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उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने पति की निर्मम हत्या कर दी। यह घटना पुवायां थाना क्षेत्र के बटपुरा चंदू गांव की है।
मृतक बलराम की शादी 12 साल पहले पूजा से हुई थी। आरोप है कि पूजा का अपने ही भांजे आदेश से पिछले दो साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिसको लेकर पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़ा होता था। गांव वालों ने कई बार समझौता कराया, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।
बुधवार रात पूजा ने अपने प्रेमी और दो अन्य युवकों को घर बुलाया। आरोप है कि मासूम बच्चों के सामने ही चारों ने मिलकर बलराम का चाकू से गला काट दिया। घटना के बाद पूजा कई घंटे तक शव के पास बैठी रही और सुबह देवर के आने पर रोने का नाटक करने लगी।
सबसे चौंकाने वाला बयान 5 साल के बेटे पवन का है, जिसने पुलिस को बताया कि रात में “तीन अंकल आए थे” और मां के साथ मिलकर पापा को मार डाला।
पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में ले लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना के बाद बलराम की बुजुर्ग मां और चार मासूम बच्चे बेसहारा हो गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
बिहार के सासाराम में गुरुवार को रमेश कुमार नामक एक दिव्यांग व्यक्ति सड़क पर हाथों के सहारे रेंगते हुए जा रहे थे. मीडिया के माध्यम से जब इसकी सूचना जिला दिव्यांग सशक्तिकरण कोषांग के सहायक निदेशक आफताब करीम को मिली, तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे. अधिकारी ने रमेश को देखकर भावुक होते हुए उन्हें अपनी सरकारी गाड़ी की अगली सीट पर बैठाया और सीधे सदर अस्पताल ले गए.
अस्पताल में उन्होंने रमेश की चिकित्सकीय जांच करवाई और तुरंत उसी समय दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनवा दिया. सहायक निदेशक आफताब करीम ने रमेश को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर उन्हें ट्राई-साइकिल समेत अन्य जरूरी सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे. इस मानवीय पहल की चारों ओर सराहना हो रही है.