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अब तो साचन तेंदुलकर का बेटा भी क्रिकेट खेलने लगा है एक समय की बात है कि सचिन तेंदुलकर 99 पर ही आउट हो जाते ज्यादातर माचो में तो सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने सचिन को बोला था कि पापा आप जब 99 पर हो तो सिंगल रन मत लेना सीधा 6 लगाना

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राजा वीरसिंह देव बुन्देला द्वारा बनवाया गया झांसी का किला, जो विशेष रूप से रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य के लिए प्रसिद्ध है

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चित्तौड़ दुर्ग में स्थित रानी पद्मिनी महल

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भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर क्रिकेटर राहुल तेवतिया अपनी इंगेजमेंट के बाद दादी मां से आशीर्वाद लेते हुए

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गौरवशाली एवं समृद्ध विरासत का जीवंत प्रतीक गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन के 139 वीं वर्षगाँठ की हार्दिक शुभकामनाएं

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भारत का अजेय धर्मरक्षक: गौतमीपुत्र सातकर्णी
उसके घोड़े समुद्र का पानी पीते थे, अर्थात वह समुद्रों का भी स्वामी था, वह पूरी धरती ही नही, समुद्र पर भी राज करता था। क्षत्रप शक विदेशी राजा नेहपान के हाथों उसके पिता की हत्या हुई, वह बालक इतना शिशु था, की राजपाठ भी माता गौतमी ने संभाला...
लेकिन उस वीरमाता ने अपने पुत्र को योग्य बनाया, ताकि वह बड़ा होकर अपने पिता के हत्यारे से प्रतिशोध ले सकें। ऐसा ही हुआ... उस वीरपुत्र का नाम था सातकर्णी...
राजा बनने के बाद 16 वर्ष तक चुपचाप शांति से राजपाठ चलाते हुए अपनी सैनिक शक्ति बढ़ाता रहा, पहला आक्रमण पूना पर किया, उसके अगले वर्ष तो सारे महाराष्ट्र को ही उन्होंने अपने नियंत्रण में ले लिया।
अब बारी थी कच्छ भरूच के विदेशी शक शासक नेहपान की। 2 वर्ष तक सातकर्णी नेहपान को घेरकर बैठा रहा, 2 वर्ष के कड़े संघर्ष के बाद नेहपान का वध कर अपने पिता की हत्या का प्रतिशोध लिया।
सातकर्णी इतना महान राजा था की इतिहास के लेखों में उन्हें "पोरजन निविसेस सम दुःख सुखस" लिखा मिलता है।
अर्थात सातकर्णी ऐसा राजा था, जिसका स्वयं का कोई सुख दुख नही था, इस सन्यासी प्रवृत्ति के राजा के लिए प्रजा का सुख ही स्वयं का सुख, और प्रजा का दुख ही, स्वयं का दुःख था।
सनातन धर्मशास्त्रों में जो कर प्रणाली है, उसी प्रणाली के हिसाब से सातकर्णी जनता से टैक्स वसूलते थे। बड़े से बड़े शत्रु को भी प्राणदंड देने में सातकर्णी को रुचि नही थी, क्षमा ही सातकर्णी का स्वभाव था।
सातकर्णी के घोड़ो ने तीनों समुद्रों का जलपान किया था। इतिहास में त्रिसमुद्रतोयपीतवाहन का जिक्र सातकर्णी की शक्ति के सम्बंध में आया है।
धर्म शास्त्रों में 4 समुद्रों की चर्चा होती है, उसी आधार पर देखें, तो विश्व की 75% भूमि का राजा अकेला सातकर्णी था।
उस समय मान्यता थी कि विधवा स्त्री शुभ नही मानी जाती, लेकिन सातकर्णी ने कहा की माँ सदैव शुभ होती है, मेरे नाम से पूर्व आज से मेरी माँ का नाम लगेगा, आज से मुझे गौतमी देवी के पुत्र "गौतमीपुत्र सातकर्णी" के नाम से जाना जाएं।
गौतमीपुत्र सातकर्णी का समयकाल ईसा के 100 से 200 साल बाद का माना जाता है।

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🌹मेरे मन में राम, मेरे तन मे राम 🌹
🌹मेरे रोम रोम में जय श्री राम 🌹
🌹प्रभु श्री सीता राम आप सभी भक्त मित्रो पर सुख शांति का आशीर्वाद हमेसा बनाये रखने की कृपा करे। 🌹
🌹जय श्री राम🌹
🙏🙏🙏🙏🙏

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Prime Minister Shri Narendra Modi's Public Programmes in Andhra Pradesh and Kerala on 16th January 2024.

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