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मुंबई से दिल को छू लेने वाली खबर ❤️
4 साल की एक छोटी बच्ची जो करीब 6 महीने पहले CSMT–Fort इलाके से लापता हो गई थी…
आज मुंबई पुलिस की कड़ी मेहनत और इंसानियत की वजह से फिर अपनी मां की गोद में लौट आई 🙏💛
जिस परिवार के घर से हँसी गायब थी…
मुंबई पुलिस ने वही खुशियाँ वापस लौटा दीं 🌈✨
दिल से सलाम है ऐसे बहादुर पुलिसकर्मियों को,
जो हर दिन किसी न किसी की जिंदगी रोशन कर देते हैं 👏💙
मुजफ्फरनगर के एक दूल्हे ने सबका दिल जीत लिया। दूल्हे अवधेश राणा ने तिलक रस्म के दौरान 31 लाख रुपये का दहेज लेने से मना कर दिया और सिर्फ 1 रुपये का शगुन स्वीकार किया।
दुल्हन अदिति सिंह के पिता की मृत्यु कोविड महामारी के दौरान हुई थी। तिलक की रस्म में दुल्हन पक्ष ने 31 लाख रुपये इकट्ठा करके थाली में सजाकर रखे थे। लेकिन दूल्हे अवधेश ने उस थाली के सामने सिर झुकाया और पैसे वापस लौटाते हुए कहा, मेरा इस पर कोई हक नहीं है। ये दुल्हन के पिताजी की जिंदगी भर की कमाई है, मैं इसे नहीं ले सकता।
ग्रामीणों का कहना है कि अवधेश राणा ने हाथ जोड़कर पैसे लौटाने का जो सार्वजनिक संदेश दिया, वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। यह दहेज लोभियों के लिए एक किस्म का कठोर संदेश है।
#marriage #motivation
यह है असली उदासी…
ग्लैमर के लिए लोग एक्ट्रेसेज़ का जश्न मनाते हैं… लेकिन जब आर. माधवन के बेटे ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता, तो देश में उसकी चर्चा तक नहीं हुई। 🇮🇳🥇
जिस लड़के ने देश का नाम रोशन किया, वह सुर्खियों का हक़दार है — चुप्पी का नहीं।
टैलेंट, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव
मेकअप, फैशन या रेड-कार्पेट की चमक से ज़्यादा मायने रखने चाहिए…
पर अफसोस, दुनिया आज ऐसी नहीं है।
जब किसी एक्टर का बेटा
शोहरत की चाह छोड़कर मेहनत चुनता है,
स्टारडम के बजाय स्पोर्ट्स को अपनाता है,
तो उसे और ज़ोरदार तरीके से सेलिब्रेट किया जाना चाहिए।
क्योंकि ऐसी जीतें भारत का तिरंगा ऊँचा करती हैं —
ना कि सिर्फ ट्रेंडिंग हैशटैग।