Scoprire messaggiEsplora contenuti accattivanti e prospettive diverse nella nostra pagina Scopri. Scopri nuove idee e partecipa a conversazioni significative
आखिर इस्लाम ही क्यो?
ये एक प्रमुख कारण है कि इल्लाह का दिमाग बहुत शातिराना रहा होगा।
इस्लाम ग्रहण करने की: इस्लाम बहुत तेज़ी से फैलता मजहब है... ये सच है कि बुरी चीज़ बहुत तेज़ी से फैलती है...
ये सच है... करोड़ों में १०० अच्छे लोग नहीं मिलते... इसकी वजह क्या है???
मैंने पहले भी कहा था कि इल्लाह बहुत शातिर दिमाग था... उसने बहुत पहले खोज लिया कि इस दुनिया में इंसान कि सबसे बड़ी कमजोरी यदि कुछ है तो वो है "औरत"।
इसलिए जब उसने मजहबी किताब लिखने की शुरुआत की तो शुरू से अंत तक हर बात में औरत याने हूर याने जन्नत घुसेड़ते गए... ये दांव इंसानों पर बिलकुल फिट बैठा... और इल्लाह की बल्ले बल्ले हो गयी...
इंसान के पास पैसा भी हो जाता है तो भी उसको प्यार नहीं मिलता... इसी का स्वप्न दिखाया अल्लाह ने... जैसे कि,
१. मान लीजिये ससुर तो अब बुड्ढा हो गया पर उसकी बहु जवान आई है और ससुर एक वासनाग्रस्त इंसान है तो क्या करे?? यदि उसकी नियत में खोट है तो वो क्या करे?
जवाब: तो वो जल्दी से चिस्लाम ग्रहण कर ले... और बहु के साथ रात बिताना फिर जायज है... अब जो भी इस्लाम ग्रहण करे तो समझिये कि ये भी एक वजह तो है...
२.. इसके बाद मान लीजिये कोई लड़का जवान हो गया और बाहर सड़क पर उसको लडकियां मुंह पर थूक देती है... या चप्पल से मारती है... तो वो क्या करे?
जवाब: तो वो जल्दी से इस्लाम कबूल कर ले और घर में ही अपनी चचेरी ममेरी बहन को गर्ल फ्रेंड बना के रात बिताये... ये चिस्लाम में जायज है।
ये दूसरी वजह है चिस्लाम ग्रहण करने की... याने जिसकी नियत अपनी बहन पर ही ख़राब हो वो इस्लाम ग्रहण करता है...
३. सवाल: कोई आदमी बहुत बलात्कारी क़िस्म का है और वो एक बेगम के बाद दूसरी बेगम चाहता है लेकिन मान लीजिये दूसरी जो औरत आती है... उसकी एक पहले से जवान बेटी हैं और वो लड़की सौतेली हुयी और मान लीजिये दूसरी बेगम कि उस सौतेली बेटी पर नियत ख़राब हो जाए तो आदमी क्या करे?
जवाब: चिस्लाम में उस बेटी से रात बिताना जायज है जो रिश्ते में बेटी हो पर उसका बाप कोई और हो... चिस्लाम ग्रहण करने का एक और फायदा...
४. चलिए छोडिये ये सब मान लीजिये आदमी बुड्ढा हो गया है अब कुछ भी नहीं कर सकता लेकिन उसकी बलात्कारी मानसिकता अभी भी जिन्दा है या कोई इंसान है जिसे सबकुछ करने के बाद भी सिर्फ थप्पड़ ही मिले है लड़कियों से... तो वो क्या करे?
जवाब: तो जल्दी से जल्दी चिस्लाम ग्रहण कीजिये... ऐसे लोगों के लिए तो फिर एक जन्नत है... जहां एक दो नहीं बल्कि ७२ हूर इश्क फरमाने के लिए मिलती है जो उसकी बेगमें होगी... और उस बुड्ढे को १०० मर्दों के बराबर सेक्स पॉवर देने की बात भी इल्लाह ने कही है... और उसकी उम्र वो ३१ साल की कर देगा... ऐसा भी कहा है... धरती पर अल्लाह ने चार बेगम सहित... बहन बुआ सब दिया सो दिया... ऊपर में तो ७२- ७२ हूर ले कर बिठा दिया... तो ये है आखिरी वजह चिस्लाम ग्रहण कर के मजा लेने का।
इल्लाह ने ये नियम सर्वाकालिक बनाये है इसमे किसी प्रकार का बदलाव गुस्ताखी है। इल्लाह उसे अपने गिरोह से निकाल जहन्नुम का ईंधन भी बना सकता है या फिर पकौड़े की तरह तलेगा।