधिकांश नियुक्ति अनुबंधों में गोपनीयता की शर्त होती है। यह प्रकटीकरण छात्रों को उनकी कंपनी की नीतियों के विरुद्ध खड़ा कर सकता है।
- **मानसिक दबाव** — अभी पढ़ रहे छात्रों के लिए अपने साथी का वेतन होर्डिंग पर देखना अनावश्यक तनाव और तुलना पैदा करता है।
- **भविष्य पर असर** — वेतन सार्वजनिक होने से भविष्य में बातचीत और करियर पर भी असर पड़ सकता है।
विश्वविद्यालयों को नियुक्ति का उत्सव मनाने का पूरा हक है — कंपनियों के नाम बताएं, क्षेत्र बताएं, संख्या बताएं — लेकिन **किसी छात्र का वेतन आपका बताने के लिए नहीं है।**
यह उत्सव नहीं, बल्कि एक छात्र की सफलता का संस्थागत प्रचार के लिए उपयोग है।
सभी विश्वविद्यालय प्रबंधन से निवेदन है — कृपया इस प्रथा पर पुनर्विचार करें। अपने छात्रों का उत्सव मनाएं, उन्हें उजागर न करें।

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कुछ दिन पहले देहरादून में कुछ होर्डिंग्स देखे जिन पर विश्वविद्यालय अपने छात्रों के नाम और उनके वेतन पैकेज बड़े गर्व से लिख रही हैं — बड़ी तकनीकी कंपनियों में नियुक्ति के साथ।
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**विश्वविद्यालयों को यह क्यों बंद करना चाहिए*
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- **सुरक्षा का खतरा** — सार्वजनिक रूप से बड़ा वेतन दिखाना युवाओं को निशाना बना सकता है। यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है।
- **व्यावसायिक नुकसान** — अधिकांश नियुक्ति अनुबंधों में गोपनीयता की शर्त होती है। यह प्रकटीकरण छात्रों को उनकी कंपनी की नीतियों के विरुद्ध खड़ा कर सकता है।
- **मानसिक दबाव** — अभी पढ़ रहे छात्रों के लिए अपने साथी का वेतन होर्डिंग पर देखना अनावश्यक तनाव और तुलना पैदा करता है।
- **भविष्य पर असर** — वेतन सार्वजनिक होने से भविष्य में बातचीत और करियर पर भी असर पड़ सकता है।
विश्वविद्यालयों को नियुक्ति का उत्सव मनाने का पूरा हक है — कंपनियों के नाम बताएं, क्षेत्र बताएं, संख्या बताएं — लेकिन **किसी छात्र का वेतन आपका बताने के लिए नहीं है।**
यह उत्सव नहीं, बल्कि एक छात्र की सफलता का संस्थागत प्रचार के लिए उपयोग है।
सभी विश्वविद्यालय प्रबंधन से निवेदन है — कृपया इस प्रथा पर पुनर्विचार करें। अपने छात्रों का उत्सव मनाएं, उन्हें उजागर न करें।

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𝐓𝐇𝐄 𝐒𝐓𝐎𝐑𝐘 𝐎𝐅 𝐀 𝐌𝐄𝐃𝐀𝐋 📸🥉🇮🇳
From the first whistle to the final celebrations, our Women’s U18 Team showed immense character and determination to finish on the podium. 🇮🇳💙
Here are some snapshots from the 3-0 win over Korea in the bronze-medal match of the U18 Asia Cup 2026 today. 🏑✨
#hockeyindia #indiakagame

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