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इसके अमीर होने से हमे परेशानी क्या होगी भला,,, मैं इसके फोटो पर लिखे कैप्शन से चिंतित हूं कि लोग किसी की मेहनत को कैसे कैसे समाज के सामने दिखाते है,,,, अगर इसके पास बारह अरब की भी गाड़ी हो, तो भी,, कोई फर्क नहीं पड़ता,,क्योंकि शिक्षित होने का अपना मजा है,,
पैसे कमाना और ज्ञान अर्जन करना दो अलग बाते है,, पैसे तो लोग भैंस बेच कर भी कमाते है,, चाहे खलीफा से पूंछ लो,,,या किसी भी ऐसे इंसान से जिसे जिस्म, जमीन और वस्तु बेचना आ गया, धनवान बन जाएगा,,,, पैसे कमाना एक कला है,,जो सबके पास अपने अपने तरीके की होती है,, परंतु रही बात शिक्षा के दूध की तो सबके बसकी बात नही है पीना और पीकर हजम कर पाना,,,,,
IIT cross करना सबके बस की बात नही होती,,, गणित, विज्ञान, आदि विषयों को समझ पाना,,,, माना पैसे से अमीर बन जाओगे परंतु बुद्धिमान नहीं,,,,,क्योंकि पढ़ने के बाद आप देश समाज के लिए कुछ कर पाओगे,,, पैसे कमाना भी बहुत जरूरी है,,
लेकिन उसके आधार पर शिक्षा को महत्व न देना भी तो मूर्खता ही है,,, शिक्षा सर्वश्रेष्ठ है,,, और रहेगी,,
पैसा सिर्फ अवश्यकता की पूर्ति करता है,,, लेकिन जिसकी आवश्यकता ही सीमित है पैसा उसके लिए कूड़ा है,,, जिसका उदाहरण है हमारे औघड़ साधू,,, और अध्यात्मिक दुनिया से जुड़े,,, लोग,,
जो संसार को समझते हुए जीवन बिताते है,,
सांसारिक मोह में डूबा व्यक्ति हमेशा धन को महत्त्व देगा,,, लेकिन जो संसार से परे है,,
वो ज्ञान को,,,
मेरा अभिप्राय किसी की सफलता का मजाक उड़ाना नही बल्कि लोगो को ये समझाना है,, कि धन और ज्ञान अपने अपने रास्ते पर दोनो उचित है,,
परंतु धन के आधार पर किसी को ज्ञानी कहना समझ से परे है,, हा ज्ञान के आधार पर धन होने के कई विकल्प अपने आप बन जाते है,, पैसे कमाओ खूब कमाओ खूब तरक्की करो,,, लेकिन धन के घमंड में विद्वान से पंगा क्यों लेना,,,, तुमको अमीरों की पूजा करनी है करो,,,
किसने रोका,,, तुम कमाओ और चार लोगो को अवसर दो,,, परंतु ज्ञान और ज्ञानी की बराबरी नहीं कर पाओगे,,,
धन्यवाद,,
आपक अपना मित्र
आज शुक्रवार दिनांक ०५ अप्रैल २०२४ की श्री रामचरितमानस के बालकाण्ड की चौपाई🙏🚩
गोस्वामी जी जीवन में गुरु की महिमा का कितना सुन्दर वर्णन कर रहे हैं कि गुरु कृपा प्राप्त होते ही,गुरु कृपारूपी प्रकाश के हृदय मैं आते ही हदय के निर्मल नेत्र खुल जाते हैं और संसार-रूपिणी रात्रि के सारे दोष और दुःख मिट जाते है फिर उसको रामचरितरूपी मणि-माणिक्य, जहाँ गुप्त ओर प्रगट जहां जिस खान के है, दिखाई पढ़ने लगते है अर्थात् प्रभु कृपा की प्राप्ति हो जाती है 🙏🚩
इसलिए ही कहा गया है
गुरू ब्रह्मा गुरू विष्णु
गुरु देवो महेश्वरा
गुरु साक्षात परब्रह्म
तस्मै श्री गुरुवे नमः