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🌹 प्रभु श्री राम भक्त हनुमान जी 🌹
‼️ने.. ये तीन काम छोड़े..👇‼️
🚩 हनुमान जी को भगवान सदा अपने पास बैठाते हैं, क्योंकि हनुमान जी ने तीन काम किए..!!
माना जाता है कि जो जातक यह तीन कार्य कर लेता है, भगवान उसका साथ कभी नहीं छोड़ते, हमेशा उसपर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
1. हनुमान जी ने नाम छोड़ा‼️
हनुमान जी ने अपना कोई नाम नहीं रखा। हनुमान जी के जितने भी नाम हैं, सभी उनके कार्यों के कारण पड़े हैं। एक दिन जब हनुमान जी से पूछा तो कि आपने अपना कोई नाम क्यों नहीं रखा तो हनुमान जी बोले, नाम तो दो ही सुंदर हैं राम और कृष्ण। विभीषण जी के पास जब हनुमान जी गए तो विभीषण जी बोले, आपने भगवान की इतनी सुंदर कथा सुनाई, आप अपना नाम तो बताइये। हनुमान जी बोले,
🌼 प्रात लेई जो नाम हमारा ,🌺
🌷 तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा।🌻
अर्थात प्रात: काल हमारा नाम जो लेता है, उस दिन उसे आहार तक नहीं मिलता। हनुमान जी ने नाम छोड़ा और हम नाम के पीछे ही मरे जाते हैं।
2. हनुमान जी ने रूप छोड़ा‼️
हनुमान जी बंदर का रूप लेकर आये! हनुमान जी से किसी ने पूछा, आप रूप बिगाड़कर क्यों आये तो हनुमान जी बोले यदि मैं रूपवान हो गया तो भगवान पीछे रह जाएंगे। इस पर भगवान बोले, चिंता मत करो हनुमान मेरे नाम से ज्यादा तुम्हारा नाम होगा और ऐसा हुआ भी राम के दरबार में पहला दर्शन हनुमान का ही होता है। (राम द्वारे तुम रखवाले)।
3. हनुमान जी ने यश छोड़ा‼️
एक बार भगवान वानरों के बीच में बैठे थे, सोचने लगे हनुमान तो अपने मुख से स्वयं कहेंगे नहीं, इसलिए हनुमान की बड़ाई करते हुए बोले, हनुमान तुमने इतना बड़ा सागर लांघा जिसे कोई नहीं लांघ सका।
हनुमान जी बोले.. प्रभु इसमें मेरी क्या बिसात... आपके नाम की मुंदरी ने पार लगवा दिया।
🙏 प्रभु मुद्रिका मेल मुख माही... 🌹
भगवान बोले, अच्छा हनुमान चलो मेरी नाम की मुंदरी ने उस पार लगाया फिर जब तुम लौटे तब तो मुंदरी जानकी को दे आए थे फिर लौटते में किसने पार लगाया? इस पर हनुमान जी बोले, प्रभु आपकी कृपा ने (मुंदरी) ने उस पार किया और माता सीता की कृपा (चूड़ामणि) ने इस पार किया। भगवान ने मुस्कराते हुए पूछा, और लंका कैसे जली ?
हनुमान जी बोले...👇
लंका को जलाया.. आपके प्रताप ने...।
लंका को जलाया रावण के पाप ने...।
लंका को जलाया मां जानकी के श्राप ने...।
भगवान ने मुस्कराते हुए घोषणा की...
हे हनुमान... तुमने यश छोड़ा है... इसलिए न जाने तुम्हारा यश कौन-कौन गाएगा..।।
🌹 नासे रोग हरे सब पीरा। 🌼
🌺 जपत निरंतर हनुमत बलबीरा।।🌹
👏🌺 श्री राम जय राम जय जय राम।🌺 👏

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🙏🙏 कहेहु दंडवत प्रभु सै तुम्हहि कहउ कर जोरि। बार बार रघुनायकहि सुरति कराएहु मोरि।।🙏🙏

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बरसाती बारिश में करें श्री दरबार साहिब के दिव्य दर्शन
वाहेगुरु लिख कर अपनी हाजरी जरूर लगाए

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बरसाती बारिश में करें श्री दरबार साहिब के दिव्य दर्शन
वाहेगुरु लिख कर अपनी हाजरी जरूर लगाए

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बरसाती बारिश में करें श्री दरबार साहिब के दिव्य दर्शन
वाहेगुरु लिख कर अपनी हाजरी जरूर लगाए

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Case 1..पहले मैं बहुत ही नाटे कद का था फिर मेने #होरलिक्स और #बूस्ट मिल्क पाऊडर का विज्ञापन देख कर उसे पीना शुरू किया, अब मैं बैठे बैठे ही खड़े ऊँट की चुम्मी ले लेता हूं।🤣
Case 2. एक बारात मे अचानक से शार्ट सर्किट होने से अधेरा छा जाता है, बाराती और घराती दोनों परेशान फिर किसी ने #orbit_chwingum चबाकर दाँत दिखाए तो LED लाइट से अधिक प्रकाश हुआ, फिर क्या सेकड़ो लोगो को खम्बो के ऊपर मुँह मे orbit chwingum देकर खड़ा कर दिया और बारात मे पहले जैसा प्रकाश छा गया 🤣🤣
Case 3.एक व्यक्ति घंटो से मछलिया पकड़ने का प्रयत्न कर रहा था, पर उसके कांटे मे कोई मछली फस ही नहीं रही थी, तभी एक दूसरा व्यक्ति आता है, अपनी एक छड़ी पर 5-6 जगह #फेविक्विक की 5-6 बूँदे रखी पानी मे छड़ी को डाला और 2 सेकंड मे 5-6 मछलीया उसकी छड़ी मे चिपक गई, पहला व्यक्ति फुल अचम्भे मे 🤣🤣🤣
Case 4.पहले भारत मे कमर दर्द होना आम बात थी, लेकिन जैसे ही लोगो ने moove लगाना शुरू किया, कमर दर्द भारत छोड़कर चला गया 🤣🤣🤣🤣
Case 5.पहले मै स्वयं को साँवला समझता था, फिर मेने #फेयरहैंडसम क्रीम लगाना आरम्भ किया, अब मुझे देखकर लोगो की आंखे बंद होने लगती है इतना गोरा हो गया हूँ 🤣🤣🤣🤣🤣
उपरोक्त उदाहरण केवल कुछ एक उदाहरण है, जिनको देखकर मिया लार्ड को कुछ भ्रामक नहीं लगा परन्तु जैसे ही #बाबा_रामदेव ने कहा के अश्वगंधा को दूध के साथ लेने से वजन बढ़ाया जा सकता है, एलोवेरा, गिलोय का जूस बेहतरीन इम्युनिटी बूस्टर है आदि , बात भ्रामक लगने लगी
माननीयों को इनसे कोई प्रॉब्लम नही बस बाबा रामदेव और #पतंजलि से है, भारतीय चिकित्सा पद्धति से है, #योग से है #आयुर्वेद से है 🤷‍♂️
अरे अपनी कोई इज्जत नहीं तो कम से कम भारतीय न्याय प्रणाली की इज्जत का तो ख्याल रख लेते,
विदेशी ड्रग माफियाओ के इतना भी क्या प्रेम जो जनता व राष्ट्र के हित अहित को भूले पड़े हो
जज साहब जिस दिन से बिज्ञापन बनने आरम्भ हुए है 99% भ्रामक ही होते है, आपकी आँखे अब खुली है क्या,🤔
वो भी बाबा के #भगवे चोले की चमक से या विदेशी सिक्कों की खनक से.......?
ये सवाल इसलिए खड़ा होता है, के न्याय का मतलब होता है सबको समान देखना लेकिन आपके इस कृत्य मे पक्षपात दिख रहा है,

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कांग्रेस को बड़ा झटका !
संतोख चौधरी का परिवार भाजपा में शामिल !

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भगवान राम के लिये केवट कि अभिव्यक्ति सबसे सुंदर थी।
नाथ आज मैं काह न पावा।
राम इस तरह से व्याप्त है।
सगुण, निर्गुण, द्वैत , अद्वैत सभी में राम है।
जब भी ज्ञानियों के लिये यह दुष्कर हुआ कि वह कैसे ईश्वर को परिभाषित करें, तो उन्होंने राम कह दिया।
भक्त जब भी अपने भाव में विव्हल हुये तो राम कह दिया।
राम इतने सरल , सुगम है कि सब ने उन्हें अपना लिया।
किसी ने कहा मेरे राम,
किसी ने कहा हे राम,
किसी ने कहा सबके राम,
किसी ने कहा अपने अपने राम,
किसी ने कहा राम ही ब्रह्म है।
जब धर्म को लेकर धर्म का संकट खड़ा हुआ।
जब जीवन मूल्यों के प्रति वाद विवाद हुआ।
जब भी शास्त्रों में मतैक्य पैदा हुये।
तब 'राम ' ही मानदंड बनकर समाधान दिये।
योगेश्वर भगवान कृष्ण युद्धभूमि धर्मज्ञ लोगों के बीच कहते है, क्या मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम ने ऐसा नहीं किया था।
युधिष्ठिर, अपने भाईयों से कहते है। भगवान राम भी तो वन को गये थे।
आम्रपाली, भगवान बुद्ध से कहती है कि मर्यादापुरुषोत्तम राम ने अहिल्या का उद्धार नहीं किया था।
वह कौन है, इस पवित्र भूमि पर पैदा हुआ महात्मा, साधु, ऋषि, कवि जिन्होंने राम कि महिमा का वर्णन न किया हो।
डॉ राममनोहर लोहिया कहते थे कि राम के आदर्श के बिना भारत जीवित नहीं रह सकता है।
अटल विहारी वाजपेयी संसद में अपने भाषण के अंत मे कहते है कि भगवान राम ने कहा था मैं मृत्यु को स्वीकार कर लूँगा, लेकिन अपकृति स्वीकार नहीं कर सकता।
हम अपने दोषों, कमियों के साथ उस छत्रछाया में सुरक्षित रहते है। जो मर्यादापुरुषोत्तम द्वारा बनी है।
एक चाय कि दुकान पर बैठा झाड़ू लगाने वाला व्यक्ति कह रहा था।
जब कोई अन्य धर्म का व्यक्ति कहता है।तुम बोलते तो राम राम हो लेकिन राम जैसी मर्यादा भी है।
मैं भावुक हो जाता हूँ कि हमारे राम ऐसे ही कि उनकी प्रंशसा अन्य धर्म के लोग भी करते है। क्या ज्ञानी, क्या अनपढ़ राम सबके एक जैसे है।
उच्चतम न्यायालय राममंदिर कि सुनवाई के आरंभ में कहता है कि आप सभी पक्ष जब अपने तर्क रखें तो ध्यान रखें कि भगवान राम कि मर्यादा पर आँच न आये। यह भारत के लोगों कि भावनाओं पर आघात होगा।
हम अपने श्रेष्ठतम प्रयास को भी कहते है।
यह मेरा गिलहरी जैसा प्रयास है। अर्थात यह राम के चरणों में समर्पित है।।

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हमारे लैब का मैनेजमेंट किस नेता से प्रभावित है।😊

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