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कैमूर जिला, बिहार के मध्य में स्थित एक महत्वपूर्ण ज़िला है. यह उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों को जोड़ता है. कैमूर ज़िले की स्थापना 17 मार्च, 1991 को हुई थी. तब इसे रोहतास ज़िले से अलग कर दिया गया था. 1994 तक इसे भभुआ ज़िला कहा जाता था. भभुआ के पास मुंडेश्वरी मंदिर में एक शिलालेख में राजा उदयसेन को क्षेत्र का शासक प्रमुख बताया गया है.
कैमूर का इतिहास पुराना और दिलचस्प है. छठी शताब्दी ईसा पूर्व से पांचवीं शताब्दी ईस्वी तक यह मगध के मौर्य और गुप्त शासकों के अधीन था. सातवीं शताब्दी में यह ज़िला कन्नौज के शासक हर्षवर्द्धन के नियंत्रण में आ गया. इतिहासकार सी. मार्क के मुताबिक, इस क्षेत्र पर शासन करने वाले पहले शासक पाल वंश के थे. उनके बाद चन्दौली का यहां शासन रहा और बारहवीं शताब्दी में ताराचंदी ने कैमूर ज़िले पर राज किया.
कैमूर ज़िले में मानव निवास का सबसे पहला प्रमाण लेहड़ा जंगल में पाए जाने वाले शैल चित्रों से मिलता है. ये शैल चित्र करीब 20,000 साल पुराने हैं. कुछ किंवदंतियों के मुताबिक, खरवार रोहतास के पहाड़ी इलाकों में मूल बसने वाले थे ।
अभिषेक बच्चन ने हाल में अपने एक इंटरव्यू में चौंका देने वाला खुलासा किया है. एक्टर ने बताया कि अमिताभ बच्चन के बेटे होने के बावजूद कोई भी फिल्म निर्माता-निर्देशक उन्हें लॉन्च करने का रिस्क नहीं उठाना चाहता था. यहां तक कि स्टारकिड के पिता ने भी उनकी पहली फिल्म को प्रोड्यूस करने से साफ इनकार कर दिया था. आखिर ऐसी क्या वजह थी कि अमिताभ बच्चन ने बेटे की फिल्म पर पैसे लगाने से मना कर दिया था.