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सेवा भारती, काशी प्रान्त द्वारा काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एम्फीथिएटर में 'जाणता राजा' महानाट्य का पहले दिन पहले शो को देखना अत्यन्त रोमांचकारी रहा।
'छत्रपति शिवाजी महाराज', यह नाम सुनते ही भुजाएं फड़कने लगती हैं, छाती चौड़ी हो जाती है, रोएं खड़े हो जाते हैं, मन में राष्ट्रभक्ति का ज्वार उमड़ने लगता है।
उनकी जीवन-गाथा के माध्यम से समस्त जनमानस में राष्ट्र के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव जागृत करना, अपनी संस्कृति, संस्कार एवं अपने गौरवशाली इतिहास को सभी तक पहुँचाना इस महानाट्य के मंचन का उद्देश्य है।
आप सभी से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में एम्फीथिएटर पहुंचकर इस महानाट्य को अवश्य देखें, और हां, बच्चों को अवश्य दिखाएं।

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सेवा भारती, काशी प्रान्त द्वारा काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एम्फीथिएटर में 'जाणता राजा' महानाट्य का पहले दिन पहले शो को देखना अत्यन्त रोमांचकारी रहा।
'छत्रपति शिवाजी महाराज', यह नाम सुनते ही भुजाएं फड़कने लगती हैं, छाती चौड़ी हो जाती है, रोएं खड़े हो जाते हैं, मन में राष्ट्रभक्ति का ज्वार उमड़ने लगता है।
उनकी जीवन-गाथा के माध्यम से समस्त जनमानस में राष्ट्र के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव जागृत करना, अपनी संस्कृति, संस्कार एवं अपने गौरवशाली इतिहास को सभी तक पहुँचाना इस महानाट्य के मंचन का उद्देश्य है।
आप सभी से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में एम्फीथिएटर पहुंचकर इस महानाट्य को अवश्य देखें, और हां, बच्चों को अवश्य दिखाएं।

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सेवा भारती, काशी प्रान्त द्वारा काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एम्फीथिएटर में 'जाणता राजा' महानाट्य का पहले दिन पहले शो को देखना अत्यन्त रोमांचकारी रहा।
'छत्रपति शिवाजी महाराज', यह नाम सुनते ही भुजाएं फड़कने लगती हैं, छाती चौड़ी हो जाती है, रोएं खड़े हो जाते हैं, मन में राष्ट्रभक्ति का ज्वार उमड़ने लगता है।
उनकी जीवन-गाथा के माध्यम से समस्त जनमानस में राष्ट्र के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव जागृत करना, अपनी संस्कृति, संस्कार एवं अपने गौरवशाली इतिहास को सभी तक पहुँचाना इस महानाट्य के मंचन का उद्देश्य है।
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आज बुधवार २२ नवंबर २०२३ की श्री सुन्दरकाण्ड की पावन चौपाई🙏🚩
रावण विभीषण संवाद जारी है उसी क्रम में विभीषण भांति भांति प्रकार से रावण को समझाते हुए कहते हैं कि हे नाथ ! राम सिर्फ मनुष्यों के ही राजा नही है...वे तो समस्त लोकों के स्वामी हैं और कालो के भी काल हैं...वह तो भगवान है जोकि संपूर्ण ऐश्वर्य,यश,श्री,धर्म,वैराग्य एवं ज्ञान के भंडार है..वह निरामय अर्थात् सभी प्रकार के विकारों से रहित हैं...वह तो अजन्मे,व्यापक,अजेय,अनादि एवं अनंत ब्रह्म हैं,प्रभु की अनंत महिमा का वर्णन🙏🚩
जय हो प्रभु 🙏🚩
जय हो गोस्वामी जी महाराज की🙏🚩

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