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.#लोकसभा_चुनाव_2024 के पांचवें चरण में आज 8 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 49 सीटों के लिए वोट डाले जा रहे है, पांचवे चरण के सभी मतदाताओं से मेरा अनुरोध है कि वे अपना मताधिकार का प्रयोग कर वोट जरूर डालें और लोकतंत्र के इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
#vote2024 #votenow
#votingday

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आपके हिसाब से संगरूर लोकसभा सीट कौन सा उम्मीदवार जीतेगा?

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अब फैसला आपको करना है। विकास विरोधियों को वोट देना है या देशभक्त उज्ज्वल निकम को?

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एक ऐसा #सम्राट जिसके #पिता और #पुत्र दोनो महान हुऐ जब हम भारत के मौर्य वंश के सम्राटों बारे में बात करते हैं तो चंद्रगुप्त मौर्य, बिन्दुसार और सम्राट अशोक का नाम हमारे सामने सबसे पहले आता है, मौर्य साम्राज्य की स्थापना का श्रेय #चंद्रगुप्त मौर्य को जाता है। चंद्रगुप्त मौर्य के बेटे बिंदुसार मौर्य थे । हालांकि, जितने लोकप्रिय बिंदुसार के बेटे सम्राट अशोक हुए , बिन्दुसार खुद न हो सके। चंद्रगुप्त मौर्य के बाद बिंदुसार ने ही अपने पिता की जगह ली थी और सम्राट भी बने,यूनानी लेखकों ने उसे अमित्रोकेडीज कहा है। जिसका संस्कृत में रूपांतर अमित्रघात (शत्रुओं को नष्ट करने वाला) होता है। जैन ग्रंथ में बिंदुसार का जिक्र सिंहसेन के नाम से मिलता है।
इतिहास में बिंदुसार को 'महान पिता का पुत्र और महान पुत्र का पिता' भी कहा गया है। वह इसलिए कि वे अखण्ड भारत के निर्माता चंद्रगुप्त मौर्य के बेटे थे और। महान सम्राट अशोक के पिता थे •बिंदुसार ने अपने पिता द्वारा स्थापित किए गए साम्राज्य को अक्षुण्ण बनाये रखा टूटने नहीं दिया अखंड भारत को, बिन्दुसार मौर्य के शासन के दौरान तक्षशिला प्रांत में विद्रोह भड़क गया था, क्योंकि प्रांतीय अधिकारी वहा पर ज्यादा ही अत्याचार कर रहे थे। बिंदुसार का बड़ा बेटा #सुशीम इसे दबाने में नाकाम रहा तो बिंदुसार ने अशोक को भेजा।
• अशोक ने न केवल विद्रोह को ही दबाया, बल्कि वहां पूरी तरह से शांति भी स्थापित कर दी।
बिंदुसार के बारे में बताया जाता है कि बाहरी देशों से उन्होंने बहुत अच्छे संबंध बना रखे थे।
अच्छे संबंधों के कारण ही यूनान के राजा की ओर से राजदूत के रूप में डेइमेकस बिंदुसार के शासनकाल में उनके राज्य में थे। यही नहीं, मिस्र के राजा ने भी अपने राजदूत डायनीसियस को बिंदुसार के राज्य में भेज रखा था, ताकि दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बना रहे।
• बिंदुसार ने पश्चिमी देशों के साथ व्यापारिक, सामाजिक और कूटनीतिक संबंध भी कायम रखे थे। बिंदुसार ने आजीवक धर्म को अपनाया था।
वहीं, बिंदुसार के बेटे अशोक ने बौद्ध धर्म को स्वीकारा था।
पाली भाषा के ग्रंथ महा वंश के मुताबिक बिंदुसार ने 27 वर्षों तक राज किया था।
वैसे, #बिंदुसार की मृत्यु 273 ईसा पूर्व में ही बताई जाती है।
जितने आक्रामक अन्य मौर्य शासक हुए, उनकी तुलना में बिंदुसार को बहुत ही कम आक्रामक देखा गया है।
तारानाथ का मानना है दक्षिण भारत पर विजय बिंदुसार ने पाई थी। उसने करीब 16 राज्यो को नष्ट करके पूर्वी और पश्चिमी समुद्रों के बीच के हिस्से पर साम्राज्य का विस्तार किया था • राज्य विस्तार करने में सम्राट अशोक का उल्लेख #कलिंग विजय मे ही मिलता है । ऐसे में इस संभावना को बल मिलता है कि दक्षिण पर विजय पाने में बिंदुसार की भूमिका थी

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